---विज्ञापन---

Religion angle-right

Chinnamasta Shaktipeeth: झारखंड में यहां है मां छिन्नमस्ता का सिद्ध शक्तिपीठ, पत्थर पर धागा बांधकर मांगी जाती है मन्नत

Chinnamasta Shaktipeeth: गुप्त नवरात्रि में मां छिन्नमस्ता की साधना की जाती है. झारखंड के रजरप्पा में उनका सिद्ध शक्तिपीठ आस्था और तंत्र का प्रमुख केंद्र है. यहां लोग पत्थर पर धागा बांधकर मन्नत मांगते हैं और उसे पूरा होने का गहरा विश्वास रखते हैं. आइए जानते हैं, इस सिद्ध शक्तिपीठ के बारे में विस्तार से.

---विज्ञापन---

Chinnamasta Shaktipeeth: गुप्त नवरात्रि के दौरान मां छिन्नमस्ता की साधना का विशेष महत्व माना गया है. इस समय तांत्रिक साधक और श्रद्धालु गुप्त पूजा करते हैं. दस महाविद्याओं में पांचवें स्थान पर विराजमान मां छिन्नमस्ता को अत्यंत उग्र और शक्तिशाली देवी माना जाता है. उनका स्वरूप त्याग, आत्मबल और चेतना का प्रतीक है.

रजरप्पा का प्रसिद्ध शक्तिपीठ

मां छिन्नमस्ता का प्रमुख मंदिर झारखंड के रामगढ़ जिले के रजरप्पा में स्थित है. यह स्थान धार्मिक के साथ-साथ पर्यटन के रूप में भी प्रसिद्ध है. मान्यता के अनुसार यह कामाख्या के बाद विश्व का दूसरा बड़ा शक्तिपीठ है. यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है.

---विज्ञापन---

नदियों के संगम पर स्थित मंदिर

यह शक्तिपीठ दामोदर और भैरवी नदी के संगम पर स्थित है. भैरवी नदी यहां झरने के रूप में दामोदर नदी में गिरती है. यह दृश्य भक्तों को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति देता है. इसी संगम तट पर मां छिन्नमस्तिका का प्राचीन मंदिर स्थापित है.

यह भी पढ़ें: Chandra Grahan vs Holi 2026 Date: क्या होली के दिन लगेगा चंद्र ग्रहण? जानें यह सच है या झूठ

---विज्ञापन---

देवी का विलक्षण स्वरूप

मंदिर में मां छिन्नमस्ता की जो प्रतिमा स्थापित है, वह अत्यंत अद्भुत है. देवी का मस्तक कटा हुआ है और वे अपने ही बाएं हाथ में उसे धारण किए हुए हैं. उनके गले से बहती तीन रक्त धाराएं देवी के त्याग, शक्ति और आत्मसमर्पण का प्रतीक मानी जाती हैं.

मां छिन्नमस्ता की उत्पत्ति कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां छिन्नमस्ता की उत्पत्ति शक्तिसंगम तंत्र और प्राणतोषिनी तंत्र में वर्णित है. कथा के अनुसार माता पार्वती ने अपनी सहचरियों की भूख शांत करने के लिए स्वयं अपना मस्तक काट दिया था. उनके रक्त की धाराओं से सहचरियों और स्वयं देवी की भूख शांत हुई.

---विज्ञापन---

पत्थर पर धागा बांधने की अनोखी परंपरा

रजरप्पा मंदिर में मन्नत मांगने की एक अनोखी परंपरा प्रचलित है. श्रद्धालु मंदिर परिसर में स्थित एक विशेष पत्थर पर लाल धागा बांधते हैं. विश्वास किया जाता है कि मां छिन्नमस्ता सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी करती हैं. मन्नत पूरी होने पर भक्त दोबारा आकर उस धागे को खोलते हैं.

यह भी पढ़ें: Shri Badrinath Dham: अप्रैल में खुलेंगे श्री बद्रीनाथ धाम के दिव्य कपाट, जानें सही डेट और करें दर्शन की प्लानिंग

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jan 23, 2026 07:12 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola