शेफ संजीव कपूर ने कहा नाश्ते में कभी नहीं खाना चाहिए पोहा, ब्लड शुगर स्पाइक होगा तुरंत
Is Poha Unhealthy For Breakfast: नाश्ते में पोहा खाना चाहिए या नहीं इसपर शेफ संजीव कपूर का कहना है यह पोहा हेल्दी नहीं होता है. इसपर आइए जानते हैं क्या सचमुच सेहत को बिगाड़ सकता है पोहा.
Written By: Seema Thakur|Updated: May 21, 2026 15:29
Edited By : Seema Thakur|Updated: May 21, 2026 15:29
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Poha For Breakfast: शेफ संजीव कपूर ने बताया हेल्दी नहीं है पोहा.
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Poha And Blood Sugar Spike: भारत में नाश्ते के बहुत से ऑप्शंस हैं जैसे इडली, उत्तपम, चीला, दलिया या साबुदाना की खिचड़ी. इन्हीं में आता है पोहा. पोहा स्वाद में तो अच्छा होता ही है, साथ ही इसे सेहत के लिए अच्छा समझते हुए लोग बेझिझक खाते हैं. लेकिन, ANI के साथ पोडकस्ट के दौरान शेफ संजीव कपूर (Chef Sanjeev Kapoor) ने इस बात का जिक्र किया है कि पोहा सेहत के लिए अच्छा नहीं है. आइए जानते हैं पोहे को लेकर संजीव कपूर का क्या कहना है और शेफ की बात कितनी सही है और कितनी नहीं.
बातचीत के दौरान पोडकास्ट पर शेफ संजीव कपूर ने कहा कि पोहा एक हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शन नहीं है. उन्होंने कहा, "यह कंफर्ट फूड है लेकिन हेल्दी नहीं है. अगर चावल बुरा है तो पोहा उससे भी बुरा है. अगर आप अपना ब्लड शुगर बढ़ता हुआ देखना चाहते हैं तो नाश्ते में पोहा खा सकते हैं.
क्या सचमुच सेहत के लिए इतना बुरा है पोहा?
पोहा फ्लैटेन्ड राइस से बना होता है और इसमें रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट होते हैं और इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो इससे ब्लड शुगर स्पाइक (Blood Sugar Spike) हो सकता है यानी ब्लड शुगर लेवल्स बढ़ सकते हैं. लेकिन, किसी भी चीज से ज्यादा उस चीज को कितनी मात्रा में खाया जा रहा है यह ब्लड शुगर को ज्यादा प्रभावित करता है. ऐसे में पोहा को किस तरह से पकाया जा रहा है और कितनी मात्रा में खाया जा रहा है इसका ध्यान रखना भी जरूरी है.
पोहे में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा कम होती है. ये दोनों ही न्यूट्रिएंट्स ग्लूकोज के एब्जॉर्प्शन को धीमा करते हैं. ऐसे में पोहा खाने पर यह जल्दी पच जाता है और ब्लड शुगर लेवल्स को तेजी से बढ़ा देता है. अन्य रिफाइंड ग्रेन बेस्ड फूड्स के साथ भी यही होता है.
कैसे बनाएं पोहा
ब्लड शुगर स्पाइक ना हो इसके लिए पोहा सही तरह से पकाना जरूरी होता है. पोहा में मूंगफली और स्प्राउट्स डाले जा सकते हैं. इसके अलावा, गाजर, मटर, शिमला मिर्च और हेल्दी फैट्स और प्रोटीन को पोहे में शामिल करें. आप इसे दही के साथ खा सकते हैं. इसके अलावा, ब्लड शुगर स्पाइक से बचने के लिए पोहा सीमित मात्रा में ही खाएं. पोर्शन कंट्रोल करना सबसे ज्यादा जरूरी है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Poha And Blood Sugar Spike: भारत में नाश्ते के बहुत से ऑप्शंस हैं जैसे इडली, उत्तपम, चीला, दलिया या साबुदाना की खिचड़ी. इन्हीं में आता है पोहा. पोहा स्वाद में तो अच्छा होता ही है, साथ ही इसे सेहत के लिए अच्छा समझते हुए लोग बेझिझक खाते हैं. लेकिन, ANI के साथ पोडकस्ट के दौरान शेफ संजीव कपूर (Chef Sanjeev Kapoor) ने इस बात का जिक्र किया है कि पोहा सेहत के लिए अच्छा नहीं है. आइए जानते हैं पोहे को लेकर संजीव कपूर का क्या कहना है और शेफ की बात कितनी सही है और कितनी नहीं.
बातचीत के दौरान पोडकास्ट पर शेफ संजीव कपूर ने कहा कि पोहा एक हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शन नहीं है. उन्होंने कहा, “यह कंफर्ट फूड है लेकिन हेल्दी नहीं है. अगर चावल बुरा है तो पोहा उससे भी बुरा है. अगर आप अपना ब्लड शुगर बढ़ता हुआ देखना चाहते हैं तो नाश्ते में पोहा खा सकते हैं.
क्या सचमुच सेहत के लिए इतना बुरा है पोहा?
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पोहा फ्लैटेन्ड राइस से बना होता है और इसमें रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट होते हैं और इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो इससे ब्लड शुगर स्पाइक (Blood Sugar Spike) हो सकता है यानी ब्लड शुगर लेवल्स बढ़ सकते हैं. लेकिन, किसी भी चीज से ज्यादा उस चीज को कितनी मात्रा में खाया जा रहा है यह ब्लड शुगर को ज्यादा प्रभावित करता है. ऐसे में पोहा को किस तरह से पकाया जा रहा है और कितनी मात्रा में खाया जा रहा है इसका ध्यान रखना भी जरूरी है.
पोहे में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा कम होती है. ये दोनों ही न्यूट्रिएंट्स ग्लूकोज के एब्जॉर्प्शन को धीमा करते हैं. ऐसे में पोहा खाने पर यह जल्दी पच जाता है और ब्लड शुगर लेवल्स को तेजी से बढ़ा देता है. अन्य रिफाइंड ग्रेन बेस्ड फूड्स के साथ भी यही होता है.
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कैसे बनाएं पोहा
ब्लड शुगर स्पाइक ना हो इसके लिए पोहा सही तरह से पकाना जरूरी होता है. पोहा में मूंगफली और स्प्राउट्स डाले जा सकते हैं. इसके अलावा, गाजर, मटर, शिमला मिर्च और हेल्दी फैट्स और प्रोटीन को पोहे में शामिल करें. आप इसे दही के साथ खा सकते हैं. इसके अलावा, ब्लड शुगर स्पाइक से बचने के लिए पोहा सीमित मात्रा में ही खाएं. पोर्शन कंट्रोल करना सबसे ज्यादा जरूरी है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.