Hindu Dharma: रात में शव क्यों नहीं छोड़ते हैं अकेला? जानिए धार्मिक मान्यता के पीछे छिपा वैज्ञानिक कारण

Hindu Dharma: व्यक्ति के मृत शरीर को रात के समय अकेला नहीं छोड़ना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसे सही नहीं माना जाता है. रात में शव को अकेले छोड़ने को भूत-प्रेत और आत्माओं के डर से जोड़कर देखा जाता है. आइये इसके पीछे की धार्मिक मान्यताओं और वैज्ञानिक कारणों के बारे में जानते हैं.

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Photo Credit- AI

Hindu Dharma: हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद मृत शरीर और आत्माओं के बारे में काफी कुछ बताया गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार करना मना है. ऐसे में अगर शव को रात भर के लिए घर में रखना होता है, तो मृत शरीर को अकेले नहीं छोड़ा जाता है. माना जाता है कि, इससे आत्मा को कष्ट होता है और नकारात्मकता बढ़ती है. शव को रात में अकेले न छोड़ने के पीछे क्या कारण हैं आइये इसके बारे में जानते हैं.

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शव अकेला न छोड़ने के पीछे धार्मिक कारण?

गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद व्यक्ति की आत्मा अंतिम संस्करा हो जाने तक परिजनों के बीच रहती है. वह मृत शरीर के भटकती रहती है. अगर शव को अकेला छोड़ दिया जाता है, तो इसके कारण आत्मा को मानसिक कष्ट हो सकता है. रात में शव को घर में रखने के दौरान परिवार के सदस्य वहां बैठे रहते हैं. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इसे आत्मा से जोड़कर देखा जाता है. शव के पास परिजन बैठे रहने के दौरान दीपक, धूपबत्ती या अगरबत्ती और कपूर जलाकर रखते हैं.

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क्या कहता है विज्ञान?

वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए, तो मृत्यु के कुछ शरीर की सभी कोशिकाएं खत्म हो जाती हैं. कुछ देर बाद डीकंपोजिशन यानी शरीर के सड़ने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. ऐसे में हानिकारक बैक्टीरिया से शरीर को बचाने के लिए शव के पास कपूर, अगरबत्ती और धूपबत्ती जलाना अच्छा होता है. इससे निकलने वाला धुंआ हवा में मौजूद कीटाणुओं को नष्ट करता है. यह दुर्गंध पैदा होने से रोकता है.

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शव अकेला न छोड़ने के पीछे अन्य कारण

रात के समय शव को अकेला न छोड़ने के पीछे सामान्य और व्यावहारिक कारण भी है. पुराने समय में घर खुले होते थे और आसपास से जानवरों के आने का खतरा रहता था. अगर शव को खुले में अकेला छोड़ दिया जाए, तो जंगली जानवर, कुत्ते, बिल्ली और चूहे मृत शरीर को नुकसान पहुंचा सकते थे. इस कारण से भी शव को अकेले नहीं छोड़ा जाता था. यहीं परंपरा आज तक चली आ रही है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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