Vastu Tips for AC: वास्तु शास्त्र में घर की बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी वस्तुओं और चीजों के लिए सही दिशा और स्थान पर विचार किया जाता है, ताकि जातकों की जिंदगी में सुख-समृद्धि बनी रहे। घर, दुकान और प्रतिष्ठान का एयर कंडीशनर यानी एसी (AC) को वास्तु में अग्नि तत्त्व का एप्लायंस (उपकरण) माना गया है। इसके गलत दिशा में होने से मन, शरीर और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार AC लगाने की सही दिशा क्या है और किस दिशा में इसे नहीं लगाना चाहिए?
AC लगाने की सही दिशा
पश्चिम और उत्तर दिशा को AC लगाने के लिए सबसे बढ़िया माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पश्चिम दिशा के जलदेव स्वामी वरुण देव हैं, यह दिशा शुक्र को समर्पित है। वहीं, उत्तर कुबेर की दिशा मानी गई हैं, जो देव खजांची हैं। इन दिशाओं में AC लगाने से घर में धन का प्रवाह अच्छा बना रहता है, वहीं AC की लाइफ भी अच्छी होती है। ये दिशाएं आपके बिजली बिल को भी कम करने में भी मददगार साबित हो सकती हैं।
इस दिशा में न लगाएं AC
- एसी (AC) लगाने के लिए दक्षिण-पूर्व और पश्चिम-उत्तर का सेलेक्शन कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं।
- घर की दक्षिणी दीवार पर भूल से भी AC सहित अन्य इलेक्ट्रिक एप्लायंस को नहीं लगाना चाहिए। इससे धन की हानि और फिजूलखर्ची बढ़ सकती है। व्यापार में नुकसान हो सकता है।
- एसी (AC) को घर या दुकान की दक्षिण-पश्चिम दीवार पर भी नहीं लगाना चाहिए। इस दिशा में इलेक्ट्रिक उपकरण या मशीनरी सामान लगाने से वे जल्दी खराब हो सकते हैं।
- पूर्व दिशा में भी AC लगाने के लिए वास्तु शास्त्र में मना किया गया है। यह आपके बिजली बिल को बढ़ा सकता है।
गलत दिशा में AC लगाने के दुष्परिणाम
वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिशा में लगा AC तीन प्रकार का नुकसान विशेष रूप से करते हैं। इससे व्यक्ति और घर की आर्थिक स्थिरता में बाधाएं आ सकती हैं। आमदनी का प्रवाह अनियमित हो सकता है। इससे तरक्की रुक सकती है। घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर होने से बीमारियां बढ़ने का एक कारण AC का गलत दिशा में होना हो सकता है। इसके गलत दिशा में होने से मानसिक अशांति भी बढ़ सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।