Kaalchakra: दुखों का कारण बन सकते हैं दिशाओं के दोष, पंडित सुरेश पांडेय से जानें हर दिशा का महत्व

Kaalchakra Today: दिशाओं का असंतुलित होना धार्मिक दृष्टि से शुभ नहीं है. इसके कारण व्यक्ति को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है. हालांकि, कुछ बातों पर ध्यान देकर व उपायों को अपनाकर दिशाओं के दोषों से बचा जा सकता है. चलिए अब जानें दिशाओं के महत्व, प्रभाव और उपायों आदि के बारे में.

Kaalchakra Today 8 May 2026

Credit- News24 Graphics

Kaalchakra Today 8 May 2026: वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में दिशाओं का खास महत्व है. दरअसल, हर दिशा में एक विशिष्ट ऊर्जा होती है. साथ ही उसका संबंध किसी न किसी देव व ग्रह से है, इसलिए घर की हर दिशा का सही रहना बेहद जरूरी है. दिशाओं के सही संतुलन से घर वालों के सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है. साथ ही स्वास्थ्य अच्छा रहता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है. वहीं, घर की एक दिशा भी अगर असंतुलित होती है तो उसके कारण घर के प्रत्येक सदस्य को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

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आज 8 मई 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको दिशाओं के महत्व, जीवन पर पड़ने वाले उनके प्रभाव, दोष और उपायों आदि के बारे में विस्तार से बताएंगे.

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पूर्व दिशा

सूर्य को पूर्व दिशा का प्रतिनिधि ग्रह माना जाता है, जो कि आत्मा, आरोग्य, स्वभाव, राज्य प्रतिष्ठा, प्रभाव, यश, पिता और सौभाग्य आदि के कारक हैं. बता दें कि पूर्व दिशा अच्छे स्वास्थ्य, धन और सुख-समृद्धि की दिशा है.

  • महत्व-

जिस घर का मुख्य द्वार-खिड़कियां बड़ी होती हैं व घर में भरपूर मात्रा में सूर्य का प्रकाश आता है, वहां पूर्व दिशा का दोष नहीं लगता है. ऐसे घर में रहने वाले व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहता है. साथ ही वो पराक्रमी, तेजस्वी और सुख-समृद्धि से पूर्ण होता है.

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  • दोष के कारण-

पूर्व दिशा का खुला न होना, खाली होना व उसमें कूड़ा, कबाड़, मिट्टी या पत्थर रखने से दोष लगता है.

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  • दोष से होने वाले नुकसान-
  1. संतान को हानि होती है.
  2. पितृदोष लगता है.
  3. जरूरी कार्यों में सफलता मुश्किल से मिलती है.
  4. पिता और बॉस से संबंध खराब रहते हैं.
  5. घर के मुखिया का स्वास्थ्य खराब रहता है.
  6. सरकारी नौकरी में परेशानी आती है.
  7. व्यक्ति के सांसारिक और आध्यात्मिक विकास में कमी आती है.
  8. शरीर में अकड़न रह सकती है.
  9. पीलिया हो सकता है.
  10. फिजूलखर्च बढ़ता है.
  11. कर्ज चढ़ता है.
  12. घर में क्लेश रहता है.
  13. हृदय रोग, दांत, जीभ के रोग, मस्तिष्क और बुद्धि की दुर्बलता की समस्या रहती है.
  • उपाय-
  1. हर रोज तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ दें.
  2. घर की पूर्व दीवार पर सूर्य यंत्र स्थापित करें.
  3. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें.
  4. नियमित रूप से गायत्री मंत्र का जाप करें.

अन्य दिशाओं के बारे में आप वीडियो को देख जान सकते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष और वास्तु शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेख समाप्त
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