अक्सर आपने देखा होगा कि, ग्रहण देखने के लिए चश्मे की जरूरत पड़ती है. सूर्य ग्रहण को देखने के लिए खासकर चश्मे का इस्तेमाल किया जाता है. यह आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है. हालांकि, चंद्र ग्रहण देखने के लिए चश्मे की जरूरत नहीं पड़ेगी. चंद्रमा को नग्न आंखों से यानी बिना चश्मे के देख सकते हैं. इससे आंखों को कोई नुकसान नहीं होगा.
Chandra Grahan 2026 India, Lunar Eclipse Updates: जब पृथ्वी यानी धरती सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है, जिससे ये तीनों एक लाइन में आ जाते हैं तब चंद्र ग्रहण लगता है. चंद्र ग्रहण को एक बड़ी खगोलीय घटना माना जाता है, जिसका धार्मिक और ज्योतिष महत्व है. इस दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे चांद का रंग लाल हो जाता है. इसी वजह से इसे ब्लू मून कहा जाता है. हालांकि, ये घटना केवल पूर्णिमा के दिन ही होती है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 3 मार्च को साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण (lunar eclipse 2026) लग रहा है, जो कि भारत में दिखाई देगा. माना जाता है कि जब-जब चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देता है, तब-तब उसका सूतक काल मान्य होता है.
Chandra Grahan 2026: आज चंद्र ग्रहण का समय क्या है?
- शाम 06:26 से लेकर शाम 06:46 मिनट तक (खण्डग्रास)
- दोपहर 03:21 से लेकर शाम 06:46 मिनट तक (भारतीय समय के अनुसार)
Chandra Grahan 2026: आज कब से कब तक सूतक काल रहेगा?
चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण लगने से ठीक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है. आज 3 मार्च 2026 को लगने वाले चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 बजे से लेकर शाम 6:46 मिनट तक रहेगा.
Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण को आज लाइव कैसे देखें?
अगर आपके घर की छत से आज साफ चंद्र ग्रहण (how to watch live streaming of full moon eclipse in India) दिखाई न दे तो आप अपने स्मार्टफोन, लैपटॉप या टीवी पर इंटरनेट के जरिए भी इसे आसानी से देख सकते हैं. दरअसल, आज कई ग्लोबल ऑब्जर्वेटरी और स्पेस एजेंसियां अपनी वेबसाइट या यूट्यूब चैनल पर इस पूर्ण चंद्र ग्रहण की ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग करेंगी. चंद्र ग्रहण को लाइव देखने के लिए आपको संबंधित प्लेटफॉर्म पर जाकर लाइव स्ट्रीम का लिंक खोलना होगा, जिसके बाद आप घर बैठे ही इस खगोलीय घटना को आसानी से देख सकते हैं.
Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण में चांद लाल क्यों होता है?
चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है, जिससे पृथ्वी की छाया चांद पर पड़ती है. ऐसे में पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद कण सूरज की रोशनी को बिखेरते हैं, जिससे चंद्रमा पर लाल रंग की रोशनी पड़ती है और वो लाल दिखाई देता है.
Chandra Grahan Niyam For Pregnant Ladies: गर्भवती महिलाओं के लिए चंद्र ग्रहण के नियम
- घर से बाहर न निकलें.
- धारदार और नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करें.
- किसी से वाद-विवाद न करें.
- तनाव न लें.
- नाखून या बाल न काटें.
- सोने से बचें.
- खाना न खाएं.
- किसी के भी बारे में गलत न सोचें.
चंद्र ग्रहण के शुभ-अशुभ प्रभाव, उपाय, मंत्र और अन्य जानकारी के लिए बने रहें News24 के साथ…
चंद्रमा की खुद की कोई रोशनी नहीं होती है. वह हमेशा सूर्य की रोशनी के कारण चमकता है. यह सूर्य की रोशनी को परावर्तित करता है. जब सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी के आने पर सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती है. ऐसे में सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से होकर चांद तक पहुंचती हैं. वायुमंडल से गुजरने के समय सूर्य की रोशनी के छोटे तरंगदैर्ध्य नीले और हरे फैल जाते हैं. इसके बड़े तरंगदैर्ध्य लाल और नारंगी सीधे चांद पहुंचते हैं. इसी के कारण चंद्रमा ग्रहण के दौरान लाल दिखाई देता है.
ग्रहण के दौरान खाने में तुलसी की पत्तियां डाल देनी चाहिए. इससे खाने पर ग्रहण का अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता है. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए. इसके अलावा धार्मिक दृष्टि से ग्रहण के समय कपड़े धोना, खाना बनाना, झाड़ू-पोंछा, मशीन, चाकू आदि का इस्तेमाल करना वर्जित माना जाता है. आप इन सभी चीजों का ध्यान रखें.
