Shri Pitar Ji ki Aarti: पितृ पक्ष के दौरान पितरों का श्राद्ध और तर्पण करना बेहद शुभकारी माना जाता है. पितरों को प्रसन्न करने और जीवन में चल रही मुश्किलों को दूर करने के लिए यह बहुत ही जरूरी होता है. पितरों के प्रति तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने के साथ ही उनकी आरती करनी चाहिए. पितरों की आरती करने से उनकी कृपा दृष्टि प्राप्त होती है. पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध कर्म करने के साथ ही पितरों की आरती करना शुभ होता है. आप यहां पितरों की आरती के लिरिक्स पढ़ सकते हैं.
श्री पितृ जी की आरती (Shri Pitar Ji ki Aarti)
जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़यो हूं थारी।
शरण पड़यो हूं थारी बाबा, शरण पड़यो हूं थारी॥
आप ही रक्षक आप ही दाता, आप ही खेवनहारे।
मैं मूरख हूं कछु नहि जाणू, आप ही हो रखवारे॥
जय जय पितृ जी महाराज।
आप खड़े हैं हरदम हर घड़ी, करने मेरी रखवारी।
हम सब जन हैं शरण आपकी, है ये अरज गुजारी॥
जय जय पितृ जी महाराज।
देश और परदेश सब जगह, आप ही करो सहाई।
काम पड़े पर नाम आपको, लगे बहुत सुखदाई॥
जय जय पितृ जी महाराज।
भक्त सभी हैं शरण आपकी, अपने सहित परिवार।
रक्षा करो आप ही सबकी, रटूं मैं बारम्बार॥
जय जय पितृ जी महाराज।
पितृ जी की आरती करने की विधि
पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध के दिन सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहनें. इसके बाद श्राद्ध के लिए शुद्ध और सात्विक भोजन बनाएं. पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान, पंचबलि और श्राद्ध कर्म करें. पूजा स्थल पर शुद्ध घी की दीपक और धूपबत्ती जलाएं. पितरों का श्राद्ध करने के दौरान “ॐ पितृ देवताभ्यो नमः” या “ॐ सर्व पितृ देवताभ्यो नमः” मंत्र का जाप करें. इसके बाद पूरी श्रद्धाभाव के साथ पितरों की आरती करें. पितरों की आरती करने के बाद पितरों का स्मरण कर उनसे सुख-शांति एवं आशीर्वाद की प्रार्थना करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.