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पूजा के बाद दीये की जली हुई बातियों को न करें गलत जगह फेंकने की भूल, हो सकते हैं जीवन में अपशकुन

Diye ki Jali Baati: घर में रोज पूजा-पाठ होने से जली हुई बातियों की ढेर लग जाती है, जिसे संभालना एक समस्या भी बन जाती है। कुछ लोग इसे गलत जगहों पर फेंक देते हैं, जो कि गलत है। आइए जानते हैं, पूजा के बाद जली हुई बातियों का बेहतर इस्तेमाल क्या करें?

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Diye ki Jali Baati: घर में रोज सुबह-शाम दीपक जलाकर पूजा करने से कुछ दिनों बाद जली हुई बातियों की ढेर लग जाती है। बड़े अनुष्ठानों के बाद भी बड़ी मात्रा में जली हुई बातियां इकठ्ठा हो जाती हैं। बहुत से लोग इसे पूजा के बाद पूजित और अपशिष्ट सामग्रियों के साथ बहते जल में प्रवाहित कर देते हैं या तालाब आदि में डाल देते हैं, जो कि एक सही तरीका है। लेकिन बहुत से लोग इसे गलत जगहों, जैसे कूड़े में या सड़कों के किनारे फेंक देते हैं। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, ऐसा करना अशुभ होता है। जली हुई बातियों को न फेंककर आप उससे कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं। आइए जानते हैं, इससे जुड़े कुछ उपाय, जो आपके जीवन में चमत्कार कर सकती हैं और सफलता और समृद्धि के द्वार खोल सकते हैं।

भूल से भी गलत जगह न फेंकें जली हुई बातियां

अक्सर घर में पूजा-पाठ के बाद दीये की जली हुई बातियों को लोग यूं ही फेंक देते हैं। कुछ लोग इसे लापवाही में कूड़े में भी डाल देते हैं या सड़कों के किनारे फेंक देते हैं। हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करना उचित नहीं माना गया है। इसलिए इसे जाने-अनजाने भी कूड़े में या सड़कों पर नहीं फेंकना चाहिए। आपको बता दें, ये भूल से भी पांवों के नीचे भी नहीं आने चाहिए। ऐसा होने से देवी-देवता नाराज हो जाते हैं, विशेषकर वे देवी-देवता जिनकी पूजा में वे बातियां इस्तेमाल की गई हैं। इससे व्यक्ति, परिवार और घर के सौभाग्य और समृद्धि पर बुरा असर पड़ सकता है। घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है। जीवन में कुछ अनिष्ट या अपशकुन भी हो सकता है।

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पूजा के बाद जली हुई बातियों क्या करें?

आप शायद नहीं जानते होंगे कि पूजा समाप्त हो जाने के बाद भी जली हुई बातियों में बहुत सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इस सकारात्मक ऊर्जा का आप बेहतर इस्तेमाल अपने सौभाग्य-समृद्धि में वृद्धि और सफलता के लिए कर सकते हैं। इसके लिए आप घर की पूजा में जली हुई बातियों को 10 दिन तक जमा कर लें। इसके बाद एक बड़े दीपक या पात्र में थोड़ा कपूर और 4 लौंग डालकर सभी बातियों को जला दें। उस दीये के धुएं को पूरे घर में फैला दें। इससे घर की सारी नेगेटिव एनर्जी दूर जाएगी। इसके बाद घर की बालकनी या छत पर सभी बातियों को जलाकर राख बना लें।

बातियों की राख के चमत्कारिक उपाय

आपके जीवन में सौभाग्य-समृद्धि में वृद्धि और सफलता के लिए असल उपाय जली हुई बातियों के राख में है। इस राख को एक साफ डिब्बी में भरकर घर के मंदिर या पूजा स्थान पर रख दें। जब भी किसी जरूरी काम से घर से निकलें, तो उस राख का तिलक लगाकर जाएं। आपके बिगड़ते हुए काम भी बन जाएंगे। बच्चों के एग्जाम के दिन इस राख से टीका लगाएं, इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और परीक्षा अच्छी जाएगी। इसका इस्तेमाल आप बच्चों को नजर लगने से बचाने के लिए भी कर सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

First published on: Jun 29, 2024 03:48 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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