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Kaalchakra Today 24 July 2025: गायत्री मंत्र को बेहद ही पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है, जो कि देवी गायत्री को समर्पित है। देवी गायत्री को वेद माता माना जाता है। जबकि अथर्ववेद में मां गायत्री को आयु, कीर्ति, धन, विद्या, संतान और ब्रह्मतेज प्रदान करने वाली कहा गया है। देवी गायत्री को खुश करने के लिए गायत्री मंत्र का जाप किया जाता है। हालांकि गायत्री मंत्र का जाप किसी भी पहर, कहीं पर भी और कभी भी किया जा सकता है।
शास्त्रों में बताया गया है कि गायत्री मंत्र को सुनने और लिखने से भी व्यक्ति को उतना ही लाभ होता है, जितना कि इस मंत्र के जाप से होता है। आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको गायत्री मंत्र के बारे में विस्तार से बताएंगे। साथ ही इस मंत्र के जाप से होने वाले लाभ के बारे में आपको पता चलेगा।
गायत्री मंत्र में 24 अक्षर हैं, जो शरीर की 24 अलग-अलग ग्रंथियों को प्रभावित करते हैं। दरअसल, हमारे शरीर में 72,000 नाडियां हैं और हर नाड़ी हमारे मुख से जुड़ी है। इसलिए व्यक्ति द्वारा बोली गई हर बात का असर उसके जीवन पर पड़ता है। माना जाता है कि जो लोग नियमित रूप से गायत्री मंत्र का जाप करते हैं, उनके शरीर के 7 चक्रों और 72,000 नाड़ियों पर शुभ प्रभाव पड़ता है।
भागवत पुराण के अनुसार, नृसिंह, सूर्य, वराह, तांत्रिक और वैदिक मंत्रों का अनुष्ठान गायत्री मंत्र का जाप किए बिना असफल होता है। इसके अलावा श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान कृष्ण ने खुद कहा कि मंत्रों में मैं गायत्री मंत्र हूं।
यदि आप गायत्री मंत्र के जाप से जुड़े नियम और लाभ के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो इसके लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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