Kalashtami 2026 Puja Muhurat: साल की पहली कालाष्टमी आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त; भूल से भी न करें ये 7 गलतियां

Kalashtami 2026 Puja Muhurat: कालाष्टमी भगवान कालभैरव को समर्पित महत्वपूर्ण व्रत है. साल 2026 का पहला कालाष्टमी व्रत आज रखा जा रहा है. आइए जानते हैं, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और आज के दिन कौन-सी गलतियां करने से बचना चाहिए?

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Kalashtami 2026 Puja Muhurat: कालाष्टमी भगवान शिव के उग्र स्वरूप कालभैरव को समर्पित विशेष व्रत है. यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. साल 2026 का पहला कालाष्टमी व्रत आज रखा जा रहा है. मान्यता है कि आज के दिन विधि-विधान से भगवान काल भैरव की पूजा करने पर भय, बाधा और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं. साथ ही आज का दिन कालसर्प दोष सहित शनि और राहु के बुरे प्रभावों को कम करने के लिए उत्तम है. आइए जानते हैं, पूजा का मुहूर्त क्या है और आज के दिन कौन-सी गलतियां करने से बचना चाहिए?

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कालाष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार माघ मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 10 जनवरी 2026, शनिवार को सुबह 08:23 बजे से होगा. यह तिथि 11 जनवरी, रविवार को सुबह 10:20 बजे समाप्त होगी. आज के दिन कालाष्टमी पर कालभैरव की पूजा की जाती है. कालभैरव को समय और न्याय का प्रतीक माना जाता है.

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कालाष्टमी की पूजा रात में करना श्रेष्ठ माना जाता है. इस समय को निशिता काल कहा जाता है. 10 जनवरी की रात निशिता काल 12:02 बजे से 12:56 बजे तक है (इसकी तारीख 11 जनवरी होगी). इसी अवधि में कालभैरव की आराधना करने से पूजा का फल अधिक प्रभावी माना जाता है.

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भूल से भी न करें ये 7 गलतियां

– आज काले कुत्ते को परेशान या अपमान न करें, क्योंकि वह काल भैरव का वाहन माना जाता है. आज के दिन उन्हें गुड़ लगी रोटी खिलाना शुभ होता है.
– आज के दिन मांस, शराब, अंडा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन से पूरी तरह दूर रहें, वरना पूजा का फल नहीं मिलता.
– किसी के लिए बुरा सोचने या नुकसान की कामना करने से बचें, क्योंकि काल भैरव न्याय के देवता हैं.
– झूठ बोलना, धोखा देना और घर में झगड़ा करना अशुभ माना जाता है. खासकर बुजुर्गों और महिलाओं का सम्मान करें.
– काल भैरव की पूजा अकेले न करें, बल्कि भगवान शिव और माता पार्वती के साथ ही करें.
– दिन में सोने से बचें और समय को नाम जाप या भजन में लगाएं.
– यदि व्रत रखा है, तो सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक लें या संभव हो तो नमक बिल्कुल न खाएं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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