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Pok बॉर्डर के पास चीन ने चुपके से किया बड़ा खेल, भारत पहले जता चुका था ऐतराज

China Senling County: चीन ने शिनजियांग में सेनलिंग नाम की नई काउंटी बना दी है जो PoK और अफगानिस्तान बॉर्डर के बेहद करीब है. भारत ने पहले ही दो काउंटियों पर आपत्ति जताई थी. जानिए चीन का प्लान और भारत की चिंता.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Apr 13, 2026 09:46
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China Senling County: ईरान-इजराइल तनाव में पूरी दुनिया उलझी हुई है, इधर चीन ने PoK के पास चुपके से बड़ा खेल खेल लिया. शिनजियांग प्रांत में तीसरी नई काउंटी बना दी गई है. भारत पहले ही दो काउंटियों पर कड़ा ऐतराज जता चुका है. चीन ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अफगानिस्तान की सीमा के बेहद करीब अपने संवेदनशील शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में एक नई प्रशासनिक इकाई यानी सेनलिंग काउंटी की स्थापना कर दी है. यह चीन द्वारा पिछले एक साल में शिनजियांग में बनाई गई तीसरी नई काउंटी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने यह कदम उइगरों की घुसपैठ रोकने और वाखान गलियारे की सुरक्षा बढ़ाने के मकसद से उठाया है. नई काउंटी काराकोरम पर्वतमाला के पास स्थित है, जो PoK और अफगानिस्तान बॉर्डर से मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर है.

चीन पहले भी बना चुका है दो विवादित काउंटियां

इससे पहले चीन ने शिनजियांग में हेआन और हेकांग नाम की दो नई काउंटियां घोषित की थीं. भारत ने दोनों पर तीखा विरोध दर्ज किया था. भारत सरकार का स्पष्ट रुख था कि इन काउंटियों के कुछ हिस्से भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का अभिन्न अंग हैं, खासकर विवादित अक्साई चिन पठार. भारत ने साफ कहा था कि ऐसी किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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26 मार्च को हुई सेनलिंग काउंटी की घोषणा

शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र की सरकार ने 26 मार्च 2026 को सेनलिंग काउंटी की स्थापना की औपचारिक घोषणा की. हालांकि अभी तक इस काउंटी की सीमाओं और प्रशासनिक ढांचे की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. यह नया जिला काशगर प्रशासन के अंतर्गत आएगा. काशगर ऐतिहासिक रेशम मार्ग पर स्थित महत्वपूर्ण शहर है, जो दक्षिण और मध्य एशिया को चीन से जोड़ता है. यहीं से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) की शुरुआत भी होती है, जो PoK से होकर गुजरता है.

चीन का रणनीतिक मकसद क्या है?

शंघाई के एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लिन मिनवांग ने कहा कि यह फैसला चीन द्वारा अपनी सीमावर्ती इलाकों पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है. उन्होंने बताया, “व्यापक स्तर पर देखें तो यह फैसला चीन की सीमावर्ती क्षेत्रों पर दिए जा रहे विशेष जोर का संकेत है.” सेनलिंग काउंटी भौगोलिक रूप से 74 किलोमीटर लंबे वाखान कॉरिडोर से जुड़ी हुई है. यह संकरा गलियारा शिनजियांग को अफगानिस्तान से जोड़ता है और ताजिकिस्तान व PoK को अलग करता है. चीन को हमेशा से डर रहा है कि पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ETIM) के उइगर लड़ाके इस रास्ते से अफगानिस्तान होकर शिनजियांग में घुसपैठ कर सकते हैं. नए जिले के गठन से चीन को स्थानीय स्तर पर शासन, सुरक्षा और नियंत्रण और भी मजबूत करने में मदद मिलेगी.

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भारत की चिंता जायज है

भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि चीन की ऐसी किसी भी कार्रवाई से वास्तविकता नहीं बदलेगी. लद्दाख का हिस्सा मानते हुए भारत ने पहले दो काउंटियों पर आपत्ति जताई थी और अब तीसरी काउंटी पर भी नजर रखे हुए है.

First published on: Apr 13, 2026 09:46 AM

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