Body Organ Active After Death: मौत एक ऐसा सच है जिससे हर इंसान जुड़ा है, लेकिन इसके बारे में आज भी कई सवाल अनसुलझे हैं. आमतौर पर लोग मानते हैं कि जैसे ही दिल की धड़कन रुकती है, उसी पल जीवन खत्म हो जाता है और दिमाग भी तुरंत काम करना बंद कर देता है. परिवार वाले अक्सर आखिरी समय में अपने प्रियजन के पास बैठकर बातें करते हैं, लेकिन उनके मन में यह सवाल रहता है कि क्या सामने मृत व्यक्ति को बातों की आवाज सुनाई दे रही होगी या नहीं? इसी कड़ी में मेडिकल दुनिया में वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च की, जिसमें सच्चाई होश उड़ा देने वाली सामने आई.
यह भी पढ़ें: Paneer Chilla Recipe: बोरिंग नाश्ते को कहें अलविदा, अब हेल्दी और टेस्टी पनीर चीला से करें दिन की शानदार शुरुआत
क्या मौत के बाद इंसान सुन सकता है आवाज?
नई रिसर्च ने इस सोच को थोड़ा बदल दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल रुकने के बाद भी इंसान का दिमाग कुछ समय तक एक्टिव रह सकता है. इसका मतलब यह हो सकता है कि व्यक्ति अपने आसपास की आवाजें कुछ पलों तक सुन सकता. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्टडी में वैज्ञानिकों ने यह समझने की कोशिश की कि दिल की धड़कन बंद होने के बाद दिमाग पर क्या असर पड़ता है. शोध में पाया गया कि दिल रुकने के तुरंत बाद दिमाग पूरी तरह शांत नहीं होता, बल्कि कुछ समय तक उसमें हल्की गतिविधि बनी रह सकती है. हालांकि यह समय बहुत कम होता है, लेकिन इस दौरान दिमाग के कुछ हिस्से काम करते रह सकते हैं. यही कारण है कि व्यक्ति को आसपास की आवाजों का अहसास हो सकता है.
आसपास की आवाजें सुनने की संभावना
रिसर्च में यह भी संकेत दिया गया है कि अंतिम पलों में दिमाग ध्वनि से जुड़ी संवेदनाओं को थोड़ी देर तक समझ सकता है. इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति पूरी तरह होश में होता है, लेकिन यह संभव है कि उसे आसपास की बातचीत या आवाजों का आभास हो. हालांकि वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि इस विषय पर अभी और शोध की जरूरत है. हर इंसान का शरीर अलग तरीके से प्रतिक्रिया करता है, इसलिए सभी मामलों में एक जैसा परिणाम होना जरूरी नहीं है.
मौत को लेकर बदल सकती है हमारी सोच
इस नई जानकारी के बाद यह कहा जा सकता है कि मौत एकदम से होने वाली घटना नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया है जो कुछ समय में पूरी होती है. दिल की धड़कन रुकना अंत जरूर है, लेकिन दिमाग की गतिविधि तुरंत खत्म हो जाए, ऐसा हर बार जरूरी नहीं है.
यह भी पढ़ें: सुबह के ये छोटे-छोटे संकेत बता रहे हैं बढ़ा हुआ है आपका ब्लड प्रेशर! नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Body Organ Active After Death: मौत एक ऐसा सच है जिससे हर इंसान जुड़ा है, लेकिन इसके बारे में आज भी कई सवाल अनसुलझे हैं. आमतौर पर लोग मानते हैं कि जैसे ही दिल की धड़कन रुकती है, उसी पल जीवन खत्म हो जाता है और दिमाग भी तुरंत काम करना बंद कर देता है. परिवार वाले अक्सर आखिरी समय में अपने प्रियजन के पास बैठकर बातें करते हैं, लेकिन उनके मन में यह सवाल रहता है कि क्या सामने मृत व्यक्ति को बातों की आवाज सुनाई दे रही होगी या नहीं? इसी कड़ी में मेडिकल दुनिया में वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च की, जिसमें सच्चाई होश उड़ा देने वाली सामने आई.
यह भी पढ़ें: Paneer Chilla Recipe: बोरिंग नाश्ते को कहें अलविदा, अब हेल्दी और टेस्टी पनीर चीला से करें दिन की शानदार शुरुआत
क्या मौत के बाद इंसान सुन सकता है आवाज?
नई रिसर्च ने इस सोच को थोड़ा बदल दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल रुकने के बाद भी इंसान का दिमाग कुछ समय तक एक्टिव रह सकता है. इसका मतलब यह हो सकता है कि व्यक्ति अपने आसपास की आवाजें कुछ पलों तक सुन सकता. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्टडी में वैज्ञानिकों ने यह समझने की कोशिश की कि दिल की धड़कन बंद होने के बाद दिमाग पर क्या असर पड़ता है. शोध में पाया गया कि दिल रुकने के तुरंत बाद दिमाग पूरी तरह शांत नहीं होता, बल्कि कुछ समय तक उसमें हल्की गतिविधि बनी रह सकती है. हालांकि यह समय बहुत कम होता है, लेकिन इस दौरान दिमाग के कुछ हिस्से काम करते रह सकते हैं. यही कारण है कि व्यक्ति को आसपास की आवाजों का अहसास हो सकता है.
आसपास की आवाजें सुनने की संभावना
रिसर्च में यह भी संकेत दिया गया है कि अंतिम पलों में दिमाग ध्वनि से जुड़ी संवेदनाओं को थोड़ी देर तक समझ सकता है. इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति पूरी तरह होश में होता है, लेकिन यह संभव है कि उसे आसपास की बातचीत या आवाजों का आभास हो. हालांकि वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि इस विषय पर अभी और शोध की जरूरत है. हर इंसान का शरीर अलग तरीके से प्रतिक्रिया करता है, इसलिए सभी मामलों में एक जैसा परिणाम होना जरूरी नहीं है.
मौत को लेकर बदल सकती है हमारी सोच
इस नई जानकारी के बाद यह कहा जा सकता है कि मौत एकदम से होने वाली घटना नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया है जो कुछ समय में पूरी होती है. दिल की धड़कन रुकना अंत जरूर है, लेकिन दिमाग की गतिविधि तुरंत खत्म हो जाए, ऐसा हर बार जरूरी नहीं है.
यह भी पढ़ें: सुबह के ये छोटे-छोटे संकेत बता रहे हैं बढ़ा हुआ है आपका ब्लड प्रेशर! नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.