---विज्ञापन---

Religion

Bhai Dooj 2025: जब भाई नहीं हो पास तो कैसे मनाएं ‘भाई दूज’, अपनाएं ये उपाय; होगी अकाल मृत्यु से रक्षा

Bhai Dooj 2025: भाई दूज भाई-बहन के प्रेम और आशीर्वाद का पावन पर्व है. इस दिन यदि भाई दूर हो, तो भी पूजा की जा सकती जाती है. आइए जानते हैं, कुछ कुछ सरल उपाय, जिससे आप पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से यह पर्व मना सकती हैं और पूरा पुण्य फल प्राप्त कर सकती हैं.

Bhai Dooj 2025: भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक पर्व ‘भाई दूज’ हर साल नई उमंग और भावना के साथ मनाया जाता है. यह पावन दिन कार्तिक शुक्ल द्वितीया को आता है, जब बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए तिलक लगाती हैं और विशेष पूजा-अर्चना करती हैं. मान्यता है कि इस दिन बहन के हाथों तिलक करवाने और उसके घर भोजन करने से भाई को अकाल मृत्यु नहीं होती है.

हालांकि बदलते समय और परिस्थितियों के कारण अब कई बार ऐसा होता है कि भाई किसी दूसरे शहर या देश में होता है और इस खास दिन पर बहन के पास नहीं आ पाता. ऐसे में मन में यह सवाल उठता है कि क्या बिना भाई के पास आए, पूजा अधूरी रह जाएगी? आइए ऐसे में जानते हैं कि जब भाई पास नहीं हो, तो भाई दूज कैसे मनाएं, कौन-से उपाय करने पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होगा.

---विज्ञापन---

जब भाई दूर हो, तो ऐसे करें पूजा?

सुबह तैयारी करें: सूरज निकलने से पहले उठें, स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. पूजा की जगह को अच्छे से साफ करें.

भाई की जगह गोले रखें: जितने भाई हैं, उतने नारियल या गोले ले आएं. इसके लिए सुपारी भी उपयोग में लाया जाता है. उन्हें पीले कपड़े पर एक चौकी पर रखें.

---विज्ञापन---

तिलक और पूजा करें: गोले को गंगाजल मिले पानी से स्नान कराएं. रोली और अक्षत यानी सफेद अरवा चावल से तिलक करें. फूल चढ़ाएं और भाई का नाम लेकर प्रार्थना करें.

जल अर्पण और आरती: स्टील के गिलास या लोटे से जल अर्पित करें. आरती करें और गोले को पीले कपड़े से ढक दें.

---विज्ञापन---

यमराज से प्रार्थना: पूजा के अंत में यमराज से भाई की लंबी उम्र और जीवन की रक्षा की प्रार्थना करें.

ये भी पढ़ें: Hastrekha Gyan: उंगलियों के बीच का गैप बताएगा आपकी सोच, स्वभाव और सफलता का रास्ता

---विज्ञापन---

वीडियो कॉल करें

आज जमाना हाइटेक है. अब लगभग सभी लोगों के स्मार्ट फोन और इंटरनेट है. आप वीडियो कॉल पर भी तिलक कर सकती हैं, क्योंकि भाव जुड़ाव से ही पूजा सफल होती है.

पूजा के बाद क्या करें?

सही तरह से पूजा संपन्न होने के बाद गोले को शाम तक उसी जगह पर रखें. पूजा के अगले दिन उन्हें संभालकर रखें या अपने भाई को भेज दें. आपको बता दें कि पूजा के गोले काफी शुभ माने जाते हैं.

---विज्ञापन---

ये भी ध्यान में रखें

तिलक करने से पहले कुछ न खाएं. पूजा के समय भाई का नाम लें. भाई की पसंद का खाना बनाएं, भले वो साथ न हो. मन से की गई पूजा सबसे ज्यादा असर करती है.

ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: ‘धन की सही समझ ही सफलता की कुंजी है’, जानें चाणक्य की 7 अमूल्य आर्थिक नीतियां

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Oct 17, 2025 11:35 AM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

Read More
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.
Sponsored Links by Taboola