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Puja Path Niyam: क्यों अशुभ है पूजा के दौरान दीपक का बुझना? क्या बुझी हुई बाती को फिर से जलाएं या नहीं

Puja Path Niyam: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ से जुड़ी कई नियम हैं. पूजा के दौरान मिलने वाले कई संकेतों को अशुभ माना जाता है. आइये इसके बारे में जानते हैं.

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Puja Path Niyam: हिंदू धर्म में पूजा के दौरान दीप प्रज्वलन किया जाता है. दीपक जलाने को हिंदू संस्कृति में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानते हैं. किसी भी देवी-देवता की पूजा से पहले दीपक अवश्य जलाते हैं. ऐसा माना जाता है कि, पूजा के दौरान दीपक जलाने से एकाग्रता बढ़ती है. कई बार पूजा के दौरान दीपक बुझ जाता है. दीपक का बुझना अशुभ माना जाता है. दीपक के बुझने को अपशकुन क्यों मानते हैं और इससे क्या संकेत मिलते हैं. आइये जानते हैं.

क्यों अशुभ है दीपक का बुझना?

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक का बुझना अशुभ मानते हैं. अगर पूजा के दौरान अचानक दीपक बुझ जाता है, तो यह भगवान के नाराज होने का संकेत माना जाता है. यह जीवन में बाधाओं के आने और पूजा में एकाग्रता की कमी होने की ओर इशारा करता है. हालांकि, सामान्य तौर पर दीपक का बुझना लापरवाही और महज संयोग माना जाता है. इसको लेकर परंपरा से जुड़े विश्वास और सामान्य मत अलग-अलग हैं.

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दीपक बुझने से मिलते हैं कई संकेत

काम में बाधा – अगर पूजा के दौरान दीपक बुझ जाता है, तो यह अशुभ होता है. इसका अर्थ है कि, आपको भविष्य में काम में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है.

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ध्यान का भटकना – दीपक का बुझना पूजा के दौरान एकाग्रता की कमी और ध्यान के भटकने का संकेत होता है. आपको पूजा के दौरान एकाग्र रहना चाहिए.

नकारात्मक ऊर्जा – अगर आसपास नकारात्मक ऊर्जा होती है या वास्तु दोष होता है, इसके कारण भी दीपक बुझ सकता है. कई बार दीपक बुझना देवताओं के नाराज होने का संकेत होता है.

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पितरों की नाराजगी – कई लोग दीपक के बुझने को पितरों की नाराजगी से जोड़कर देखते हैं. अगर पूजा के दौरान दीपक बुझ जाता है, तो भगवान और इष्ट देव से क्षमा प्रार्थना करनी चाहिए.

क्या फिर से जलाएं बुझी हुई बाती?

पूजा के दौरान दीपक के बुझ जाने पर इसे फिर से जला सकते हैं. हालांकि, जली हुई बाती को दोबारा जलाने से परहेज करना चाहिए. आप दीपक को फिर से जलाने से पहले दीपक के तेल या घी की मात्रा को देख लें. अगर बाती छोटी या मोटी हो तो इसे फिर से सही से बनाएं. इसके बाद इष्ट देव से माफी मांगने के बाद दीपक जला सकते हैं. दीपक जलाने के दौरान दीप प्रज्वलन मंत्र का जाप करना चाहिए.

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‘शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदाम्।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥’

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Aug 14, 2026 01:24 PM

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