---विज्ञापन---

Religion angle-right

Gangajal Rules: घर में गंगाजल रखने के 5 नियम, वरना हो सकता है अपशकुन

Gangajal Rules: सनातन धर्म में गंगाजल को अत्यधिक पवित्र माना गया है। इसका कभी भी और किसी रूप में अनादर नहीं करना चाहिए, अन्यथा सौभाग्य और समृद्धि पर नकारात्मक असर पड़ता है। आइए जानते हैं, घर में गंगाजल रखने के नियम क्या हैं?

---विज्ञापन---

Gangajal Rules: गंगाजल के परिचय में अधिक कुछ कहने की जरूरत नहीं है। दुनिया के सभी हिन्दुओं के लिए यह पवित्र से पवित्र वस्तुओं में से एक है। यही कारण है कि प्रायः सभी हिन्दू घरों में पूजा, यज्ञ या विशेष अवसरों पर उपयोग के लिए गंगाजल रखा जाता है। यदि आप भी घर में गंगाजल रखते हैं या इसे घर लाने की सोच रहे हैं, तो आपको 5 बातें हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए।

1. प्लास्टिक की बोतल में न रखें गंगाजल

प्लास्टिक के बढ़े हुए चलन के कारण लोग गंगाजल को प्लास्टिक की बोतलों में रखने लगे हैं। गंगाजल एक शुद्ध, प्राकृतिक और पवित्र जल है। यह तभी तक असरकारी है, जब तक वह शुद्ध और पवित्र है। हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार, अशुद्ध और अपवित्र गंगाजल पूजा-पाठ में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। प्लास्टिक बोतल में रखे गंगाजल में प्लास्टिक की विषाक्तता घुल सकती है और वह अशुद्ध हो सकता है। बता दें, गंगाजल के लिए तांबे के पात्र को सबसे अच्छा माना गया है।

---विज्ञापन---

2. गंगाजल रखने के कमरे में  न करें तामसिक भोजन

प्रायः गंगाजल को पूजा घर में रखा जाता है, लेकिन कुछ लोग इसे अन्य कमरों में भी रखते हैं। उन कमरों में तामसिक भोजन, जैसे- अंडा, मांस, मछली, चिकन आदि से बने भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि इससे गंगाजल अशुद्ध हो जाता है। ऐसे कमरों में न तो शराब की बोतल रखनी चाहिए और न ही सेवन करनी चाहिए। मान्यता है कि इस नियम का उल्लंघन करने से धन हानि सहित कुछ अनिष्ट हो सकता है।

3. जूते-चप्पल पहने हुए गंगाजल छूने करें परहेज

धार्मिक मान्यता के अनुसार, गंगाजल एक मंदिर की तरह पवित्र होता है। जैसे मंदिर में जूते-चप्पल पहने हुए प्रवेश नहीं किया जाता है, ठीक वैसे ही गंगाजल को जूते-चप्पल पहनी हुई अवस्था में छूने से परहेज करना चाहिए। इसे गंगा मैया और गंगा नदी का अनादर माना जाता है, जो दुर्भाग्य को आमंत्रित कर सकता है।

---विज्ञापन---

4. गंदे हाथों से न छुएं गंगाजल

गंगाजल के पात्र को कभी भी गंदे हाथों से नहीं छूना या पकड़ना चाहिए। गंगा मैया के प्रति सम्मान के रूप में बोतल, बर्तन या पात्र को छूने या पकड़ने से पहले अपने हाथ साफ कर लेने चाहिए। इस नियम की अवहेलना सौभाग्य और समृद्धि की वृद्धि में बाधा बन सकती है।

5. जब ऐसा हो, बदल दें गंगाजल

जिस कमरे में गंगाजल रखी हो, यदि दुर्भाग्य से उस कमरे में किसी की मृत्यु हो जाए या वह कमरा प्रसूति के काम यानी बच्चे के जन्म के लिए इस्तेमाल में आया हो, तो उस कमरे में रखी गंगाजल को इस्तेमाल में नहीं लाना चाहिए और तुरंत बदल देना चाहिए। मान्यता है कि इससे गंगाजल अपवित्र हो जाता है और अपना शुभ प्रभाव खो देता है।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: आपका AC कहीं गलत दिशा में तो नहीं… धन हानि, हेल्थ प्रॉब्लम सहित रुक सकती है तरक्की

ये भी पढ़ें: ऑफिस की टेंशन से मुक्ति दिलाएंगे 7 वास्तु उपाय; तरक्की भी होगी, सीनियर भी रहेंगे खुश

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: May 24, 2024 04:36 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola