'66 मिनट में हेलीकॉप्टर क्रैश', क्यों जानलेवा साबित हुआ उत्तराखंड बद्रीनाथ-देहरादून रूट? हवा में पेश आईं मुश्किलें
करीब 2:20 बजे चाई गांव के आसपास रहने वाले लोगों ने तेज आवाज सुनने और पहाड़ी से धुआं उठने की सूचना दी. बाद में हेलीकॉप्टर का मलबा जेपी पावर हाउस के पास पहाड़ी ढलान पर मिला. यह इलाका हाथी पर्वत के पीछे स्थित है.
करीब 1:30 बजे जोशीमठ घाटी के आसपास हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया. (Photo: PTI)
उत्तराखंड के बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा एक हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर करीब 66 मिनट के सफर के बाद हादसे का शिकार हो गया. जोशीमठ के पास हाथी पर्वत क्षेत्र में पहाड़ी से टकराकर हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में पायलट समेत 6 लोगों की मौत हो गई. हेलीकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन का था और जिसमें कर्नाटक के पांच यात्री सवार थे. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उड़ान के दौरान मौसम में अचानक बदलाव और खराब विजिबिलिटी ने मुश्किलें बढ़ा दी थीं.
विज्ञापन
टेकऑफ के करीब 16 मिनट बाद टूटा संपर्क
हेलीकॉप्टर का कॉल साइन VT-HCX था. पायलट ने 5 यात्रियों के साथ दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर बद्रीनाथ हेलीपैड से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपोर्ट के लिए उड़ान भरी थी. करीब 1:30 बजे जोशीमठ घाटी के आसपास हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया. इसके ट्रैकिंग सिस्टम से सिग्नल मिलने बंद हो गए और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से रेडियो संपर्क भी खत्म हो गया.
विज्ञापन
करीब 2:20 बजे चाई गांव के आसपास रहने वाले लोगों ने तेज आवाज सुनने और पहाड़ी से धुआं उठने की सूचना दी. बाद में हेलीकॉप्टर का मलबा जेपी पावर हाउस के पास पहाड़ी ढलान पर मिला. यह इलाका हाथी पर्वत के पीछे स्थित है.
As per the information received from the Uttarakhand State Emergency Operations Centre (SEOC), a civil helicopter operated by Trans Bharat Aviation, carrying one pilot and five passengers from Karnataka, crashed at approximately 2:00 PM today in the hilly terrain of the Hathi… pic.twitter.com/nfUy3iItys
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के मुताबिक, उड़ान के समय स्थानीय मौसम अनुकूल था और इसी आधार पर हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति मिली थी. हालांकि, जोशीमठ घाटी का मौसम कुछ ही देर में बदल गया. शुरुआती जानकारी में घने बादल, स्थानीय स्तर पर तेज बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की बात सामने आई है. इससे पायलट के लिए रास्ता देख पाना मुश्किल हो गया होगा. हालांकि, हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
विज्ञापन
क्यों खतरनाक है बद्रीनाथ-देहरादून का रास्ता?
बद्रीनाथ से सहस्रधारा का हवाई मार्ग हिमालय की संकरी घाटियों और ऊंचे पहाड़ों से होकर गुजरता है. बद्रीनाथ हेलीपैड करीब 10,300 फीट की ऊंचाई पर है, जबकि देहरादून का सहस्रधारा हेलीपोर्ट लगभग 2,800 फीट पर स्थित है. इस दौरान हेलीकॉप्टर को ऊंचाई में बड़ा बदलाव झेलना पड़ता है. इस मार्ग पर मौसम भी तेजी से बदलता है. घना कोहरा और बादल दृश्यता कम कर देते हैं.