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Falgun Amavasya 2026: 16 या 17 फरवरी, कब है फाल्गुन अमावस्या? यहां दूर करें डेट को लेकर कन्फ्यूजन और जानें जरूरी नियम

Falgun Amavasya 2026: स्नान-दान और पितरों के तर्पण के लिए अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है. अब फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि आ रही है. चलिए जानते हैं द्रिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन अमावस्या कब है और यह किस तारीख को पड़ रही है?

Author Edited By : Aman Maheshwari
Updated: Feb 14, 2026 16:47
Falgun Amavasya 2026
Photo Credit- News24GFX

Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि पितरों के तर्पण और श्राद्ध के लिए समर्पित होती है. अमावस्या पर स्नान-दान और तर्पण करने से लाभ मिलता है. पितृ दोष से मुक्ति के लिए यह दिन बहुत ही खास होता है. अब फरवरी महीने में फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि मनाई जाएगी. द्रिंक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या कितनी तारीख को पड़ रही है आप यहां जान सकते हैं. बता दें कि, फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि को दर्श अमावस्या के नाम से भी जानते हैं.

कब है फाल्गुन अमावस्या?

द्रिंक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 फरवरी 2026 की शाम को 5 बजकर 34 मिनट पर होगी. इस तिथि का समापन अगले दिन 17 फरवरी 2026, दिन मंगलवार को शाम 5 बजकर 30 मिनट पर होगा. अमावस्या तिथि पर स्नान-दान के लिए सुबह का समय महत्वपूर्ण होता है ऐसे में अमावस्या तिथि 17 फरवरी 2026, दिन मंगलवार को मान्य होगी. फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी को मनानाा उचित होगा.

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फाल्गुन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का संयोग

फाल्गुन अमावस्या के दिन इस बार सूर्य ग्रहण का संयोग बन रहा है. सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगेगा. यह सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा. यानी सूर्य को चंद्रमा ढक लेगा और चारों तरफ सुनहरा अंगूठी की तरह दृश्य दिखेगा. यह ग्रहण भारत में नहीं लगेगा. फाल्गुन पूर्णिमा पर सूर्य ग्रहण दोपहर को 3 बजकर 26 मिनट से शाम को 7 बजकर 57 मिनट तक होगा.

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अमावस्या पर इन बातों का रखें ध्यान

अमावस्या तिथि के दिन शुभ कार्य करने की मनाई होती है. इस दिन नया वाहन, घर और जमीन खरीदने से बचें. खान-पान को लेकर बहुत सतर्क रहना चाहिए. अमावस्या के दिन प्याज, लहसुन और मांस-मदिरा का सेवन न करें. बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए. इसके साथ ही आप कलह, गुस्से और विवाद से बचें. इस दिन शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए. यह दिन पितरों के निमित्त तर्पण, दान-पुण्य और ब्राह्मण को भोजन कराने के लिए शुभ होता है. आप सात्विक भोजन करें और शांत रहें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Feb 14, 2026 04:47 PM

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