Bowel Cancer: कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो अगर एक बार हो जाएं तो उसका ठीक होना मुश्किल हो जाता है। कैंसर एक नहीं बल्कि कई प्रकार के होते हैं, जिसमें से एक है आंतों का कैंसर। लैंसेट के एक नए अध्ययन में कहा गया है कि दुनिया भर में 25 से 49 वर्ष की आयु के लोगों में प्रारंभिक अवस्था में आतें का केंसर की संभावना बढ़ रही है। इसके बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है खराब लाइफस्टाइल। कम फाइबर वाली डाइट, अधिक अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ, मोटापा और एक्सरसाइज की कमी के कारण कैंसर बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। आंतों के कैंसर को कोलन कैंसर या रेक्टल कैंसर कहा जाता है। ये ज्यादातर बड़ी आंत में विकसित होता है। आइए जानते हैं कि आप अपनी लाइफस्टाइल में क्या-क्या बदलाव कर सकते हैं?
लक्षण
1.मल में खून आना
2.पेट में दर्द, ऐंठन, या पेट फूलना
8.एनीमिया या त्वचा का पीला होना
9.सांस लेने में दिक्कत होना
डाइट में लें फाइबर
फाइबर से भरपूर डाइट से आंत के कैंसर की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है। इसमें पत्तेदार हरी सब्जियां, रेशेदार फल, मेवे और बीज, अन्य फाइबर से भरपूर डाइट को शामिल कर सकते हैं। साबुत अनाज, साबुत गेहूं का पास्ता, जई, बीन्स, छोले और दाल जैसी चीजें भी फाइबर के अच्छे सोर्स माने जाते हैं। हर दिन 30 ग्राम फाइबर खाने से आंत्र कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
आंतों के कैंसर के जोखिम को दूर रखने के लिए दिन में 6 से 8 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है। पानी कोलन से हानिकारक बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे कोलन कोशिकाओं में उनका संचयन रुक जाता है जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके लिए आप आप दूध, चीनी रहित ड्रिंक, फलों के जूस, स्मूदी आदि को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
रोज करें एक्सरसाइज
आंतों के कैंसर के बढ़ने का एक कारण शारीरिक एक्टिविटी की कमी भी हो सकती है। आजकल लोग अपने कामों में इतने बिजी रहते हैं की एक्सरसाइज नहीं कर पाते हैं। एक्टिव लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज कैंसर को कम करने में मदद कर सकती है। एक्टिव रहने के लिए पैदल चलना, स्किपिंग, दौड़ना और साइकिल चलाना कोई भी एक्टिविटी की जा सकती हैं।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।