दिल्ली - लगभग 6:26 – 6:46 PM तक
मुंबई - लगभग 6:40 – 6:46 PM तक
कोलकाता - लगभग 5:43 – 6:46 PM तक
नोएडा - शाम 6 बजकर 26 से 06:46 तक
पटना - लगभग 5:55 – 6:46 PM तक
लखनऊ - लगभग 6:12 – 6:46 PM तक
आगरा - शाम में 6 बजकर 23 से 06:46 PM तक
मेरठ - शाम 6 बजकर 24 से 06:46 तक
गाजियाबाद - शाम 6 बजकर 25 से 06:46 तक
बेंगलुरु - लगभग 6:33 – 6:46 PM तक
चेन्नई - लगभग 6:20 – 6:46 PM तक
जयपुर - शाम 06:33 से 06:46 PM तक
साल का पहला चंद्र ग्रहण शुरू हो चुका है. शाम के समय भारत में भी इस ग्रहण को देखा जा सकेगा. होली के दिन यह ग्रहण 100 साल में पहली बार लग रहा है. ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा. इसे ब्लड मून कहा जाता है. आज शाम को भारत में कई स्थानों से इस ग्रहण को देख सकेंगे. भारत में यह पूर्ण रूप से नहीं दिखेगा.
चंद्र ग्रहण के दौरान आप किसी भी देवी-देवता के नाम का जाप कर सकते हैं. लेकिन देवी-देवताओं की फोटो या मूर्ति को स्पर्श न करें, बल्कि किसी शांत जगह पर बैठकर बिना होंठ हिलाएं यानी मानसिक रूप से जाप करें.
मेष, कर्क, सिंह और धनु राशि के लोगों के लिए आज 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण परेशानियां खड़ी कर सकता है. बेवजह किसी से आपकी बहस हो सकती है. इसके अलावा खास चीज के खोने की भी संभावना है.
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अंक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मूलांक 2 और 5 वालों के लिए आज 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण अशुभ रहेगा. जहां कुछ लोगों को अपने स्वास्थ्य में गिरावट महसूस होगी, वहीं कई लोगों का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाएगा. ऐसे में घर में क्लेश का वातावरण रहना तय है. इसके अलावा आपके ऊपर झूठा आरोप भी लग सकता है.
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धार्मिक दृष्टिकोण से चंद्र ग्रहण को सीधे आंखों से देखना अशुभ होता है. खासकर, बच्चों, बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को इसे देखने से बचना चाहिए. हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नग्न आंखों से चंद्र ग्रहण को देखना सुरक्षित माना गया है.
आज शाम करीब 06:46 मिनट तक चंद्र ग्रहण रहेगा, जिसके बाद मंदिरों के कपाट खुलेंगे. हालांकि, ग्रहण समाप्त होने के बाद सबसे पहले मंदिरों को गंगाजल से शुद्ध किया जाएगा, जिसके बाद पूजा-पाठ व आरती होगी.
चंद्र ग्रहण लगना एक खगोलीय घटना है. यह तब लगता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा तीनों एक सीधी रेखा में आ जाते हैं. सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी के आने पर इसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है. यह ग्रहण पूर्णिमा तिथि के दिन ही लगता है जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी के पीछे आता है.
भारत के उत्तर-पूर्व के राज्यों में पूर्ण चंद्र ग्रहण नजर आ सकता है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड इन सभी क्षेत्रों से चंद्र ग्रहण को देख सकेंगे. पश्चिम बंगाल में भी ग्रहण नजर आ सकता है.
वैदिक शास्त्र में कई अचूक उपायों के बारे में बताया गया है, जिनके जरिए व्यक्ति को पता चल सकता है कि उनके घर पर चंद्र ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव पड़ा है या नहीं.
उपाय- चंद्र ग्रहण के शुरू होने से पहले घर के एक कोने में सरकंडा की एक लकड़ी रख दें, लेकिन उसकी ऊंचाई को नाप लें. ग्रहण खत्म होने के बाद फिर से लकड़ी की लंबाई को नापें. अगर लकड़ी की लंबाई बढ़ती है तो ये संकेत है कि आपके घर पर चंद्र ग्रहण का अशुभ प्रभाव पड़ा है.
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चंद्र ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद शांत जगह पर बैठकर देवी-देवताओं का स्मरण करें और फिर स्नान करें. नहाने के बाद आप अपनी दिनचर्या को फॉलो कर सकते हैं.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दिन सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 3 मार्च 2026 को दोपहर 03:21 मिनट से शाम 6:46 मिनट तक सूतक काल रहेगा, जिस दौराम मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दौरान राहु-केतु ग्रह सूर्य या चंद्रमा को अपनी छाया से ढक लेते हैं, जिससे इन ग्रहों का प्रभाव बढ़ जाता है. यदि गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय घर से बाहर जाती हैं तो उनके गर्भ में पल रहे शिशु पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. इससे शिशु के अंगों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है, जिसके कारण जन्मजात रोगों का खतरा बढ़ जाता है.
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सूतक काल के दौरान घर में रहकर मानसिक रूप से जाप करना चाहिए. इसी के साथ आप अपने पितरों व इष्टदेव का स्मरण कर सकते हैं.
आज 3 मार्च 2026 को दोपहर 03:21 मिनट पर लगने वाले चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू हो गया है, जो कि शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा.
आज 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.










