वट सावित्री के दिन करें 7 महाउपाय, जन्मो-जन्म के पाप से मिलेगी मुक्ति

Vat Savitri Vrat 2024: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वट सावित्री व्रत के दिन कुछ ऐसे उपाय होते हैं जिन्हें करने से जन्मो-जन्म का पाप मिट सकता है। साथ ही भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और शनि देव का भी आशीर्वाद मिलेगा। तो आइए उन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Vat Savitri Vrat 2024
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Vat Savitri Vrat 2024: वैदिक पंचांग के अनुसार, वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि के दिन मनाया जाता है। इस साल वट सावित्री का व्रत 6 जून 2024 दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। साथ ही इस दिन ज्येष्ठ अमावस्या के साथ शनि जयंती भी मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 6 जून का दिन बहुत ही विशेष दिन है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाएगी। ज्योतिष शास्त्र में वट सावित्री के दिन कुछ उपाय बताए गए हैं जिन्हें करने से पति के उम्र में वृद्धि होती है। साथ ही वैवाहिक जीवन खुशहाल रहता है। तो आइए उन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

खुशहाल जीवन के लिए करें ये 7 उपाय

1. वट सावित्री के दिन काली गाय, जिस पर कोई दूसरा निशान हो, का पूजा करें। साथ ही बूंदी के 8 लड्डू खिलाकर गौ माता की परिक्रमा करें। साथ ही गाय की पूंछ को अपने सिर 8 बार झाड़ दें। मान्यता है ऐसा करने से जीवन खुशहाल रहता है। साथ ही सारी परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है।

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2. यदि आप बुरी नजर से बचना चाहते हैं तो काला सुरमा लेकर सुनसान स्थान में जाकर एक फुट गड्ढा खोदकर गाड़ दें। मान्यता है कि ऐसा करने से काली नजर दूर हो जाती है।

3. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वट सावित्री और शनि जयंती के दिन काले कुत्ते को रोटी खिलाएं। मान्यता है कि इस दिन काले कुत्ते को रोटी खिलाने से शनि देव का आशीर्वाद मिलता है। घर में सुख-शांति आती है।

4. वट सावित्री और शनि जयंती के दिन 800 ग्राम तिल और 800 ग्राम सरसों का तेल का दान करें। साथ ही काले कपड़े और नीलम का भी दान सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से सारी परेशानियां दूर हा जाएंगी।

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5. वट सावित्री के दिन हनुमान चालीसा की चौपाई पढ़ते हुए वट वृक्ष की परिक्रमा करें। मान्यता है कि ऐसा करने से शनि देव और हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है।

6. पंचांग के अनुसार, वट सावित्री के दिन शनि जयंती का भी पर्व पड़ रहा है। इसलिए इस दिन शनि यंत्र धारण करें। साथ ही काले घोड़े की नाल या नाव की कील का छल्ला उंगली में धारण कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से कुंडली में शनि का अशुभ प्रभाव कम होता है।

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7. वट सावित्री के दिन 11 पानी वाले नारियल, 400 ग्राम सफेद और काली तिल, 8 मुट्ठी कोयला, 8 मुट्ठी जौ, 8 मुट्ठी काले चने, 9 कील, नए काले कपड़े में बांधकर शाम होने से पहले अपने सिर के ऊपर वार करके साफ नदी में प्रवाहित करें। ऐसा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त हो सकती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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