Adhik Maas 2026: हिंदू धर्म में अधिकमास को बहुत ही खास माना जाता है. इसे पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जानते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास को बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना गया है. बता दें कि, पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर इस अधिक महीने में राक्षस हिरण्यकशिपु का वध किया था. हिरण्यकशिपु को ब्रह्मा जी से वरदान मिला था कि उसकी मृत्यु 12 महीनों में से किसी महीने में न हो. इस वरदान को निष्फल करने के लिए भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर साल का एक अतिरिक्त तेरहवां महीना उत्पन्न किया था. इसी महीने में हिरण्यकशिपु का वध किया.
कब से कब तक है अधिकमास?
आज यानी 17 मई 2026, दिन रविवार से अधिकमास की शुरुआत हो रही है. अधिकमास को पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहते हैं. इस साल दो ज्येष्ठ महीने हैं. मलमास 17 मई से लेकर 15 जून तक रहेगा. हिंदू धर्म के पंचांग के अनुसार, यह साल 12 की बजाय 13 महीने का होगा. यह मलमास का महीना बेहद खास और पवित्र माना जाता है. इस महीने में कई उपायों को करना लाभकारी होता है.
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अधिकमास में क्या करें?
- अधिकमास विष्णु भगवान की पूजा के लिए खास होता है. आप प्रतिदिन जल्दी उठकर स्नान कर विष्णु भगवान की पूजा करें.
- इसके साथ ही आप गीता, रामचरितमानस और विष्णु सहस्रनाम का पाठ अवश्य करें.
- तुलसी पूजा और दीपदान करें. आप अधिकमास में जरूरतमंद और गरीब लोगों को दान करें. अन्न, धन, जल आदि का दान करना पुण्य फलस देता है.
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अधिकमास में क्या ना करें?
- अधिकमास में शादी करना, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्य नहीं किये जाते हैं.
- आप अधिकमास में तामसिक भोजन, नशा और क्रोध-विवाद आदि से बचें.
- किसी का अपमान न करें. झूठ बोलने और गलत काम करने से आपको बचना चाहिए. अधिकमास में मकान, दुकान और संपत्ति खरीदने से बचना चाहिए.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Adhik Maas 2026: हिंदू धर्म में अधिकमास को बहुत ही खास माना जाता है. इसे पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जानते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास को बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना गया है. बता दें कि, पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर इस अधिक महीने में राक्षस हिरण्यकशिपु का वध किया था. हिरण्यकशिपु को ब्रह्मा जी से वरदान मिला था कि उसकी मृत्यु 12 महीनों में से किसी महीने में न हो. इस वरदान को निष्फल करने के लिए भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर साल का एक अतिरिक्त तेरहवां महीना उत्पन्न किया था. इसी महीने में हिरण्यकशिपु का वध किया.
कब से कब तक है अधिकमास?
आज यानी 17 मई 2026, दिन रविवार से अधिकमास की शुरुआत हो रही है. अधिकमास को पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहते हैं. इस साल दो ज्येष्ठ महीने हैं. मलमास 17 मई से लेकर 15 जून तक रहेगा. हिंदू धर्म के पंचांग के अनुसार, यह साल 12 की बजाय 13 महीने का होगा. यह मलमास का महीना बेहद खास और पवित्र माना जाता है. इस महीने में कई उपायों को करना लाभकारी होता है.
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अधिकमास में क्या करें?
- अधिकमास विष्णु भगवान की पूजा के लिए खास होता है. आप प्रतिदिन जल्दी उठकर स्नान कर विष्णु भगवान की पूजा करें.
- इसके साथ ही आप गीता, रामचरितमानस और विष्णु सहस्रनाम का पाठ अवश्य करें.
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अधिकमास में क्या ना करें?
- अधिकमास में शादी करना, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्य नहीं किये जाते हैं.
- आप अधिकमास में तामसिक भोजन, नशा और क्रोध-विवाद आदि से बचें.
- किसी का अपमान न करें. झूठ बोलने और गलत काम करने से आपको बचना चाहिए. अधिकमास में मकान, दुकान और संपत्ति खरीदने से बचना चाहिए.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.