---विज्ञापन---

ईरान की नाकेबंदी फेल! ट्रंप ने होर्मुज की खाड़ी में तैनात की अमेरिकी नेवी, अब सुरक्षित निकलेगा तेल

ईरान द्वारा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद करने या तेल आपूर्ति बाधित करने की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने अब सीधे हस्तक्षेप का एलान कर दिया है. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अब अमेरिकी नेवी' स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करेगी. यानी अब टैंकरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिकी युद्धपोतों की होगी.

---विज्ञापन---

‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर अमेरिका और ईरान फिर आमने-सामने हैं. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा फैसला लिया है. तेहरान ने घोषणा की है कि अब इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से केवल चीनी जहाजों को ही गुजरने की अनुमति मिलेगी. उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए ऐलान किया कि किसी भी स्थिति में होर्मुज स्ट्रेट से तेल और ईंधन की आवाजाही को बाधित नहीं होने दिया जाएगा. United States Navy अब जरूरत पड़ने पर तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट में एस्कॉर्ट करेगी, जितनी जल्दी हो सके. अमेरिकी सरकार कंपनियों को बहुत कम कीमत पर इंश्योरेंस उपलब्ध कराएगी, ताकि ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित रहे.

ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट में कहा कि DFC तुरंत प्रभाव से सभी मारिटाइम ट्रेड, खासकर एनर्जी से जुड़े जहाजों के लिए यह सुविधा देगी. उनका मकसद वैश्विक ऊर्जा संकट को रोकना और तेल कीमतों को नियंत्रित करना है.

---विज्ञापन---

ट्रंप सरकार के तीन सबसे बड़े कदम

अब अमेरिका की ‘यूनाइटेड स्टेट्स नेवी’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करेगी. यानी अब टैंकरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिकी युद्धपोतों की होगी.
युद्ध के खतरों के कारण बीमा कंपनियां टैंकरों से भारी प्रीमियम वसूल रही थीं. अब अमेरिकी सरकार खुद कम कीमत पर तेल टैंकरों को इंश्योरेंस उपलब्ध कराएगी, ताकि तेल की कीमतें न बढ़ें.
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्थिति में होर्मुज की खाड़ी से ईंधन की आवाजाही को बाधित नहीं होने दिया जाएगा.

क्या है ट्रंप का ‘मिशन होर्मुज’?

ईरान ने हाल ही में संकेत दिए थे कि वह युद्ध की स्थिति में होर्मुज की खाड़ी से होने वाली तेल सप्लाई को रोक सकता है. चूंकि दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए ट्रंप प्रशासन ने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर हमला माना है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान एक तरफ दुनिया के लिए रास्ता रोकने की धमकी दे रहा है, वहीं दूसरी ओर चीन के प्रति नरमी दिखा रहा है. ट्रंप का यह कड़ा फैसला न केवल ईरान को संदेश है, बल्कि उन देशों के लिए भी चेतावनी है जो इस संकट का फायदा उठाना चाहते हैं.

---विज्ञापन---

First published on: Mar 04, 2026 05:08 PM

End of Article

About the Author

Vijay Kumar

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola