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ये कैसी होनी! साल का आखिरी महीना, 3 तारीखें, 3 नामी हस्तियां, तीनों का आपस में खास कनेक्शन

Manmohan Singh Ratan Tata Osamu Suzuki Connection: दिसंबर महीने की 3 तारीखों का 3 नामी हस्तियों के साथ कनेक्शन सामने आया है, जिनमें से एक भारत से नहीं है, फिर भी उनका भारत से खास कनेक्शन है। इस कनेक्शन को जानने के बाद आप इसे गजब का संयोग ही कहेंगे।

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December 2024 Connection With 3 Prominent People: कभी-कभी हमारे आसपास बहुत कुछ ऐसा होता है, जिसे देखकर ‘संयोग’ जैसे शब्द का असली मतलब पता चलता है। कभी-कभी कुछ घटनाएं चेन रिएक्शन की तरह होती चली जाती हैं और हम सोच में पड़ जाते हैं कि ऐसा कैसे हुआ? 26 दिसंबर को देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन की खबर आई, तब से लेकर आज तक 3 दिन में बहुत कुछ ऐसा सुनने में आया, जो कहीं न कहीं, किसी न किसी रूप में एक-दूसरे से कनेक्टेड है।

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मनमोहन सिंह की पसंदीदा कार बनाने वाले का निधन हुआ

देश में आर्थिक सुधारों की अलख जगाने वाले डॉ मनमोहन सिंह हाई-फाई लाइफ जीने में यकीन नहीं रहते थे। उन्हें ‘साधा जीवन उच्च विचार’ जैसी कहावतों में यकीन था। देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद भी उन्हें अपनी मारुति 800 से प्यार था। PM हाउस में BMW के पीछे खड़ी अपनी इस कार को वह हसरत भरी निगाहों से देखा करते थे। 26 दिसंबर 2024 को मनमोहन सिंह के निधन के बाद उनकी सादगी के किस्से बाहर निकले और मारुति-800 के प्रति उनका प्यार भी दुनिया के सामने आया। होनी को कौन टाल सकता है, दुर्भाग्यवश अगले दिन 27 दिसंबर को मनमोहन सिंह की पसंदीदा मारुति 800 बनाने वाली कंपनी के चेयरमैन ओसामु सुजुकी के निधन की खबर आ गई।

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सुजुकी ने भारतीय ऑटो मोबाइल सेक्टर की दशा-दिशा बदली

सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन के तौर पर ओसामु सुजुकी ने भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिशा और दशा बदलने में महत्वपूर्ण किरदार निभाया था। 1982 में सुजुकी ने भारत सरकार के साथ एक जॉइंट वेंचर बनाया। भारत में मारुति उद्योग का निर्माण हुआ और इस साझेदारी से मारुति 800 का जन्म हुआ, जो मनमोहन सिंह सहित पूरे देश की चहेती बन गई। ओसामु 1958 में सुजुकी परिवार की बेटी से शादी के बाद सुजुकी मोटर कंपनी में शामिल हुए थे। उन्होंने अपनी वाइफ का फैमिली सरनेम ‘सुजुकी’ अपनाया था।

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रतन टाटा के होटल पर आतंकी हमला करने वाले की मौत

ओसामु सुजुकी के दुनिया से रुखसत होने के दिन 27 दिसंबर से अगले दिन यानी आज 28 दिसंबर को सबके चहेते रतन टाटा का जन्मदिन है, लेकिन इससे एक दिन पहले 27 दिसंबर 2024 को साल 2008 में मुंबई हमले के दौरान टाटा समूह के ताज होटल को निशाना बनाने वाले पाकिस्तानी आतंकी को लेकर एक खबर आई। मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साले और प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के आतंकी हाफिज अब्दुल रहमान मक्की की मौत हो गई। शुक्रवार को लाहौर में उसे दिल का दौरा पड़ा और उसकी सांसें रुक गईं।

मनमोहन सिंह के मारुति प्रेम और सुजुकी मोटर के चेयरमैन के साथ रतन टाटा का एक कनेक्शन यह भी है कि रतन टाटा ने मिडिल क्लास के लिए भारत की सबसे सस्ती कार बनाई थी। नैनो लॉन्च करके रतन टाटा ने हर आंख में अपनी कार के सपने को जन्म दिया। होनी कुछ ऐसी हुई कि मनमोहन सिंह जिस तारीख को पंचतत्व में विलीन हुए , रतन टाटा उसी तारीख को जन्मे थे।

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First published on: Dec 28, 2024 02:30 PM

