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लाइफस्टाइल

बॉडी डिटॉक्स के लिए बेस्ट है पतंजलि योगपीठ की नेचुरल थेरैपीज, इनकी मदद से बेहतर होगी जिंदगी

Patanjali Yogpeeth: आज के समय में अक्सर लोग अपनी सेहत को लेकर परेशान रहते हैं. ऐसे में बॉडी डिटॉक्स के लिए पतंजलि योगपीठ के प्राकृतिक चिकित्सा को अपना सकते हैं. शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और कायाकल्प के लिए थेरेपी की मदद ले सकते हैं.

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Edited By : Aman Maheshwari Updated: Apr 2, 2026 13:58
Patanjali Yogpeeth
Photo Credit- News24GFX

Patanjali Yogpeeth: व्यस्त लाइफस्टाइल के कारण लोग अक्सर अपनी सेहत को लेकर परेशान रहते हैं. आजकल काम में व्यस्त रहने के लिए व्यक्ति खुद के लिए समय नहीं निकाल पाता है. खानपान में मिलावट के कारण भी सेहत पर बुरा असर पड़ता है. इन सभी से बचने के लिए योग, ध्यान, नियम और पतंजलि के एक्सपर्ट्स. योगगगुरु बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ में थेरेपी के जरिए सेहत को अच्छा रख सकते हैं. शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने यानी बॉडी डिटॉक्स के लिए नेचुरल थेरैपीज की मदद ले सकते हैं.

बॉडी डिटॉक्स के लिए नेचुरल थेरेपी

पतंजलि में डिटॉक्स थेरेपी से शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल सकते हैं. हरिद्वार स्थिति पतंजलि योगपीठ में डिटॉक्स थेरेपी करा सकते हैं. जिसे आमतौर पर ‘पंचकर्म’ कहते हैं. बॉडी डिटॉक्स और कायाकल्प के लिए पंचकर्म आयुर्वेदिक प्रक्रिया की मदद ले सकते हैं. बता दें कि, पंचकर्म विशेष डिटॉक्स प्रक्रिया है. इसके लिए पतंजलि कायाकल्प थेरेपी त्वचा रोगों और शारीरिक शुद्धिकरण के लिए दिव्य कायाकल्प वटी, कायकल्प क्वाथ और कायकल्प तेल का उपयोग कर सकते हैं. यह चीजें नीम, हल्दी, मंजिष्ठा और आंवला आदि जड़ी-बूटियों से बनी हैं. यह चर्म रोगों को दूर करने में फायदेमंद हैं.

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बॉडी डिटॉक्स के लिए पंचकर्म क्रिया

वासना – बॉडी डिटॉक्स के लिए कफ दोष को दूर करने के लिए उल्टी के जरिए शरीर की सफाई की जाती है. उल्टी से शरीर की गंदगी को बाहर निकाला जाता है.

विरेचन – पित्त दोष को शांत करने के लिए जड़ी-बूटियों की मदद से दस्त की प्रक्रिया की जाती है. इससे पित्त दोष शांत होता है.

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बस्ती – बॉडी डिटॉक्स करने और वात दोष को नियंत्रित करने के लिए हर्बल तेल और काढ़े का मलाशय में प्रयोग किया जाता है.

नस्य – नाक के छिद्रों में दवा डाली जाती है. यह प्रक्रिया साइनस और सिर के रोगों को दूर करने के लिए कारगर होती है.

रक्तमोक्षण – त्वचा रोगों को दूर करने और रक्त को शुद्ध करने के लिए रक्तमोक्षण थेरेपी की जाती है. इस प्रक्रिया में जोंक के जरिए प्रभावित स्थान से दूषित रक्त चूसा जाता है. सुई से नसों में छोटा सा छेद करके खून निकाला जाता है. यह त्वचा रोगों, मुंहासों, जोड़ों के दर्द को खत्म करता है.

बॉडी डिटॉक्स के फायदे

बॉडी डिटॉक्स के जरिए शरीर की शुद्धि होती है. शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल सकते हैं. बॉडी डिटॉक्स से सेहत अच्छी रहती है. पाचन बेहतर होता है, वजन नियंत्रण में रहता है और त्वचा में निखार आता है. शरीर के स्वस्थ्य रहने से ऊर्जा में वृद्धि होती है. ब्लड साफ होने से इम्यूनिटी बढ़ती है और बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है. चर्म रोग से परेशान लोगों के लिए बॉडी डिटॉक्स बहुत ही जरूरी है. यह खून को साफ कर चेहरे के दाग-धब्बे कम करता है और त्वचा पर प्राकृतिक चमक आती है.

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First published on: Apr 02, 2026 01:44 PM

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