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Religion

Shivratri-Pradosh Vrat 2026 Sanyog: 16 जनवरी को मासिक शिवरात्रि पर बना प्रदोष व्रत का संयोग, इन 5 नियमों को तोड़ने से लगेगा पाप

Masik Shivratri & Pradosh Vrat 2026 Sanyog: साल 2026 में पहली बार 16 जनवरी को मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है, जिस कारण इस दिन का महत्व अपने आप में और बढ़ गया है. चलिए अब जानते हैं मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत के महत्व व नियमों के बारे में.

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Written By: Nidhi Jain Updated: Jan 15, 2026 14:49
Shivratri-Pradosh Vrat 2026 Sanyog
Credit- AI Gemini

Masik Shivratri & Pradosh Vrat 2026 Sanyog: 16 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है क्योंकि इस दिन एक नहीं बल्कि दो महत्वपूर्ण शिव व्रत का संयोग बन रहा है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 16 जनवरी 2026 को माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जिस दिन मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. इसके अलावा शाम में माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ हो रहा है, जिस कारण प्रदोष व्रत भी इसी दिन रखा जा रहा है. 16 जनवरी को वार शुक्रवार है, जिस कारण इस उपवास को शुक्र प्रदोष व्रत कहना ज्यादा उचित होगा.

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की पूजा करने से जीवन में खुशियों का आगमन होता है. साथ ही रोगों और गृह क्लेश से मुक्ति मिलती है. इसके अलावा कुछ लोग मनचाहा जीवनसाथी व वैवाहिक जीवन की परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए ये व्रत रखते हैं. हालांकि, इस दिन कई नियमों का पालन करना जरूरी होता है. चलिए अब जानते हैं मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत के दिन की जाने वाली गलतियों के बारे में.

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मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत के नियम

  • मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत के दिन काले रंग के कपड़े न पहनें. यदि इस दिन आप काले रंग के कपड़े पहनते हैं तो नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होगी, जिस कारण आप बीमार पड़ सकते हैं.
  • अधिकतर लोग शिवलिंग की पूरी परिक्रमा करते हैं, जिसे अशुभ माना जाता है. खासकर, मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत के दिन ये गलती न करें, अन्यथा आपको शिव जी के क्रोध का सामना करना पड़ सकता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिवलिंग की हमेशा आधी परिक्रमा करनी चाहिए.
  • मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत के दिन नकारात्मक चीजों से दूर रहें और ज्यादा से ज्यादा नाम जाप करें.
  • जो लोग इस दिन शुभ व्रत रखेंगे, वो दिनभर ब्रह्मचर्य का पालन करें. इसके अलावा शिव उपासना करने वाले लोगों के लिए भी इस नियम का पालना करना जरूरी है.
  • शिव जी को समर्पित इस पावन दिन दान करना शुभ होता है, लेकिन नुकीली चीजें, टूटी-फूटी चीजें, बासी भोजन, खराब भोजन, झूठा भोजन, नमक, खट्टी चीजें, केतकी के फूल, केवड़े के फूल और तामसिक वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए. इससे न सिर्फ आपको पाप लगेगा, बल्कि शिव जी के क्रोध के कारण खराब सेहत, गृह क्लेश, नकारात्मक ऊर्जा, पैसों की कमी और दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है.

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शिव जी की पूजा का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05:27 से सुबह 06:21
  • अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12:10 से दोपहर 12:52
  • गोधूलि मुहूर्त- शाम 05:44 से शाम 06:11

16 जनवरी 2026 के अशुभ मुहूर्त

  • राहुकाल- सुबह 11:12 से दोपहर 12:31
  • दुर्मुहूर्त- सुबह 09:21 से सुबह 10:03 और दोपहर 12:52 से दोपहर 01:34
  • भद्रा- रात 10:21 से सुबह 07:15

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Jan 15, 2026 02:48 PM

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