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Kaalchakra: गलत तरीके से बना स्वास्तिक बिगाड़ सकता है काम, पंडित सुरेश पांडेय से जानें महत्व, लाभ और नियम

Kaalchakra Today: स्वास्तिक एक पवित्र चिन्ह है, जिसे किसी भी शुभ कार्य से पहले पूजा स्थान पर बनाया जाता है. हालांकि, स्वास्तिक बनाने की एक विधि भी है, जिसका पालन न करने से इसकी सकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं स्वास्तिक के महत्व, नियम, लाभ, विधि और अन्य जरूरी बातों के बारे में.

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Kaalchakra Today 6 June 2026: स्वास्तिक को सभी मंगल चिन्हों में सर्वाधिक प्रतिष्ठा प्राप्त है, जिसे विश्व में सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना गया है. शुभ कार्य की शुरुआत से पहले स्वास्तिक का चिन्ह बनाना शुभ होता है. भारतीय घरों में मंगल कार्यों के अवसर पर पूजा स्थान और दरवाजों की चौखट पर विशेष रूप से स्वास्तिक बनाने की परंपरा है. हालांकि, गलत तरीके व विधि से स्वास्तिक बनाना अशुभ होता है. इससे स्वास्तिक की सकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है और नकारात्मक ऊर्जा फैल जाती है.

आज 6 जून 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको स्वास्तिक के महत्व और लाभ के साथ-साथ इससे जुड़े नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं.

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स्वास्तिक के प्रकार?

बता दें कि दायां और बायां यानी स्वास्तिक दो तरह के होते हैं. दाहिने स्वास्तिक को नर का प्रतीक माना जाता है, जबकि बायां स्वास्तिक नारी का प्रतीक है. इसके अलावा स्वास्तिक की खड़ी रेखा को सृष्टी की उत्पत्ति का प्रतीक माना जाता है, जबकि स्वास्तिक की आड़ी रेखा सृष्टि के विस्तार का प्रतीक है.

स्वास्तिक में लगने वाले 4 बिंदुओं को 4 दिशाओं का प्रतीक माना जाता है, जबकि इसकी चार रेखाएं चार वेदों को दर्शाती हैं. इसके अलावा स्वास्तिक का मध्य बिंदु विष्णु जी का नाभि कमल माना जाता है.

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ये भी पढ़ें- Kaalchakra: जून 2026 में किसका कामकाज पकड़ेगा रफ्तार और कौन नौकरी में रहेगा परेशान? पंडित सुरेश पांडेय से जानें मासिक राशिफल

स्वास्तिक को कैसे बनाएं?

स्वास्तिक को 7 अंगुल, 9 अंगुल या 9 इंच के नाम में बनना चाहिए.

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स्वास्तिक से जुड़े नियम

  • स्वास्तिक को यदि टेढ़ा-मेढ़ा बना दिया जाए तो उसकी ऊर्जा का स्तर कम हो जाता है.
  • स्वास्तिक को उल्टा बनाने से घर में अशुभ घटनाएं घटने लगती हैं.
  • कॉस या प्लस बनाकर बनाया स्वास्तिक शुभ नहीं होता है.
  • स्वास्तिक के गलत प्रयोग का परिणाम तनाव, दरिद्रता, रोग, क्लेश और अशांति फैलाता है.

यदि आप स्वास्तिक से जुड़े अन्य नियम, लाभ और विभिन्न जरूरी बातों के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ये वीडियो जरूर देखें.

ये भी पढ़ें- Palmistry Grille Marks: हथेली पर जाली का डिजाइन बनना शुभ या अशुभ? 5 पर्वतों का अलग-अलग फल जानें

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jun 06, 2026 11:22 AM

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About the Author

Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में न्यूज राइटिंग से की थी, जिसके बाद देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर व्यापक अध्ययन किया. अब पिछले 4 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन में काम कर रही हैं.

📧 Email: nidhi.jain@bagconvergence.in

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