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About the Author

Abhishek Mehrotra

अभिषेक मेहरोत्रा उन चुनिंदा पत्रकारों में शुमार हैं, जो हमेशा कुछ नया करने और खुद को समय से आगे रखने में प्रयासरत रहते हैं. प्रिंट मीडिया से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अभिषेक ने डिजिटल जर्नलिज्म में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है. बतौर ग्रुप एडिटर डिजिटल News24 से जुड़ने से पहले अभिषेक मेहरोत्रा बिज़नेस वर्ल्ड में डिजिटल एडिटर की जिम्मेदारी निभा रहे थे. उन्होंने Zee मीडिया में डिजिटल एडिटर के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया है. उनकी लीडरशिप में ज़ी न्यूज़ की वेबसाइट न केवल लोगों की पसंदीदा वेबसाइट बनी, बल्कि उसने नंबर 1 न्यूज़ वेबसाइट का मुकाम भी हासिल किया. अभिषेक मेहरोत्रा के कार्यकाल में जी न्यूज़ की वेबसाइट ने 100 मिलियन यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया था, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. अभिषेक मेहरोत्रा ने अपना करियर आगरा के स्वराज्य टाइम्स से जर्नलिज्म की पढाई के दौरान शुरू किया। उसके बाद अमर उजाला, दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स के जरिए अपनी पत्रकारिता की पारी को आगे बढ़ाया। वे उन चुनिंदा पत्रकारों में है जो आज के युग के मीडिया यानी वेब जर्नलिज्म के अच्छे जानकार माने जाते हैं। नवभारतटाइम्स ऑनलाइन के साथ वेब पत्रकारिता शुरू करने वाले अभिषेक का जागरण डॉट कॉम को एक बड़ी ऊंचाई तक पहुंचाने में अहम योगदान रहा है। अभिषेक ने काफी पहले ही वेब वर्ल्ड की बारीकियों को समझ लिया था, क्योंकि वह जानते थे कि पत्रकारिता का भविष्य डिजिटल मीडिया में ही निहित है. आज वह अपनी उस समझ, ज्ञान, अनुभव और खबरों को बेहतर ढंग से समझने के कौशल के बल पर पत्रकारिता के स्तंभ को और मजबूती प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने 5 सालों तक मीडिया स्ट्रीम से जुड़ी वेबसाइट समाचार4मीडिया डॉट कॉम में संपादकीय प्रभारी का दायित्व भी निभाया है. मीडिया जगत और वहां के बिजनेस मॉडल पर उनकी पैनी नजर के चलते वे मीडिया विश्लेषक के तौर पर भी जाने जाते हैं। खबरों की दुनिया के तमात दबाव और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने अंदर के व्यंगकार को जीवित रखा है. उनके लेख अमर उजाला, आउटलुक हिंदी, चौथी दुनिया में बतौर व्यंग्यकार निरंतर प्रकाशित होते है. राज्यसभा डॉट कॉम और दैनिक जागरण के लिए वे विदेशी और समसमायिक मुद्दों पर लिखने वाले स्थापित कॉलमिनिस्ट हैं।

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Abhishek Mehrotra

अभिषेक मेहरोत्रा उन चुनिंदा पत्रकारों में शुमार हैं, जो हमेशा कुछ नया करने और खुद को समय से आगे रखने में प्रयासरत रहते हैं. प्रिंट मीडिया से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अभिषेक ने डिजिटल जर्नलिज्म में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है. बतौर ग्रुप एडिटर डिजिटल News24 से जुड़ने से पहले अभिषेक मेहरोत्रा बिज़नेस वर्ल्ड में डिजिटल एडिटर की जिम्मेदारी निभा रहे थे. उन्होंने Zee मीडिया में डिजिटल एडिटर के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया है. उनकी लीडरशिप में ज़ी न्यूज़ की वेबसाइट न केवल लोगों की पसंदीदा वेबसाइट बनी, बल्कि उसने नंबर 1 न्यूज़ वेबसाइट का मुकाम भी हासिल किया. अभिषेक मेहरोत्रा के कार्यकाल में जी न्यूज़ की वेबसाइट ने 100 मिलियन यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया था, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. अभिषेक मेहरोत्रा ने अपना करियर आगरा के स्वराज्य टाइम्स से जर्नलिज्म की पढाई के दौरान शुरू किया। उसके बाद अमर उजाला, दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स के जरिए अपनी पत्रकारिता की पारी को आगे बढ़ाया। वे उन चुनिंदा पत्रकारों में है जो आज के युग के मीडिया यानी वेब जर्नलिज्म के अच्छे जानकार माने जाते हैं। नवभारतटाइम्स ऑनलाइन के साथ वेब पत्रकारिता शुरू करने वाले अभिषेक का जागरण डॉट कॉम को एक बड़ी ऊंचाई तक पहुंचाने में अहम योगदान रहा है। अभिषेक ने काफी पहले ही वेब वर्ल्ड की बारीकियों को समझ लिया था, क्योंकि वह जानते थे कि पत्रकारिता का भविष्य डिजिटल मीडिया में ही निहित है. आज वह अपनी उस समझ, ज्ञान, अनुभव और खबरों को बेहतर ढंग से समझने के कौशल के बल पर पत्रकारिता के स्तंभ को और मजबूती प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने 5 सालों तक मीडिया स्ट्रीम से जुड़ी वेबसाइट समाचार4मीडिया डॉट कॉम में संपादकीय प्रभारी का दायित्व भी निभाया है. मीडिया जगत और वहां के बिजनेस मॉडल पर उनकी पैनी नजर के चलते वे मीडिया विश्लेषक के तौर पर भी जाने जाते हैं। खबरों की दुनिया के तमात दबाव और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने अंदर के व्यंगकार को जीवित रखा है. उनके लेख अमर उजाला, आउटलुक हिंदी, चौथी दुनिया में बतौर व्यंग्यकार निरंतर प्रकाशित होते है. राज्यसभा डॉट कॉम और दैनिक जागरण के लिए वे विदेशी और समसमायिक मुद्दों पर लिखने वाले स्थापित कॉलमिनिस्ट हैं।

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