---विज्ञापन---

लाइफस्टाइल

पतंगबाजी कैसे बन रही है इंसानों और पक्षियों के लिए बड़ा खतरा? सच्चाई जानकर उड़ जाएंगे आपके होश

How Kites Risk Human Life: आसमान में पतंगबाजी देखना काफी अच्छा और रोमांचक लगता है. लेकिन यह पतंग धीरे-धीरे लोगों के लिए जानलेवा बनती जा रही हैं. अगर आप भी पतंग उड़ाने जा रहे हैं, तो इस बात का ख्याल रखें...

Author Written By: Azhar Naim Updated: Jan 14, 2026 14:53
How Kites Risk Human Life
पतंगबाजी कैसे ले रही है लोगों की जान?

Makar Sankranti के मौके पर पतंग उड़ाना एक परंपरा बन चुकी है, जिसे लोग बड़ी खुशी के साथ मनाते हैं. लेकिन ये शौक कई लोगों और पक्षियों के लिए जानलेवा भी बनती जा रही है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि पतंगबाजी के कारण कई ऐसी घटनाएं भी सामने आती हैं, जिसे सुनकर दिल कांप उठता है. त्योहारों के दौरान आसमान में उड़ती पतंगें देखने में भले ही सुंदर लगती हों, लेकिन इनके साथ इस्तेमाल होने वाला कांच और धातु से लेपित मांझा कई जिंदगियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है.

रिपोर्ट्स बताते हैं कि पिछले 15 सालों में मांझे से गला कटने, हाथ व उंगलियों में गहरे घाव और सड़क हादसों के कई मामलें सामने आ चुके हैं. इसी कड़ी में दिल्ली में साल 2016 में दो बच्चों की खतरनाक मांझे की वजह से हुई मौत के बाद तेज मांझे पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे बाद में पूरे देश में लागू किया गया.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़े: सर्दियों में सेहत का खजाना है शकरकंदी की चाट, इस तरह तवे पर बनाने से आएगा बिल्कुल चूल्हे जैसा स्वाद

पतंग के कारण सड़क पर चलते लोगों की जिंदगी पर बड़ा खतरा

पतंग लड़ाने के दौरान जब एक पतंग कटती है, तो उसका ढीला मांझा हवा में लटकता हुआ सड़कों और गलियों तक पहुंच जाता है. यही लटकता हुआ मांझा सबसे बड़ा खतरा बनता है. कई बार यह चलते लोगों या बाइक सवारों के गले में फंस जाता है, जिससे गंभीर चोट या मौत तक हो जाती है. वहीं, कटे हुए पतंग के पीछे भागते बच्चे अक्सर तेज रफ्तार ट्रैफिक, छतों और दीवारों पर चढ़ जाते हैं, जिससे गिरने और गड़ियों से टकराने का भी खतरा बना रहता हैं.

---विज्ञापन---

सिर्फ इंसान नहीं पक्षियों का भी है आसमान

हम पतंग उड़ाते समय ये बात भूल जाते हैं कि दुनिया सिर्फ हमारी नहीं है या सिर्फ हम ही दुनिया में नहीं रहते. बल्कि इस पृथ्वी का हिस्सा कई जीव भी हैं. इन तेज मांझों का खतरा सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पक्षियों व अन्य जीवों को भी इससे खतरा है. रिपोर्ट बताते है कि हर साल हजारों पक्षियां इस जानलेवा धागे में फंसकर घायल हो जाते हैं या फिर दम तोड़ देते हैं. पेड़ों और बिजली के तारों पर लटका मांझा पक्षियों के लिए अदृश्य जाल बन जाता है.

इसके अलावा, धातु लेपित चीनी मांझा आदि बिजली के तारों के संपर्क में आने पर आग, बिजली गुल होने और करंट लगने जैसी घटनाओं का कारण भी बनता है. हालांकि, इसलिए हमे इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि हम पतंगबाजी जिम्मेदारी के साथ करें. सही नियमों का पालन, सख्त निगरानी और लोगों की जागरूकता से यह परंपरा फिर से सुरक्षित और खुशहाल बन सकती है. खुशी का यह त्योहार किसी की जान का कारण न बने, इस बात का जरूर ख्याल रखें.

यह भी पढ़े: ‘Cotton City’ के नाम से जाना जाता है भारत का ये अनोखा शहर! आप नहीं जानते होंगे नाम

First published on: Jan 14, 2026 02:53 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.