भगवान राम के इस वंशज ने लिया था महाभारत युद्ध में भाग, अभिमन्यु के हाथों हुई थी मृत्यु

क्या आप जानते हैं, महाभारत युद्ध के समय भगवान राम के राज्य कोसल के शासक कौन थे? महाभारत की कथा बतलाती है कि द्वापर युग में कोसल की राजधानी अयोध्या में राजा बृहद्बल सिहासन बैठे थे। आइए जानते हैं, पूरी कहानी क्या है और उन्होंने कौरवों की ओर से युद्ध क्यों किया था?

brihadbala-descendant-of-lord-rama-mahabharata-war-story

भगवान राम त्रेता युग में हुए थे और यह कथा द्वापर युग की है, जब भारत में कौरवों और पांडवों का बोलबाला था। क्या आप जानते हैं, महाभारत युद्ध के समय भगवान राम के राज्य कोसल के शासक कौन थे? महाभारत की कथा बतलाती है कि द्वापर युग में कोसल के राजा बृहद्बल थे और वे भगवान राम के वंशज थे। कहा जाता हैं कि वे कोसल राज्य के अंतिम शासक थे। महाभारत की कथा यह भी बताती है कि उन्होंने महाभारत युद्ध में कौरवों की ओर से युद्ध किया, जो कि उनके वंश के लिए एक आश्चर्यजनक बात थी।

विज्ञापन

भगवान राम का वंश और कोसल राज्य

राजा बृहद्बल भगवान राम के पुत्र कुश के वंशज थे और इक्ष्वाकु राजवंश से थे, जो भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित राजवंशों में से एक था। रामायण काल में अयोध्या को कोसल राज्य की राजधानी माना जाता था, लेकिन महाभारत काल तक कोसल राज्य की शक्ति क्षीण हो चुकी थी। राजा बृहद्बल कोसल राज्य के अंतिम ज्ञात शासक थे, क्योंकि उनकी मृत्यु के बाद कोसल राज्य का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो गया।

विज्ञापन

महाभारत युद्ध में भूमिका

राजा बृहद्बल ने महाभारत युद्ध में कौरवों की ओर से युद्ध किया। यह आश्चर्यजनक था क्योंकि पांडव भी धर्म के मार्ग पर थे, लेकिन महाभारत में उल्लेखित है कि पांडवों द्वारा किए गए किसी अपराध के कारण उन्होंने कौरवों का साथ दिया। हालांकि, इस अपराध का विवरण महाभारत में स्पष्ट रूप से नहीं मिलता, लेकिन यह माना जाता है कि कोई राजनीतिक या पारिवारिक कारण रहा होगा।

विज्ञापन

एक शक्तिशाली योद्धा थे बृहद्बल

विद्वान लोगों का मानना है कि राजसूय यज्ञ के समय भीम ने बृहद्बल को अधीन कर लिया था, जबकि दिग्विजय यात्रा के दौरान कर्ण ने उस पर विजय प्राप्त की। इसी कारण बृहद्बल ने कुरुक्षेत्र युद्ध में कौरवों का साथ दिया। कहते हैं, बृहद्बल एक शक्तिशाली योद्धा थे और उन्होंने युद्ध में कौरव सेना का नेतृत्व किया। उन्होंने कई पांडव योद्धाओं से भिड़ंत की और अपनी वीरता का परिचय दिया।

अभिमन्यु के हाथों हुई मृत्यु

महाभारत के अनुसार, युद्ध के तेरहवें दिन जब अभिमन्यु ने चक्रव्यूह में प्रवेश किया, तो बृहद्बल उन योद्धाओं में से एक थे जो उसके मार्ग में आए। अभिमन्यु ने उन्हें परास्त किया और युद्ध के दौरान अपने घातक तीरों से उनका वध कर दिया। इस प्रकार, बृहद्बल की वीरगति हुई और उनके साथ ही कोसल राज्य का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो गया।

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