Mahabharata Story: आज भी धरती पर भटक रहा है महाभारत का ये योद्धा, जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी

Mahabharata Story: महाभारत काल से लेकर आज तक ये महान योद्धा धरती पर भटक रहा है. यह योद्धा एक श्राप के कारण धरती पर भटक रहा है और कलयुग के अंत में यह योद्धा कल्कि भगवान की सेना में शामिल होकर अधर्म के विरुद्ध लड़ेंगे.

Untitled design (2)

Photo Credit- AI

Mahabharata Story: महाभारत युद्ध के दौरान भगवान श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा को श्राप दिया था. इसी श्राप के कारण अश्वत्थामा आज भी धरती पर भटक रहा है. अश्वत्थामा को निर्जन स्थानों पर भटकने और किसी मानव समाज में न जाने का श्राप मिला था. अश्वत्थामा को कलयुग के अंत तक धरती पर भटकने का श्राप मिला था. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि, अश्वत्थामा आज भी धरती पर जीवित हैं और भटक रहे हैं. महाभारत काल के इस योद्धा के धरती पर भटकने का क्या कारण है? अश्वत्थामा को ऐसा श्राप क्यों मिला आइये इसके बारे में जानते हैं.

विज्ञापन

कौन थे अश्वत्थामा?

अश्वत्थामा गुरु द्रोणाचार्य और कृपी के पुत्र थे. अश्वत्थामा महाभारत के प्रमुख योद्धा में से एक थे. अश्वत्थामा का नाम चिरंजीवियों यानी अमर व्यक्तियों में गिना जाता है. अश्वत्थामा को अमर माना जाता है लेकिन उन्हें अमरता का वरदान नहीं बल्कि, श्राप मिला था. अश्वत्थामा ने महाभारत युद्ध के अंतिम चरण में था तब, अश्वत्थामा ने पांडवों के शिविर पर हमला किया था. इस दौरान अश्वत्थामा ने द्रौपदी के पांचों पुत्रों यानी उपपांडवों का वध कर दिया था.

विज्ञापन

अश्वत्थामा ने युद्ध के नियमों के विरुद्ध जाकर ऐसा किया था, इसी कारण भगवान श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा को इसके लिए दंड दिया था. भगवान श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा के मस्तक से मणि निकलवा दी. इससे अश्वत्थामा का तेज और शक्ति समाप्त हो गई. श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा को कलियुग के अंत तक पृथ्वी पर अकेला भटकता रहने का श्राप दिया था. अश्वत्थामा को कभी भरने वाले घाव और असहनीय पीड़ा के साथ जीवित रहने का श्राप मिला था.

विज्ञापन

कलयुग के अंत तक भटकते रहेंगे अश्वत्थामा

अश्वत्थामा को कलयुग के अंत तक भटकने का श्राप मिला था. अश्वत्थामा ने जो अधर्म किया उसकी सजा काटते हुए भटकने का श्राप मिला. वह भगवान विष्णु के कल्कि अवतार आने तक ऐसे ही भटकेंगे. अश्वत्थामा कलयुग में धर्मयुद्ध में शामिल होंगे और श्राप में मुक्त होकर मोक्ष हासिल करेंगे.

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी पौराणिक कथाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