Basant Panchami Shahi Snan Muhurat 2026: आज बसंत पंचमी पर होगा माघ मेले का चौथा शाही स्नान, जानें कब तक है शुभ मुहूर्त?

Basant Panchami Shahi Snan Muhurat 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर आज 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के खास मौके पर माघ मेले का चौथा शाही स्नान होगा. यहां पर आप 2026 के माघ मेले के चौथे शाही स्नान के शुभ मुहूर्त और उससे मिलने वाले लाभ के बारे में जान सकते हैं.

Magh Mela 2026

Credit- Social Media

Basant Panchami Shahi Snan Muhurat 2026: आज 23 जनवरी 2026 को देशभर में न सिर्फ मां सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के संगम यानी त्रिवेणी संगम पर माघ मेले का शाही स्नान भी हो रहा है. आज बसंत पंचमी पर चौथा शाही स्नान हो रहा है. इससे पहले मौनी अमावस्या, मकर संक्रांति और पौष पूर्णिमा पर शाही स्नान हुआ था. वहीं, अब बसंत पंचमी के बाद 1 फरवरी 2026 को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि पर शाही स्नान के साथ माघ मेले का समापन हो जाएगा, जिसकी शुरुआत 3 जनवरी 2026 से हुई थी.

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मान्यता है कि माघ मेले के दौरान शाही स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है और व्यक्ति मोक्ष के रास्ते पर आगे बढ़ता है. चलिए अब जानते हैं कि आज 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के मौके पर शाही स्नान का शुभ मुहूर्त क्या है.

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आज बसंत पंचमी पर शाही स्नान का शुभ मुहूर्त क्या है?

पंचांग के मुताबिक, आज 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के दिन प्रातः काल 4 बजकर 30 मिनट से सुबह 6 बजकर 45 मिनट के बीच माघ मेले का चौथा शाही स्नान होगा. वहीं, जो लोग घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करेंगे, वो सुबह ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः 05 बजकर 26 मिनट से सुबह 06 बजकर 20 मिनट के बीच नहा सकते हैं. यदि किसी कारण आप इन दोनों शुभ मुहूर्त में स्नान नहीं कर पाए हैं या कर पाएंगे तो दोपहर में 12 बजे से पहले त्रिवेणी संगम या किसी भी पवित्र नदी में डुबकी लगा सकते हैं.

आज बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

द्रिक पंचांग के अनुसार, आज 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त का आरंभ सुबह 7 बजकर 13 मिनट से हो रहा है, जो कि दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक रहेगा.

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बसंत पंचमी पर पूजा के अन्य शुभ मुहूर्त

23 January 2026 Ka Shubh Muhurat

त्रिवेणी संगम में स्नान करने का धार्मिक महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा नदी, यमुना नदी और अदृश्य सरस्वती नदी का मिलन त्रिवेणी संगम में होता है, जहां स्नान करने से व तट के किनारे पूजा-पाठ करने से जाने-अनजाने में किए गए पापों का नाश होता है और व्यक्ति को जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलने की संभावना बनी रहती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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