हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Nana PatekarGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Home Vastu Tips: घर की यह दिशा मानी जाती है सबसे अशुभ, इस कोने में भूलकर भी न लगाएं पौधे

Home Vastu Tips: क्या आप जानते हैं घर की सबसे अशुभ दिशा कौन-सी है? आइए जानते हैं कि इस दिशा में क्या रख सकते हैं और क्या नहीं? जानिए क्यों इस कोने में पौधे लगाने या गलत निर्माण करने से बढ़ती है नकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक परेशानियां?

विज्ञापन

Home Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर की हर दिशा का अपना महत्व होता है. इनमें से दक्षिण-पश्चिम दिशा, जिसे ‘नैऋत्य दिशा’ भी कहा जाता है, घर के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है. गलत तरीके से इस दिशा का उपयोग करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और आर्थिक या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आ सकती हैं. आइए जानते हैं, इस कोने में पेड़-पौधे क्यों नहीं लगाने चाहिए और कौन-से काम नहीं करने चाहिए?

दक्षिण-पश्चिम दिशा में पौधे रखना क्यों है अशुभ?

दक्षिण-पश्चिम कोने में पौधे रखना वास्तु अनुसार अशुभ माना जाता है. ऐसा करने से घर में आर्थिक तंगी या स्थिरता की कमी हो सकती है. यहाँ भारी, हरे या कांटेदार पौधे रखने से ऊर्जा असंतुलित होती है. यदि आप हरियाली रखना चाहते हैं, तो छोटे पॉट और घर के अन्य कोनों जैसे पूर्व या ईशान कोण में पौधे रखें.

खिड़की और दरवाजे की स्थिति

दक्षिण-पश्चिम दिशा में खिड़की और दरवाजा बिल्कुल नहीं होना चाहिए. खुला कोना नकारात्मक ऊर्जा के लिए रास्ता बना सकता है. यदि दरवाजा या खिड़की बनवाना यदि बेहद जरूरी है, तो हनुमान जी की मूर्ति वहां रखें और उनकी दृष्टि दक्षिण की ओर रखें. यह राहु और नकारात्मक प्रभाव को शांत करता है.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें: Gemstones for Money: जातक को धन लाभ की गारंटी देते हैं ये 10 रत्न, धारण करते ही कर्ज से तुरंत मिलती है मुक्ति

दक्षिण-पश्चिम कोने में क्या बनाएं?

  • स्टोर रूम: इस कोने में भारी सामान रखने से स्थिरता और सुरक्षा बनी रहती है.
  • गृहस्वामी का कमरा: घर के मालिक का कमरा दक्षिण-पश्चिम में होने से परिवार में नेतृत्व और सम्मान बढ़ता है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस कोने को हमेशा भरा और व्यवस्थित रखना चाहिए, क्योंकि खाली कोना नकारात्मक ऊर्जा पैदा करता है.

विज्ञापन

इस कोने में न बनवाएं ये चीजें

शौचालय: दक्षिण-पश्चिम में शौचालय या बाथरूम बनवाने से पितृ दोष और नकारात्मक प्रभाव बढ़ते हैं.

मंदिर: इस दिशा में मंदिर बनाने से बचें; ईश्वरीय ऊर्जा मुख्य रूप से ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व से प्रवेश करती है.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें: Tulsi Vastu Tips: तुलसी के पास गलती से भी न लगाएं ये पौधे, वरना रुक जाएगी बरकत; हमेशा रहेंगे परेशान

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola