---विज्ञापन---

Religion angle-right

Hanuman Jayanti 2025: हनुमान जयंती पर करें ये 5 विशेष उपाय, हमेशा के लिए मंगल और शनि दोष से मिलेगी मुक्ति

वीरता और भक्ति दोनों के सर्वोत्तम प्रतिनिधि हनुमान जी की जयंती का हिन्दू धर्म में एक विशेष महत्व है। आइए जानते हैं, इस बार हनुमान जयंती कब है और इस दिन कौन-से उपाय करने से मंगल और शनि दोष से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सकती है?

---विज्ञापन---

हनुमान जयंती हिन्दू धर्म में एक बेहद महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था, जो वीरता और भक्ति दोनों में सर्वोत्तम माने जाते हैं। हनुमान जी की पूजा से व्यक्ति को शक्ति, साहस, और संकटों से मुक्ति मिलती है। हनुमान जी मंगल ग्रह का प्रतिनिधितत्व करते हैं। वहीं, जब हनुमान जयंती शनिवार के दिन पड़ती है, तो इसके महत्व में और भी वृद्धि हो जाती है।

हनुमान जयंती 2025 कब है?

हनुमान जयंती भगवान हनुमान की पूजा का सबसे खास दिन है। इस दिन हनुमान जी की पूजा से न केवल शारीरिक बल मिलता है, बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति भी प्राप्त होती है। हनुमान जी की भक्ति से संकटों का नाश होता है और व्यक्ति को सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है। इस दिन विशेष रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। हनुमान जयंती 2025 में 12 अप्रैल, शनिवार को मनाई जाएगी।

---विज्ञापन---

शनि और मंगलदोष से मुक्ति का शुभ दिन

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि का प्रभाव नकारात्मक है, तो हनुमान जयंती के दिन विशेष उपाय करके शनि दोष से मुक्ति पाई जा सकती है। इसके अलावा, इस दिन हनुमान जी की पूजा से मंगल दोष से भी राहत मिलती है, जब यह पर्व शनिवार को पड़ता है, तो उसका महत्व और भी अधिक हो जाता है, क्योंकि शनिवार का दिन शनिदेव से जुड़ा हुआ है।  आइए जानते हैं, हनुमान जयंती 2025 में किए जाने वाले 5 खास उपायों के बारे में, जो जीवन में शुभता और शांति लाते हैं।

ये भी पढ़ें: Badrinath Yatra 2025: 4 मई से खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट, व्यवस्थाओं का अग्रिम जायजा लेने पहुंचा 30 सदस्यीय दल

---विज्ञापन---

हनुमान जयंती पर करें ये विशेष उपाय

हनुमान चालीसा का पाठ करें हनुमान चालीसा का नियमित पाठ शनि और मंगल दोनों के दोषों से राहत दिलाने में सहायक होता है। विशेष रूप से हनुमान जयंती के दिन इसे 108 बार पढ़ने से शनि और मंगल की नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सुख-शांति आती है। अगर आप किसी संकट में हैं या आपका स्वास्थ्य खराब चल रहा है, तो हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होगा। आइए जानते हैं, इस दिन किए जाने वाले कुछ खास उपाय:

शनि दोष शांति का शास्त्रीय उपाय

हनुमान जी की प्रतिमा पर तेल चढ़ाएं हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी की मूर्ति या चित्र पर तिल का तेल चढ़ाने से शनि दोष का निवारण होता है। विशेष रूप से शनिवार के दिन तेल चढ़ाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और शनि की दशा और अंतर्दशा से बचाव मिलता है। यह उपाय मंगल दोष से भी राहत देता है।

---विज्ञापन---

मंगल दोष से मुक्ति अर्पित करें ये चीजें 

हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी की पूजा में 5 चीजें अर्पित करना विशेष लाभकारी होता है: लाल तिल, गुड़, चना, लौंग और सिंदूर। इन 5 चीजों को हनुमान जी की पूजा में अर्पित करने से मंगल दोष से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति का जीवन समृद्धि और खुशियों से भर जाता है।

 शहद और चांदी की अंगूठी के उपाय

यह एक शक्तिशाली उपाय है जो हनुमान जयंती पर किया जाता है। शहद और चांदी की अंगूठी हनुमान जी को अर्पित करने से शनि और मंगल के दोषों से मुक्ति मिलती है। शहद के प्राकृतिक गुण शनि ग्रह के नकारात्मक प्रभाव को समाप्त करते हैं और चांदी शांति और संतुलन का प्रतीक है, जो मंगल दोष को शांत करता है।

---विज्ञापन---

केसर और लौंग के उपाय

हनुमान जयंती के दिन केसर की कुछ डंठल और 5 लौंग का मिश्रण बनाकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित करें। इस मिश्रण को हनुमान जी के मंदिर में चढ़ाते वक्त ‘ॐ रामदूताय नमः’ का जाप करते हुए अर्पित करें। इस उपाय से शनि और मंगल दोनों के दोषों से राहत मिलती है और साथ ही समृद्धि का मार्ग खुलता है।

तिल का तेल और कुमकुम के उपाय 

एक थाली में तिल का तेल और कुमकुम का मिश्रण बना लें। फिर हनुमान जी के चरणों में इस मिश्रण का अभिषेक करें और 108 बार ‘ॐ हं हनुमंते नमः’ का जाप करें। इसके बाद हनुमान जी की मूर्ति पर चमचमाते हुए सिंदूर का तिलक करें। इस उपाय से शनि और मंगल दोष से मुक्ति के साथ-साथ दूसरे ग्रहों का अनुकूल प्रभाव प्राप्त होता है।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: Home Vastu Tips: सावधान! क्या आप भी रखते हैं बिस्तर के नीचे पैसे? तंगहाली से परेशान रहते हैं ऐसे लोग

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

---विज्ञापन---
First published on: Apr 08, 2025 07:51 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola