Delhi SIR: फॉर्म जमा करने का आज आखिरी दिन, 33% से ज्यादा फॉर्म अब भी डिजिटाइज नहीं

दिल्ली में SIR के तहत गणना फॉर्म जमा करने की आज आखिरी तारीख है. फॉर्म वितरण का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन 33 प्रतिशत से अधिक फॉर्म अभी भी डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बन पाए हैं. ऐसे में समयसीमा के अंदर डिजिटाइजेशन पूरा करना चुनाव अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.

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फाइल फोटो

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दिल्ली में एसआइआर के तहत गणना फॉर्म जमा करने की आज अंतिम तारीख है. समयसीमा खत्म होने से पहले बड़ी संख्या में मतदाताओं के सामने फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती बनी हुई है. घर-घर वितरित किए गए गणना फॉर्मों को जमा करने के साथ-साथ उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने का काम भी चल रहा है. अब तक 66.99 प्रतिशत फॉर्म ही डिजिटाइज हो पाए हैं, जबकि बाकी फॉर्मों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बड़ी संख्या में फॉर्म अभी तक डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सके हैं.

SIR के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध कराए. इन फॉर्म में मतदाताओं की मौजूदा जानकारी के साथ पुराने मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारियों को सत्यापित करने की प्रक्रिया शामिल है. अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल फॉर्म बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें भरे हुए फॉर्म वापस लेने, पुराने SIR रिकॉर्ड से मिलान करने और संबंधित जानकारी को डिजिटल सिस्टम में दर्ज करने का काम भी करना है.

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डिजिटाइजेशन की रफ्तार धीमी

दिल्ली में फॉर्म वितरण का काम लगभग पूरा होने के बावजूद डिजिटाइजेशन की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है. जुलाई के मध्य तक करीब 98.57 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना फॉर्म पहुंच चुके थे, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज फॉर्म का आंकड़ा इससे काफी कम था. उस समय लगभग 1.25 करोड़ फॉर्म का डिजिटलीकरण बाकी था.

इस अंतर ने चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण को लेकर प्रशासनिक दबाव बढ़ा दिया है. SIR का उद्देश्य मतदाता लिस्ट को और भी ज्यादा सटीक बनाना है. इस दौरान मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित या दो जगह दर्ज मतदाताओं की पहचान के साथ पात्र मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है.

दिल्ली में SIR की प्रक्रिया के दौरान पुराने मतदाता रिकॉर्ड को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है. जिन मतदाताओं का नाम पुराने रिकॉर्ड में नहीं मिलता, उनके लिए निर्धारित नियमों के तहत माता-पिता या अन्य रक्त संबंधियों की जानकारी के जरिए लिंक स्थापित करने की व्यवस्था है. इससे मतदाता की पात्रता और रिकॉर्ड की पुष्टि करने में मदद मिलती है.

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फॉर्म जमा होने के बाद प्रक्रिया का अगला चरण दावों और आपत्तियों से जुड़ा होगा. इसी दौरान मतदाताओं को अपनी जानकारी में किसी तरह की गलती होने पर उसे सुधारने का भी मौका मिलेगा. इसके बाद संबंधित अधिकारियों की जांच और सुनवाई के आधार पर मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा.

चुनाव आयोग के लिए अब चुनौती यह है कि बड़ी संख्या में प्राप्त फॉर्म को समय पर डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए. क्योंकि SIR की पूरी प्रक्रिया में डिजिटाइजेशन महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख के साथ-साथ डिजिटल डेटा तैयार करने की रफ्तार पर भी नजर है.

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जिलेवार डिजिटलीकरण की स्थिति

दिल्ली में एसआइआर फॉर्म के डिजिटलीकरण की रफ्तार सभी जिलों में एक जैसी नहीं है. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में अब तक सबसे कम 55.94 प्रतिशत फॉर्म डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किए गए हैं. पुरानी दिल्ली में 66.50 प्रतिशत, उत्तरी दिल्ली में 63.91 प्रतिशत और नई दिल्ली में 60.68 प्रतिशत फॉर्म का डिजिटलीकरण हुआ है. वहीं, मध्य दिल्ली में 61.87 प्रतिशत, मध्य-उत्तरी दिल्ली में 68.74 प्रतिशत और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में 73.03 प्रतिशत फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं. वहीं, उत्तरी-बाहरी दिल्ली में 75.66 प्रतिशत और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में 70.83 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हुए हैं.

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इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 70.79 प्रतिशत, पूर्वी दिल्ली में 64.07 प्रतिशत, दक्षिणी दिल्ली में 61.05 प्रतिशत और पश्चिमी दिल्ली में 73.17 प्रतिशत फॉर्म अब तक डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा बने हैं. कुल मिलाकर राजधानी में 66.99 प्रतिशत एसआइआर फॉर्म का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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