Swayamvara Parvathi Mantra For Marriage: ये बात तो अधिकतर लोग जानते हैं कि भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तपस्या के दौरान माता पार्वती ने एक शक्तिशाली मंत्र का लगातार कई दिनों तक जाप भी किया था? शिव पुराण के अनुसार, माता पार्वती ने स्वयंवर नामक मंत्र का कई दिनों तक जाप किया था. माना जाता है कि स्वयंवर मंत्र यानी स्वयंवर पार्वती मंत्र में अद्भुत शक्ति है, जिसके निरंतर जाप से विवाह यानी शादी होने में आ रही समस्याएं दूर होती हैं. चलिए अब जानते हैं स्वयंवर मंत्र के महत्व, लिरिक्स और लाभ आदि के बारे में.
स्वयंवर पार्वती मंत्र का महत्व
स्वयंवर मंत्र- ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योग भयंकरि सकल स्थावर जंगमस्य मुख हृदयं मम वशं आकर्षय आकर्षय नमः।।
शिव पुराण के अनुसार, महान ऋषि दुर्वासा ने माता पार्वती को स्वयंवर मंत्र बताया था ताकि वो उसका जाप करें और भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त कर सकें. कहा जाता है कि ये मंत्र खासतौर पर माता पार्वती द्वारा शिव जी से विवाह करने के लिए उच्चारित किया गया था.
वैसे तो कभी भी ब्रह्म मुहूर्त या शाम में स्वयंवर मंत्र का जाप किया जा सकता है. लेकिन महाशिवरात्रि के दिन इसका जाप करना ज्यादा शुभ होता है क्योंकि इसी तिथि पर प्राचीन काल में शिव जी और माता पार्वती का विवाह हुआ था. धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन शिव जी और माता पार्वती की पूजा करने के बाद यदि अविवाहित लोग स्वयंवर मंत्र का जाप करते हैं तो उन्हें देवी-देवताओं की कृपा से मनचाहा जीवनसाथी मिल सकता है. हालांकि, विवाहित जातक भी इस मंत्र का जाप कर सकते हैं. इससे न सिर्फ उनकी लव लाइफ में प्यार बढ़ेगा, बल्कि घर-परिवार में भी सुख-शांति बनी रहेगी.
ये भी पढ़ें- Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के दिन क्या आप भी शिवलिंग पर चढ़ाते हैं जल? जानें दिशा-पानी से लेकर मंत्रों तक के नियम
2026 में महाशिवरात्रि कब है?
द्रिक पंचांग के अनुसार, हर वर्ष फाल्गुन माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिव जी और मां पार्वती को समर्पित महाशिवरात्रि का महाउत्सव मनाया जाता है. साल 2026 में फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम 05:04 मिनट से लेकर 16 फरवरी की शाम 05:34 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि के आधार पर इस बार 15 फरवरी 2026, वार रविवार को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Swayamvara Parvathi Mantra For Marriage: ये बात तो अधिकतर लोग जानते हैं कि भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तपस्या के दौरान माता पार्वती ने एक शक्तिशाली मंत्र का लगातार कई दिनों तक जाप भी किया था? शिव पुराण के अनुसार, माता पार्वती ने स्वयंवर नामक मंत्र का कई दिनों तक जाप किया था. माना जाता है कि स्वयंवर मंत्र यानी स्वयंवर पार्वती मंत्र में अद्भुत शक्ति है, जिसके निरंतर जाप से विवाह यानी शादी होने में आ रही समस्याएं दूर होती हैं. चलिए अब जानते हैं स्वयंवर मंत्र के महत्व, लिरिक्स और लाभ आदि के बारे में.
स्वयंवर पार्वती मंत्र का महत्व
स्वयंवर मंत्र- ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योग भयंकरि सकल स्थावर जंगमस्य मुख हृदयं मम वशं आकर्षय आकर्षय नमः।।
शिव पुराण के अनुसार, महान ऋषि दुर्वासा ने माता पार्वती को स्वयंवर मंत्र बताया था ताकि वो उसका जाप करें और भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त कर सकें. कहा जाता है कि ये मंत्र खासतौर पर माता पार्वती द्वारा शिव जी से विवाह करने के लिए उच्चारित किया गया था.
वैसे तो कभी भी ब्रह्म मुहूर्त या शाम में स्वयंवर मंत्र का जाप किया जा सकता है. लेकिन महाशिवरात्रि के दिन इसका जाप करना ज्यादा शुभ होता है क्योंकि इसी तिथि पर प्राचीन काल में शिव जी और माता पार्वती का विवाह हुआ था. धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन शिव जी और माता पार्वती की पूजा करने के बाद यदि अविवाहित लोग स्वयंवर मंत्र का जाप करते हैं तो उन्हें देवी-देवताओं की कृपा से मनचाहा जीवनसाथी मिल सकता है. हालांकि, विवाहित जातक भी इस मंत्र का जाप कर सकते हैं. इससे न सिर्फ उनकी लव लाइफ में प्यार बढ़ेगा, बल्कि घर-परिवार में भी सुख-शांति बनी रहेगी.
ये भी पढ़ें- Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के दिन क्या आप भी शिवलिंग पर चढ़ाते हैं जल? जानें दिशा-पानी से लेकर मंत्रों तक के नियम
2026 में महाशिवरात्रि कब है?
द्रिक पंचांग के अनुसार, हर वर्ष फाल्गुन माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिव जी और मां पार्वती को समर्पित महाशिवरात्रि का महाउत्सव मनाया जाता है. साल 2026 में फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम 05:04 मिनट से लेकर 16 फरवरी की शाम 05:34 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि के आधार पर इस बार 15 फरवरी 2026, वार रविवार को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.