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Religion

Masaan Holi: दुनिया में कहीं और नहीं, बस काशी में होता है अद्भुत ‘मसान होली’, जानें भगवान शिव से जुड़ी इस परंपरा का रहस्य

Masaan Holi: शिव की नगरी काशी की मसान होली रंगों से नहीं, चिता की भस्म से सजी होती है. कहते हैं, भगवान शिव की नगरी का यह आयोजन 'मृत्यु' से जुड़ा है, जिसमें जीवन के उत्सव का संदेश छिपा है. यहां राख उड़ाकर जीवन की नश्वरता और मुक्ति का बोध कराया जाता है. आइए जानते हैं, काशी की मसान होली कब है?

Masaan Holi: दुनिया भर में होली रंग, गुलाल और खुशियों का त्योहार है. लेकिन वाराणसी यानी काशी में एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है, जो इसे सबसे अलग बनाती है. यहां श्मशान घाट पर खेली जाती है ‘मसान होली’. रंगों की जगह चिता की भस्म उड़ाई जाती है. यहां माहौल आध्यात्मिक होता है, रहस्यमय भी. वाकई में अद्भुत है काशी की अनोखी मसान होली, जिसे राख में छिपा जीवन का संदेश माना जाता है. आइए जानते हैं, क्या है भगवान शिव से जुड़ी इस परंपरा का रहस्य?

क्या है पौराणिक मान्यता?

धार्मिक कथा के अनुसार, रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव माता पार्वती का गौना कराकर काशी आए थे. उस दिन देवताओं संग गुलाल से होली खेली गई. लेकिन शिव के गण, जैसे भूत, प्रेत और अघोरी, उस उत्सव में शामिल नहीं हो पाए. कहा जाता है कि अपने इन प्रिय भक्तों को प्रसन्न करने के लिए शिव ने अगले दिन श्मशान में भस्म से होली खेली. तभी से यह परंपरा जारी है.

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कब होता है यह आयोजन?

काशी की मसान होली, होली के मुख्य पर्व से पहले रंगभरी एकादशी के अगले दिन मनाई जाती है. साल 2026 में रंगभरी एकादशी 27 फरवरी को है. इसके अगले दिन 28 फरवरी को मसान होली मनाई जाएगी.

कहां होती राख की यह होली

कहते हैं, सदियों से मसान होली का मुख्य आयोजन दो स्थानों पर होता आया है. पहला, मणिकर्णिका घाट. दूसरा, हरिश्चंद्र घाट. मणिकर्णिका घाट पर महाश्मशान नाथ मंदिर से शुरुआत होती है. यहां विशेष आरती और पूजन के बाद भस्म यानी राख से होली खेली जाती है.

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अनोखा होता है दृश्य

सुबह से ही घाट पर भीड़ जुटने लगती है. डमरू की ध्वनि गूंजती है. हर हर महादेव के जयकारे लगते हैं. एक ओर चिताएं जल रही होती हैं. दूसरी ओर भक्त नृत्य करते हुए एक दूसरे पर राख डालते हैं. यह दृश्य सामान्य होली से बिल्कुल अलग है. यहां उत्सव और विरक्ति साथ दिखाई देते हैं.

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क्या है मसान होली अर्थ?

काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है. यहां मृत्यु को अंत नहीं, बल्कि शिव में लय माना जाता है. मसान होली यही संदेश देती है. यह शरीर नश्वर है. अंत में राख ही बनना है. इसलिए अहंकार और मोह छोड़कर भक्ति का मार्ग अपनाना चाहिए. इस होली में रंग नहीं चलते है. केवल भस्म, बेलपत्र और धतूरा का महत्व होता है. इससे शिव का अघोर स्वरूप यहां प्रत्यक्ष महसूस होता है.

जाने से पहले जरूर जानें ये बात

यह आयोजन पर्यटन से अधिक आध्यात्मिक अनुभव है. यहां अनुशासन जरूरी है. श्मशान की गरिमा बनाए रखना हर आगंतुक की जिम्मेदारी है. आपको बता दें कि मसान होली हर किसी के लिए नहीं. यह उन लोगों के लिए है, जो जीवन और मृत्यु के सत्य को करीब से समझना चाहते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Feb 18, 2026 11:19 AM

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Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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