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25 साल बाद कैसे दिखेंगे स्मार्टफोन के एडिक्ट यूजर्स? AI ने की ऐसी भविष्यवाणी, जान गए तो Phone से बना लेंगे दूरी!

AI का यह मॉडल किसी काल्पनिक विचार पर नहीं, बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका की CDC जैसी संस्थाओं के स्वास्थ्य डाटा पर आधारित है.

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Smartphone Addiction: दुनिया में स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या अरबों में है, सिर्फ भारत में ही करोड़ों लोग घंटों अपने स्मार्टफोन से चिपके रहते हैं. अक्सर आपने लोगों को बोलते सुना होगा, या खुद भी बच्चों को समझाया होगा कि ज्यादा देर तक फोन नहीं देखते वरना आंखें खराब हो जाएंगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्मार्टफोन के इस्तेमाल का बुरा असर सिर्फ आंखों पर ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर पर पड़ सकता है. हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से स्मार्टफोन यूजर्स का 25 बाद का भविष्य पूछा गया. इसके जवाब में एआई ने जो तस्वीर दिखाई उसे देखकर आप भी हो सकता है अपने स्मार्टफोन से दूरी बना लें.

25 साल बाद फोन के आदी लोगों का डरावना रूप!


साल 2050 तक अगर हमारी आदतें नहीं बदलीं, तो स्मार्टफोन हमें भीतर से नहीं बल्कि बाहर से भी बदल देगा. स्टेप-ट्रैकिंग ऐप WeWard ने हाल ही में एक चौंकाने वाला AI मॉडल शेयर किया है जो दिखाता है कि औसत फोन एडिक्ट यानी मोबाइल का दीवाना आने वाले 25 सालों बाद कैसा दिख सकता है. AI द्वारा बनाए गए इस 3D मॉडल का नाम सैम (Sam) रखा गया है, जो हमारे भविष्य का एक डरावना आईना पेश करता है.

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कैसे तैयार किया गया ये डाटा?


यह मॉडल किसी काल्पनिक विचार पर नहीं, बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका की CDC जैसी संस्थाओं के स्वास्थ्य डाटा पर आधारित है. इन आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए वीवर्ड (WeWard) ने एक विस्तृत AI प्रॉम्प्ट के जरिए सैम को तैयार किया है. यह दिखाता है कि अगर इंसान आज की ही तरह स्क्रीन और सोशल मीडिया में डूबा रहे, तो उसका शरीर लगातार खराब मुद्रा, नींद की कमी और शारीरिक निष्क्रियता का शिकार बन जाएगा.

2050 में ऐसा दिखेगा फोन एडिक्ट


वीडियो के मुताबिक, 2050 तक जो लोग घंटों फोन में झुके रहते हैं, उनमें कई चौंकाने वाले बदलाव नजर आएंगे. उनके शरीर में झुकी हुई रीढ़, आगे की ओर झुका सिर, लाल और थकी हुई आंखें, आंखों के नीचे गहरे काले घेरे और सूजे हुए टखने शामिल हो सकते हैं. पेट बाहर निकलने लगेगा, नसें उभरी दिखाई देंगी और त्वचा पर सूजन या एक्ज़िमा जैसे लक्षण आ सकते हैं. कुछ लोगों में बाल झड़ने और रंग फीका पड़ने जैसी समस्याएं भी दिखेंगी.

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युवाओं में भी दिखने लगेगी ये समस्या


AI मॉडल सैम का सिर आगे की तरफ झुका हुआ और पीठ मुड़ी हुई दिखाई दे रही है, जिसे एक्सपर्ट ‘टेक नेक’ कहते हैं. यह एक ऐसी स्थिति है जो लगातार मोबाइल स्क्रीन देखने या झुककर बैठने से होती है. पहले यह समस्या बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब स्मार्टफोन की लत के कारण युवा वर्ग में तेजी से बढ़ रही है. इसके चलते लगातार गर्दन व पीठ में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और थकान जैसी दिक्कतें आम हो चुकी हैं.

मानसिक और शारीरिक पर बुरा असर


केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी इस आदत का भारी असर पड़ता है. लंबे समय तक सोशल मीडिया पर रहने से व्यक्ति धीरे-धीरे समाज से दूरी महसूस करने लगता है. इससे चिंता, अकेलापन और डिप्रेशन जैसी दिक्कतें जन्म लेती हैं.

First published on: Nov 07, 2025 02:57 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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