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Sawan 2026: क्या है सावन में झूला झूलने की परंपरा के पीछे का इतिहास? जानिए इसका धार्मिक महत्व

Sawan Jhula Rituals: सावन महीने में झूला झूलने की सदियों पुरानी परंपरा चली आ रही है. सावन और झूलों से जुड़े कई प्रसिद्ध गाने भी है. इससे सावन और झूले के महत्व को समझ सकते हैं. सावन महीने और इस महीने में झूला झूलने की परंपरा के बारे में जानते हैं.

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Sawan 2026 Jhula Rituals: सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है. इसका समापन 28 अगस्त को होगा. सावन महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए खास होता है. सावन महीने में बारिश के दौरान प्रकृति बहुत ही सुंदर हो जाती है. सावन में झूला झूलने की परंपरा भी है. प्राचीन समय से ही सावन में झूला झूलने का खूब प्रचलन है. सावन महीने में झूला-झूलने की परंपरा के पीछे क्या इतिहास है चलिए जानते हैं?

सावन में झूला झूलने की परंपरा

सावन का महीना भगवान शिव का प्रिय महीना है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सावन महीने में शिव जी ने माता पार्वती के लिए फूलों से सजा एक सुंदर झूला डाला था. भगवान शिव ने हरियाली तीज के अवसर पर माता पार्वती के लिए झूला डाला था. इसके अलावा झूले का संबंध भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी से से भी माना जाता है. सावन में श्रीकृष्ण ने राधा रानी को झूला झूलाया था. इन परंपराओं के अनुसार, सावन महीने में झूला झूलना पति-पत्नी के बीच प्रेम और सामंजस्य का प्रतीक माना जाता है.

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प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक

सावन महीने में बारिश के मौसम में प्रकृति सौदर्य बढ़ जाता है. चारों तरफ हरियाली देखने को मिलती है. ऐसे में सावन के दौरान पेड़ों की डाल पर महिलाएं झूला डालकर झूलती हैं. सावन महीने में झूला झूलने की परंपरा खास तौर पर उत्तर भारत में बहुत ही प्रचलित है. ग्रामीम इलाकों में यह परंपरा आज भी निभाई जाती है. इसके साथ ही झूला झूलने को आनंद और उल्लास का प्रतीक माना जाता है.

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झूला झूलने से मिलने वाले लाभ

झूला झूलना कई तरीकों से सेहत के लिए अच्छा होता है. सावन में शुद्ध वातावरण में झूला झूलने से आनंद और ताजगी का अनुभव होता है. इससे मन प्रसन्न रहता है इससे जीवन में सकारात्मकता आती है. झूला झूलते समय बार-बार सांस लेने और सांस रोकने से व्यायाम होता है. शरीर और मांसपेशियों में हल्के खिचांव के कारण शरीर की अच्छी एक्सरसाइज होती है. इस प्रकार झूला-झूलने से सेहत को लाभ मिलता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Aug 01, 2026 03:34 PM

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