Half Helmet vs Full Helmet: हाफ या फुल फेस हेलमेट, सड़क पर कौन बचाएगा आपकी जान?
बाइक चलाते समय लोग अक्सर स्टाइल और आराम के चक्कर में हाफ हेलमेट चुन लेते हैं, लेकिन हादसे के वक्त यही छोटी गलती भारी पड़ सकती है. आखिर सड़क पर सबसे ज्यादा सुरक्षा कौन देता है- हाफ फेस या फुल फेस हेलमेट? जानिए दोनों में कितना बड़ा फर्क है.

दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट सबसे जरूरी सुरक्षा कवच माना जाता है. बाजार में आमतौर पर हाफ फेस और फुल फेस दो तरह के हेलमेट मिलते हैं. हालांकि सुरक्षा के मामले में दोनों के बीच बड़ा अंतर होता है.
लोग क्यों चुनते हैं हाफ हेलमेट?
2 / 10कई लोग स्टाइल, हल्के वजन या गर्मी से राहत के लिए हाफ हेलमेट खरीद लेते हैं. लेकिन एक्सीडेंट के दौरान यह उतनी सुरक्षा नहीं दे पाता जितनी फुल फेस हेलमेट देता है.
फुल फेस हेलमेट क्यों माना जाता है ज्यादा सुरक्षित?
3 / 10कानून और सेफ्टी एक्सपर्ट्स दोनों फुल फेस हेलमेट को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं. यह सिर के साथ-साथ चेहरे, जबड़े और ठुड्डी को भी पूरी तरह कवर करता है.
ठुड्डी और जबड़े की सुरक्षा सबसे बड़ा फायदा
4 / 10रिपोर्ट्स के मुताबिक सड़क हादसों में करीब 35 प्रतिशत चोटें ठुड्डी और जबड़े पर लगती हैं. फुल फेस हेलमेट इस हिस्से को पूरी तरह सुरक्षित रखने में मदद करता है.
शोर और धूल से भी बचाव
5 / 10फुल फेस हेलमेट कानों को अच्छी तरह कवर करता है, जिससे बाहर का अनचाहा शोर कम सुनाई देता है. इसका वाइजर हवा, धूल, बारिश और उड़ते कीड़े-मकौड़ों से आंखों की रक्षा करता है. ये भी पढ़ें- 45°C की गर्मी में बाइक टायर में कितनी हवा सही? जान लें वरना पड़ सकता है भारी
हाफ हेलमेट की सबसे बड़ी कमी
6 / 10हाफ हेलमेट सिर्फ सिर के ऊपरी हिस्से को ढकता है. इसमें चेहरा, गाल और ठुड्डी पूरी तरह खुले रहते हैं, जिससे हादसे के समय चोट का खतरा बढ़ जाता है.
ISI मार्क होने के बाद भी फर्क पड़ता है
7 / 10वैसे तो ISI मार्क वाला हेलमेट ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, लेकिन ISI मार्क वाला हाफ हेलमेट भी फुल फेस हेलमेट जितनी सुरक्षा नहीं दे पाता. ये भी पढ़ें- बाइक का इंजन आखिर कितने साल चलता है? जानिए इसकी असली लाइफ
गर्मियों में लोग करते हैं ये गलती
8 / 10गर्मी में बेहतर वेंटिलेशन के कारण कई लोग हाफ हेलमेट पहनना पसंद करते हैं. इसमें हवा ज्यादा लगती है, लेकिन गंभीर एक्सीडेंट के समय यह फुल फेस हेलमेट जितना सुरक्षित नहीं होता.
हेलमेट खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
9 / 10हमेशा BIS यानी भारतीय मानक ब्यूरो से प्रमाणित हेलमेट ही खरीदें. लोकल और बिना सर्टिफिकेशन वाले हेलमेट सुरक्षा के लिहाज से कमजोर हो सकते हैं. ये भी पढ़ें- गर्मियों में कार-बाइक टायर में नाइट्रोजन भरवाएं या फिर नॉर्मल हवा, कौन-सी बेस्ट?
हेलमेट की फिटिंग भी है बेहद जरूरी
10 / 10हेलमेट पहनते समय उसकी स्ट्रैप हमेशा ठीक से बांधनी चाहिए. अगर पट्टी ढीली होगी तो दुर्घटना के दौरान हेलमेट निकल सकता है. हेलमेट न ज्यादा टाइट हो और न ही ज्यादा ढीला. (Images Credit- AI, Freepik, unsplash)



















