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Guru Kripa Tips: गुरु कृपा चाहिए तो ध्यान रखें ये 5 बातें, एक भी गलती पड़ सकती है भारी

Guru Kripa Tips: भारतीय संस्कृति में गुरु जीवन के सच्चे मार्गदर्शक माने जाते हैं. गुरु कृपा केवल पूजा से नहीं, बल्कि सही आचरण से मिलती है. छोटी सी भूल भी प्रगति रोक सकती है. क्या आप जानते हैं गुरु के सामने कौन सी गलतियां भारी पड़ती हैं? इन्हें जानिए विस्तार से.

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Guru Kripa Tips: भारतीय संस्कृति में गुरु केवल ज्ञान देने वाले नहीं होते, बल्कि जीवन को दिशा देने वाले मार्गदर्शक माने जाते हैं. शास्त्रों में कहा गया है कि गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर है, क्योंकि वही अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाते हैं. गुरु कृपा केवल पूजा से नहीं, बल्कि सही आचरण और व्यवहार से प्राप्त होती है. कई बार छोटी-छोटी गलतियां भी जीवन की प्रगति को रोक देती हैं. इसलिए गुरु के प्रति आचरण में विशेष सावधानी जरूरी है. आइए जानते हैं, गुरु के सामने कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?

गुरु के आसन का सम्मान

गुरु जहां बैठते हैं, वह केवल स्थान नहीं बल्कि ज्ञान का प्रतीक होता है. शिष्य को कभी भी गुरु के आसन पर बैठने की भूल नहीं करनी चाहिए. यह आदर और मर्यादा का विषय है. ऐसा करने से गुरु परंपरा का अपमान माना जाता है और मन में अहंकार भी बढ़ता है.

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बैठने और चलने का शिष्टाचार

गुरु के सामने बैठते समय शरीर की भाषा भी बहुत मायने रखती है. गुरु की ओर पैर करके बैठना या लेटे रहना असम्मान का संकेत है. सामने से गुजरते समय भी संयम और नम्रता रखनी चाहिए. यह छोटा सा अनुशासन गुरु कृपा को मजबूत करता है.

वाणी में संयम और मधुरता

गुरु के सामने बोलते समय शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए. कटु, अभद्र या व्यंग्यात्मक भाषा गुरु के मन को ठेस पहुंचाती है. मधुर वाणी, शांति और विनम्रता शिष्य की पहचान होती है. गुरु की उपस्थिति में मौन भी कई बार सबसे बड़ा सम्मान बन जाता है.

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अहंकार और दिखावे से दूरी

धन, पद या सफलता का घमंड गुरु के सामने कभी नहीं दिखाना चाहिए. गुरु का ज्ञान किसी भी भौतिक उपलब्धि से बड़ा होता है. जो शिष्य विनम्र रहता है, वही आगे बढ़ता है. अहंकार गुरु कृपा के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बनता है.

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निंदा से बचाव

कभी भी गुरु की आलोचना या निंदा दूसरों के सामने नहीं करनी चाहिए. यह न केवल अनैतिक है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक हानि भी करता है. यदि कोई और ऐसा करे, तो उसे भी रोकना चाहिए. गुरु के प्रति निष्ठा शिष्य की सबसे बड़ी पूंजी होती है.

इन बातों का भी रखें ध्यान

गुरु की आज्ञा को हल्के में न लें. समय का पालन करें और सीखने की जिज्ञासा बनाए रखें. गुरु द्वारा दिए गए ज्ञान को जीवन में उतारने का प्रयास करें. सेवा भाव और कृतज्ञता गुरु कृपा को और मजबूत बनाती है. गुरु का स्मरण केवल शब्दों से नहीं, कर्म से होना चाहिए.

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सही आचरण से खुलते हैं सफलता के मार्ग

जो शिष्य गुरु के प्रति श्रद्धा, अनुशासन और संयम रखता है, उसके जीवन में स्वतः स्थिरता आती है. गुरु कृपा से न केवल शिक्षा, बल्कि सोच, निर्णय और चरित्र भी मजबूत होता है. यही सच्चे अर्थों में जीवन को ऊंचाई देता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Dec 27, 2025 03:51 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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