इंडोनेशिया के पूर्वी इलाके में शनिवार देर रात आए 6.5 तीव्रता वाले जोरदार भूकंप के झटकों से थानीय लोगों में दहशत फैल गई. भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक ये झटके इंडोनेशिया के टोबेलो क्षेत्र से शुरू हुए और कई किलोमीटर तक महसूस किए गए. शुरू में भूकंप की तीव्रता 6.7 बताई गई, लेकिन बाद में इसे बदलकर रिक्टर स्केल पर 6.5 की तीव्रता का भूकंप करार दिया गया. भूकंप का केंद्र 52 किलोमीटर की गहराई पर था, जो हलमाहेरा द्वीप के उत्तरी छोर के पास नॉर्थ मालुकू प्रांत में स्थित टोबेलो से जुड़ा है.
रिंग ऑफ फायर पर बसा है देश
गौरतलब है कि दुनिया के कोना भूकंपों का हॉटस्पॉट रहा है, क्योंकि इंडोनेशिया रिंग ऑफ फायर पर बसा है. इस पॉइंट पर धरती के नीचे टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती रहती हैं. इंडोनेशिया में टोबेलो एक छोटा सा तटीय शहर है, जहां ज्यादातर लोग मछली पकड़ने और कृषि पर निर्भर हैं. भूकंप के बाद अभी तक किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए.
यह भी पढ़ें: Grok को मिली मनमानी की सजा, इंडोनेशिया में एलन मस्क का AI चैटबॉट ब्लॉक, ऐसा करने वाला पहला देश
भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भूकंप के इस झटके को मॉडरेट क्वेक बताया, जो सतह पर ज्यादा तबाही नहीं मचाता. हालांकि भूकंप इतना जोरदार था कि झटके आसपास के द्वीपों में भी महसूस किए गए.
पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर के मुताबिक इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है. यूएसजीएस ने हिलोरों से मौतें या नुकसान को लेकर ग्रीन अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब होता है कि हताहतों और आर्थिक नुकसान की आशंका बेहद कम है. इस इलाके में लोग ज्यादातर कमजोर और भूकंप प्रतिरोधी इमारतों में रहते हैं. यहां के लोग खासकर पुरानी लकड़ी की भारी संरचना वाले घरों में रहते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है.










