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सावन की पहली एकादशी, इन 5 उपायों से ‘हरि’ और ‘हर’ को एक साथ करें प्रसन्न, खत्म हो जाएंगे ग्रह दोष

Kamika Ekadashi: कामिका एकादशी सहित सभी एकादशियां भगवान विष्णु को समर्पित हैं। यह सावन मास की पहली एकादशी है। सावन में भगवान विष्णु के सो जाने से जगत्कल्याण का काम भगवान शिव के हाथों में होता है। इसलिए इस एकादशी का व्रत रखने और कुछ खास उपायों को करने से दोनों देवों की कृपा प्राप्त होती है।

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Kamika Ekadashi: सभी एकादशियों में कामिका एकादशी का विशेष महत्व है। देवशयनी एकादशी के दिन 4 महीने के लिए भगवान विष्णु के सो जाने के बाद यह न केवल पहली एकादशी है, बल्कि यह सावन की भी पहली एकादशी है। साल 2024 में यह पावन एकादशी 31 जुलाई को पड़ रही है। इस दिन से सावन शिवरात्रि के लिए कांवड़ यात्रा की शुरुआत भी होती है।

प्राप्त होती है ‘हरि’ और ‘हर’ की कृपा

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भगवान विष्णु के योगनिद्रा में चले जाने के बाद ब्रह्मांड की देखरेख भगवान शिव के हाथों में होती है। इसलिए सावन के पवित्र महीने की इस पहली एकादशी का व्रत रखने वाले साधक-साधिका को एक साथ ‘हरि’ यानी भगवान विष्णु और ‘हर’ यानी भगवान शंकर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इन दोनों देवों की कृपा से दुनिया का ऐसा कौन-सा काम है, जो नहीं हो सकता है, बस सच्ची लगन और निष्ठा से उन्हें प्रसन्न करने की जरूरत है।

इसलिए श्रेष्ठ मानी गई है कामिका एकादशी

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धार्मिक ग्रंथों अनुसार, इस एकादशी को करने का पुण्य पूर्वज और पितर को भी प्राप्त होते हैं। साथ ही, भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी सहित भगवान शिव और मां पार्वती का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि यह व्रत रखने से ब्रह्महत्या जैसे पाप भी नष्ट हो जाते हैं और व्रत की कथा को सुनने मात्र से मनुष्य इस जीवन के बाद विष्णु लोक में स्थान पाता है।

कामिका एकादशी पर करें ये उपाय

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  • सावन की इस पहली एकादशी के दिन रुद्राक्ष की माला धारण करने से शीघ्र ही सभी ग्रह दोष समाप्त हो जाते हैं।
  • पूजन के समय भगवान शिव की विधिवत पूजा के बाद उनको भभूत लगाएं और इसके बाद अपने मस्तक पर भी भभूत लगाएं। यह मानसिक एकाग्रता को बढ़ाता है और राहु के असर को समाप्त करता है।
  • भगवान शिव और भगवान विष्णु को एक साथ प्रसन्न करने के लिए बेल पत्र पर ‘ॐ श्री हरिः’ लिख कर कम से कम 5 बेल पत्र चढ़ाएं।
  • कामिका एकादशी के रोज भूखे व्यक्तियों, गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
  • किसी जरूरतमंद की मदद करें। शीघ्र ही भगवत्कृपा से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

 

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First published on: Jul 31, 2024 08:03 AM

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Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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