---विज्ञापन---

Religion angle-right

Chanakya Niti: 21 साल के बाद न करें ये 3 गलतियां, आचार्य चाणक्य से जानें परेशानी और गरीबी से बचने का सूत्र

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने युवावस्था को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दौर बताया है, वे कहते हैं 21 वर्ष के बाद 3 गलतियां करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस उम्र के बाद लिया गया हर फैसला भविष्य को प्रभावित करता है. आइए जानते हैं, क्या हैं ये गलतियां?

---विज्ञापन---

Chanakya Niti: जीवन की सही दिशा अक्सर छोटी-छोटी आदतों से तय होती है. प्राचीन भारत के महान विद्वान और नीति शास्त्र के ज्ञाता आचार्य चाणक्य ने युवावस्था को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दौर बताया है. उनका मानना था कि 21 वर्ष के बाद लिया गया हर फैसला भविष्य को प्रभावित करता है. इसलिए उन्होंने युवाओं को 3 ऐसी गलतियों से बचने की सलाह दी, जो आगे चलकर परेशानियां और आर्थिक कठिनाई पैदा कर सकती हैं. आइए जानते हैं, क्या हैं ये गलतियां?

समय की बर्बादी से बचें

आचार्य चाणक्य के अनुसार, 21 साल के बाद समय सबसे बड़ी पूंजी बन जाता है. यह वह उम्र होती है जब व्यक्ति अपने करियर, शिक्षा और भविष्य की नींव रखता है. यदि इस दौर में समय को हल्के में लिया जाए तो आगे चलकर अवसर हाथ से निकल सकते हैं.

---विज्ञापन---

जो लोग समय को बिना योजना के खर्च करते हैं, वे अक्सर बाद में पछताते हैं. इसलिए युवाओं को अपनी दिनचर्या तय करनी चाहिए. पढ़ाई, कौशल सीखने और अनुभव हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए. समय का सही उपयोग ही व्यक्ति को सफलता की ओर ले जाता है.

आलस से दूर रहना जरूरी

चाणक्य नीति में आलस को सबसे बड़ी कमजोरी माना गया है. उनके अनुसार जो व्यक्ति काम टालता है या मेहनत से बचता है, वह धीरे-धीरे पीछे रह जाता है. जीवन में आगे बढ़ने के लिए सक्रियता और मेहनत जरूरी है.

---विज्ञापन---

युवावस्था ऊर्जा से भरा समय होता है. अगर इस समय शरीर और मन को सुस्ती की आदत पड़ जाए तो लक्ष्य हासिल करना कठिन हो जाता है. इसलिए नियमित दिनचर्या, व्यायाम और अनुशासन अपनाना जरूरी माना गया है. इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास भी बढ़ता है.

यह भी पढ़ें: Ank Jyotish: इस मूलांक के लोगों के साहस के आगे शेर भी है फीका, बनते हैं गजब के ‘लीडर’

---विज्ञापन---

धन का सोच-समझकर उपयोग करें

आचार्य चाणक्य ने धन प्रबंधन को भी जीवन की अहम कला बताया है. उनका कहना था कि 21 साल के बाद व्यक्ति को खर्च और बचत का संतुलन समझना चाहिए. बिना सोचे-समझे खर्च करने की आदत भविष्य में आर्थिक परेशानी पैदा कर सकती है.

धन केवल वर्तमान जरूरतों के लिए ही नहीं होता. यह कठिन समय में सहारा भी बनता है. इसलिए आय का एक हिस्सा बचाने की आदत डालना जरूरी है. आज के दौर में निवेश, बचत योजना और बजट बनाना युवाओं के लिए उपयोगी कदम माने जाते हैं.

---विज्ञापन---

युवावस्था में बनती है भविष्य की नींव

चाणक्य नीति का यह संदेश आज भी प्रासंगिक माना जाता है. समय की कद्र करना, मेहनती बने रहना और धन का सही उपयोग करना ऐसे सिद्धांत हैं जो किसी भी व्यक्ति को संतुलित और सुरक्षित जीवन की ओर ले जा सकते हैं. युवावस्था में अपनाई गई सही आदतें ही आगे के जीवन को स्थिर और मजबूत बनाती हैं.

यह भी पढ़ें: Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी में क्यों खाते हैं बासी भोजन? जानें इसके पीछे का प्राचीन विज्ञान और धार्मिक मान्यताएं

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 10, 2026 10:46 AM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola