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Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जी के ये रहस्य उन्हें बनाते हैं अद्भुत, अजेय और सबसे शक्तिशाली देवता

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जी को संकटमोचन और सबसे शक्तिशाली देवता माना जाता है. उनकी अद्भुत शक्तियां और ज्ञान उन्हें अजेय और अमर बनाते हैं. क्या आप जानते हैं उनके 12 प्रमुख रहस्य क्या हैं, जो उन्हें कलियुग का सबसे शक्तिशाली देवता बनाते हैं?

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Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जी को हिंदू धर्म में संकटमोचन और सबसे शक्तिशाली देवता माना जाता है. उनकी अद्भुत शक्तियों और ज्ञान के पीछे कई रहस्य छिपे हैं, जो उन्हें अजेय और अमर बनाते हैं. हर युग में उनकी उपस्थिति और दिव्यता ने भक्तों को आश्चर्य में डाल दिया है. आइए जानते हैं, हनुमान जी के 12 प्रमुख रहस्य, जो उन्हें कलियुग का सबसे शक्तिशाली देवता बनाते हैं.

रुद्रावतार और विशेष जन्म

हनुमान जी भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार हैं. माता अंजनी और केसरी के घर जन्मे हनुमान जी को पवन देव ने वरदान दिया था. बाल्यकाल में इंद्र के वज्र से उनका हनु टूटा, जिससे उन्हें अद्भुत शक्ति और ‘हनुमान’ नाम मिला.

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अजेय और दिव्य शस्त्र

हनुमान जी को सभी प्रमुख देवताओं से यह वरदान प्राप्त है कि कोई भी शस्त्र उन्हें चोट नहीं पहुँचा सकता. इंद्र का वज्र, यमराज का दंड और ब्रह्मास्त्र भी केवल सीमित समय तक प्रभावी हो सकते हैं.

अष्ट सिद्धियां और नव निधियां

वे आकार बदलने, अत्यंत सूक्ष्म या विशाल होने, हल्का या भारी होने जैसी 8 सिद्धियों में दक्ष हैं. यह क्षमता उन्हें हर परिस्थिति में विजय दिलाती है.

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चिरंजीवी और अमरत्व

सप्त चिरंजीवियों में शामिल हनुमान जी आज भी पृथ्वी पर सशरीर मौजूद हैं. उनका अमरत्व भक्तों के लिए आशीर्वाद और प्रेरणा का स्रोत है.

राम नाम की असीम शक्ति

उनकी शक्ति का असली रहस्य राम नाम की निस्वार्थ भक्ति है. जहां भी राम कथा होती है, हनुमान जी वहां अदृश्य रूप में उपस्थित रहते हैं.

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दिव्य वेग और यात्रा

वायुपुत्र होने के कारण वे पलक झपकते ही दूर-दूर तक यात्रा कर सकते हैं. समुद्र पार करना और पर्वतों को अपने हाथ में उठाना उनकी असाधारण ताकत का प्रमाण है.

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पंचमुखी रूप

अहिरावण का वध करने के लिए उन्होंने पांच मुख वाला दिव्य रूप धारण किया. हर मुख अलग शक्ति और गुण का प्रतीक है.

पूंछ में कुंडलिनी शक्ति

उनकी पूंछ ब्रह्मांडीय ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है. इसे उनके दिव्य नियंत्रण और सुरक्षा शक्ति के लिए माना जाता है.

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सूर्य देव के शिष्य

हनुमान जी ने सूर्य देव से वेद, शास्त्र और संगीत का ज्ञान प्राप्त किया. यही कारण है कि वे केवल योद्धा नहीं, बल्कि विद्वान और संगीतज्ञ भी हैं.

शनि देव पर नियंत्रण

वे शनि देव के प्रभाव से मुक्त हैं. शनि देव ने वचन दिया कि हनुमान जी के भक्तों को कभी परेशान नहीं करेंगे.

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मृत्यु देव यम पर विजय

कथा अनुसार उन्होंने अपने भक्त को बचाने के लिए यमराज को भी पीछे हटने पर मजबूर किया. यह उनकी अद्भुत भक्ति और शक्ति को दर्शाता है.

स्वयं की रामायण

कहा जाता है कि हनुमान जी ने हिमालय की चट्टानों पर रामायण लिखी. बाद में इसे महर्षि वाल्मीकि को समर्पित कर दिया गया था.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Mar 31, 2026 10:47 PM

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About the Author

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.

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