दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट सबसे जरूरी सुरक्षा कवच माना जाता है. बाजार में आमतौर पर हाफ फेस और फुल फेस दो तरह के हेलमेट मिलते हैं. हालांकि सुरक्षा के मामले में दोनों के बीच बड़ा अंतर होता है.
लोग क्यों चुनते हैं हाफ हेलमेट?

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कई लोग स्टाइल, हल्के वजन या गर्मी से राहत के लिए हाफ हेलमेट खरीद लेते हैं. लेकिन एक्सीडेंट के दौरान यह उतनी सुरक्षा नहीं दे पाता जितनी फुल फेस हेलमेट देता है.
फुल फेस हेलमेट क्यों माना जाता है ज्यादा सुरक्षित?

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कानून और सेफ्टी एक्सपर्ट्स दोनों फुल फेस हेलमेट को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं. यह सिर के साथ-साथ चेहरे, जबड़े और ठुड्डी को भी पूरी तरह कवर करता है.
ठुड्डी और जबड़े की सुरक्षा सबसे बड़ा फायदा

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रिपोर्ट्स के मुताबिक सड़क हादसों में करीब 35 प्रतिशत चोटें ठुड्डी और जबड़े पर लगती हैं. फुल फेस हेलमेट इस हिस्से को पूरी तरह सुरक्षित रखने में मदद करता है.
हाफ हेलमेट की सबसे बड़ी कमी

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हाफ हेलमेट सिर्फ सिर के ऊपरी हिस्से को ढकता है. इसमें चेहरा, गाल और ठुड्डी पूरी तरह खुले रहते हैं, जिससे हादसे के समय चोट का खतरा बढ़ जाता है.
गर्मियों में लोग करते हैं ये गलती

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गर्मी में बेहतर वेंटिलेशन के कारण कई लोग हाफ हेलमेट पहनना पसंद करते हैं. इसमें हवा ज्यादा लगती है, लेकिन गंभीर एक्सीडेंट के समय यह फुल फेस हेलमेट जितना सुरक्षित नहीं होता.
हेलमेट की फिटिंग भी है बेहद जरूरी

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हेलमेट पहनते समय उसकी स्ट्रैप हमेशा ठीक से बांधनी चाहिए. अगर पट्टी ढीली होगी तो दुर्घटना के दौरान हेलमेट निकल सकता है. हेलमेट न ज्यादा टाइट हो और न ही ज्यादा ढीला. (Images Credit- AI, Freepik, unsplash)