कुछ साल पहले तक शादी से पहले लोग एक-दूसरे की पसंद, परिवार और करियर पर ही बात करते थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. शादी एक बड़ा फैसला होता है, जिसमें दो अनजान एक दूसरे के हमसफर बनकर पूरी जिंदगी बिताते हैं. इसी को देखते हुए आज के युवा कपल शादी से पहले अपनी सेहत और फ्यूचर फैमिली प्लानिंग को लेकर ज्यादा सोचने लगे हैं और दूसरों से छिपकर चुपचाप फर्टिलिटी टेस्ट करवा रहे हैं. इस टेस्टे के पीछे की वजह यह है कि शादी के बाद किसी अनचाही परेशानी का सामना दोनों में से किसी को न करना पड़े.
शादी से पहले फर्टिलिटी टेस्ट क्यों करा रहे हैं कपल?
डॉक्टरों के मुताबिक, ओपीडी में ऐसे कपल्स की संख्या बढ़ रही है जो शादी से पहले ही फर्टिलिटी (Fertility) से जुड़ी जांच करवा रहे हैं. अगर आप सोच रहे हैं कि इसका मकसद किसी तरह का डर है, तो ऐसा बिलकुल नहीं हैं, बल्कि पहले से सच्चाई जानकर मानसिक रूप से तैयार रहना है. खास बात यह है कि अब सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी इस जांच को गंभीरता से ले रहे हैं. फैमिली प्लानिंग को लेकर यह सोच दिखाती है कि कपल्स अब ज्यादा जिम्मेदार और प्रैक्टिकल हो गए हैं.
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पुरुषों में क्यों घट रही है स्पर्म काउंट?
फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनियाभर में पुरुषों की स्पर्म (Sperm) की संख्या लगातार कम हो रही है. कई रिसर्च में यह सामने आया है कि पिछले कुछ दशकों में औसत स्पर्म काउंट में भारी गिरावट दर्ज की गई है. पहले जो काउंट सामान्य माना जाता था, आज वही कई मामलों में मुश्किल से पूरा हो पा रहा है. विशेषज्ञ बताते हैं कि अब समस्या सिर्फ स्पर्म की संख्या की नहीं, बल्कि उनकी रफ्तार और बनावट की भी है, जो प्रजनन क्षमता को सीधे प्रभावित करती है.
ओपीडी में सामने आ रहे चौंकाने वाले मामले
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्टर बताते हैं कि कई बार जांच के बाद असली समस्या वहीं निकलती है, जहां उम्मीद कम होती है. कुछ मामलों में महिला की सभी रिपोर्ट नॉर्मल होती हैं, जबकि पुरुष में जन्मजात या लाइफस्टाइल से जुड़ी वजहों से लो स्पर्म काउंट सामने आता है. इन सबके बीच दिलचस्प बात यह है कि जहां पहले माहिलाएं इस तरह के टेस्ट को लेकर खुलकर बात नहीं कर पाती थी, वहां अब कई महिलाएं शादी से पहले ही होने वाले जीवनसाथी का फर्टिलिटी टेस्ट (Fertility Test) कराने की सामने रख पा रही हैं. यह बदलाव समाज में सोच के सकारात्मक बदलाव को दिखाता है.
पुरुषों में इनफर्टिलिटी के पीछे कौन जिम्मेदार
विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों में इनफर्टिलिटी की बड़ी वजहें आज की गलत लाइफस्टाइल हैं. इसमें धूम्रपान, शराब, जंक फूड, ज्यादा तनाव और लंबे समय तक बैठकर काम करना स्पर्म क्वालिटी को नुकसान बहुत पहुंचाता है. इसके अलावा, बढ़ता वायु प्रदूषण, केमिकल्स, प्लास्टिक और हार्मोन बिगाड़ने वाले तत्व भी इस समस्या में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. डॉक्टरों का मानना है कि शादी से पहले फर्टिलिटी टेस्ट कराना डर की नहीं, बल्कि समझदारी की निशानी है, जिससे भविष्य को लेकर सही फैसले लिए जा सकते हैं.
