Shree Kedar Chalisa Lyrics: सनातन धर्म के लोगों के लिए श्री केदारनाथ की पूजा का खास महत्व है, जिन्हें भगवान शिव का स्वयंभू रूप मानकर पूजा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में मंदाकिनी नदी के तट पर केदारनाथ मंदिर में पांडवों ने शिवलिंग की खुद स्थापना की थी. मान्यता है कि नियमित रूप से केदार बाबा की पूजा करने से संकटों से मुक्ति मिलती है. साथ ही जीवन में सुख, समृद्धि, धन, वैभव और ऐश्वर्या आदि का आगमन होता है.
अगर आप भी केदार बाबा को प्रसन्न करना चाहते हैं तो नियमित रूप से श्री केदारनाथ चालीसा का पाठ कर सकते हैं. यहां पर आप श्री केदारनाथ चालीसा के सही लिरिक्स और नियम के बारे में जानेंगे.
श्री केदारनाथ चालीसा
दोहा
केदार गिरि के शिखर पर, विराजे नाथ महान।
करहु कृपा हे शंभु शिव, दुखहारी भगवान॥धार्मिक यात्रा
चालीसा
जय केदार गिरि नायक, जय शिव शंकर धाम।
सकल विश्व के स्वामी, त्रिभुवन के तुम राम॥
हिमगिरि पर सुशोभित, ज्योतिर्मय शिवलिंग।
दर्शन मात्र से मिटे, पाप ताप के सिंधु॥
नंदी पर विराजे, गंगाजल शिर धारे।
त्रिशूल, डमरू, माला, कर में हैं प्यारे॥
रक्षक भक्तन के तुम, संकट हरन हार।
जो सुमिरन करे तिहारे, पावे भव पार॥
पांडव तुमको ध्यावे, कठिन व्रत जब कीन्ह।
प्रकट भये तब शिव, भक्तन के मन लीन्ह॥
जटा से गंगा बहावे, चंद्रमा शीश सजाए।
दिव्य रूप धारण करके, भक्तन को सुखदाए॥
ब्रह्मा, विष्णु, इंद्र, सनकादिक मुनीश।
नित वंदन करते शिव, हैं सदा जगदीश॥
दुख हरते भव भय हारी, सबके कष्ट मिटावे।
शरण पड़े जो कोई, नाथ उन्हें अपनावे॥
दोहा
केदारनाथ जो गावे, शिव कृपा वो पावे।
सुख-शांति घर आवे, भवसागर से तर जावे॥
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श्री केदारनाथ चालीसा के पाठ से जुड़े नियम
- सुबह-शाम चालीसा का पाठ कर सकते हैं.
- पूजा के बाद चालीसा का पाठ करें.
- जल्दबाजी में चालीसा के पाठ के शब्दों का गलत उच्चारण न करें.
- चालीसा के बीच में किसी से बातचीत न करें.
- चालीसा पढ़ने के बाद जाने-अनजाने में पूजा के दौरान हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.