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कुछ साल पहले तक शादी से पहले लोग एक-दूसरे की पसंद, परिवार और करियर पर ही बात करते थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. शादी एक बड़ा फैसला होता है, जिसमें दो अनजान एक दूसरे के हमसफर बनकर पूरी जिंदगी बिताते हैं. इसी को देखते हुए आज के युवा कपल शादी से पहले अपनी सेहत और फ्यूचर फैमिली प्लानिंग को लेकर ज्यादा सोचने लगे हैं और दूसरों से छिपकर चुपचाप फर्टिलिटी टेस्ट करवा रहे हैं. इस टेस्टे के पीछे की वजह यह है कि शादी के बाद किसी अनचाही परेशानी का सामना दोनों में से किसी को न करना पड़े.
शादी से पहले फर्टिलिटी टेस्ट क्यों करा रहे हैं कपल?
डॉक्टरों के मुताबिक, ओपीडी में ऐसे कपल्स की संख्या बढ़ रही है जो शादी से पहले ही फर्टिलिटी (Fertility) से जुड़ी जांच करवा रहे हैं. अगर आप सोच रहे हैं कि इसका मकसद किसी तरह का डर है, तो ऐसा बिलकुल नहीं हैं, बल्कि पहले से सच्चाई जानकर मानसिक रूप से तैयार रहना है. खास बात यह है कि अब सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी इस जांच को गंभीरता से ले रहे हैं. फैमिली प्लानिंग को लेकर यह सोच दिखाती है कि कपल्स अब ज्यादा जिम्मेदार और प्रैक्टिकल हो गए हैं.
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पुरुषों में क्यों घट रही है स्पर्म काउंट?
फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनियाभर में पुरुषों की स्पर्म (Sperm) की संख्या लगातार कम हो रही है. कई रिसर्च में यह सामने आया है कि पिछले कुछ दशकों में औसत स्पर्म काउंट में भारी गिरावट दर्ज की गई है. पहले जो काउंट सामान्य माना जाता था, आज वही कई मामलों में मुश्किल से पूरा हो पा रहा है. विशेषज्ञ बताते हैं कि अब समस्या सिर्फ स्पर्म की संख्या की नहीं, बल्कि उनकी रफ्तार और बनावट की भी है, जो प्रजनन क्षमता को सीधे प्रभावित करती है.
ओपीडी में सामने आ रहे चौंकाने वाले मामले
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्टर बताते हैं कि कई बार जांच के बाद असली समस्या वहीं निकलती है, जहां उम्मीद कम होती है. कुछ मामलों में महिला की सभी रिपोर्ट नॉर्मल होती हैं, जबकि पुरुष में जन्मजात या लाइफस्टाइल से जुड़ी वजहों से लो स्पर्म काउंट सामने आता है. इन सबके बीच दिलचस्प बात यह है कि जहां पहले माहिलाएं इस तरह के टेस्ट को लेकर खुलकर बात नहीं कर पाती थी, वहां अब कई महिलाएं शादी से पहले ही होने वाले जीवनसाथी का फर्टिलिटी टेस्ट (Fertility Test) कराने की सामने रख पा रही हैं. यह बदलाव समाज में सोच के सकारात्मक बदलाव को दिखाता है.
पुरुषों में इनफर्टिलिटी के पीछे कौन जिम्मेदार
विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों में इनफर्टिलिटी की बड़ी वजहें आज की गलत लाइफस्टाइल हैं. इसमें धूम्रपान, शराब, जंक फूड, ज्यादा तनाव और लंबे समय तक बैठकर काम करना स्पर्म क्वालिटी को नुकसान बहुत पहुंचाता है. इसके अलावा, बढ़ता वायु प्रदूषण, केमिकल्स, प्लास्टिक और हार्मोन बिगाड़ने वाले तत्व भी इस समस्या में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. डॉक्टरों का मानना है कि शादी से पहले फर्टिलिटी टेस्ट कराना डर की नहीं, बल्कि समझदारी की निशानी है, जिससे भविष्य को लेकर सही फैसले लिए जा सकते हैं.
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