IRCTC New Website Launch: भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों को बड़ी सौगात देते हुए IRCTC की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लाइव कर दिया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की घोषणा के बाद 15 जुलाई 2026 को रात 9 बजे इस नए पोर्टल को जनता के लिए खोल दिया गया. इस अपग्रेड का मुख्य उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अत्यधिक तेज और क्लटर-फ्री बनाना है. नए प्लेटफॉर्म पर अब बार-बार आने वाले इरिटेटिंग कैप्चा, पॉप-अप्स और फ्लैशिंग ग्राफिक्स को हटा दिया गया है, जिससे खासकर तत्काल टिकट बुकिंग 5 गुना तेजी से पूरी हो सकेगी. नई वेबसाइट के लाइव होने से अब दिवाली या छठ जैसे त्योहारों के दौरान जब करोड़ों लोग एक साथ लॉगिन करेंगे, तब भी सर्वर पर 'Time Out' या 'Session Expired' एरर आने की संभावना 90% तक कम हो जाएगी.
क्यों पड़ी नए पोर्टल की जरूरत?
दरअसल, पिछले महीने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) का दौरा किया था. वहां छात्रों ने मौजूदा वेबसाइट पर टिकट बुकिंग में लगने वाले समय और बार-बार कैप्चा वेरिफिकेशन से होने वाली दिक्कतों को उठाया था. रेल मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर पोर्टल को पूरी तरह सुधारने का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह नया बीटा वर्जन पेश किया गया है. रेलवे ने यह भी स्पष्ट कि पुराना पोर्टल अभी चालू है. वर्तमान में नई वेबसाइट का 'बीटा वर्जन' लॉन्च किया गया है ताकि यूजर इसका ट्रायल ले सकें. दोनों साइट्स अभी साथ काम कर रही हैं.
नई वेबसाइट का डायरेक्ट लिंक और फीडबैक प्रोसेस
रेलवे के अनुसार, यह वर्तमान में एक बीटा (Beta) वर्जन है ताकि आम यूज़र्स इसे आज़माकर अपना फीडबैक दे सकें. यात्री नई वेबसाइट को सीधे इस लिंक पर जाकर एक्सेस कर सकते हैं: https://www.irctc.co.in/eticket/ इसके अलावा पुरानी वेबसाइट के होमपेज पर भी इसका डायरेक्ट लिंक दे दिया गया है. यूज़र्स के फीडबैक के आधार पर अगले कुछ हफ्तों में इसमें और सुधार कर इसे मुख्य डोमेन पर पूरी तरह ट्रांसफर कर दिया जाएगा.
नए बीटा वर्जन के 6 सबसे बड़े फीचर्स
इंटरनेट पर उपलब्ध सामान्य जानकारियों से अलग, यह अपग्रेड केवल एक कॉस्मेटिक चेंज नहीं है, बल्कि इसके पीछे रेलवे ने अपने दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) इंजन को पूरी तरह ओवरहॉल किया है.
- सुपरफास्ट बुकिंग स्पीड : पुरानी वेबसाइट जहां एक मिनट में केवल 32,000 टिकट प्रोसेस कर पाती थी, वहीं नया इंफ्रास्ट्रक्चर प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुक करने में सक्षम है. इससे तत्काल के समय साइट क्रैश नहीं होगी.
- बिना किसी रुकावट के बुकिंग: रूटीन बुकिंग के दौरान अब बार-बार कैप्चा कोड नहीं डालना होगा. फ्लैशिंग एड्स और अनचाहे पॉप-अप्स को हटा दिया गया है, जिससे सर्च से लेकर पेमेंट तक का समय आधा हो गया है.
- कंबाइंड सीट एवेलेबिलिटी व्यू : अब यात्रियों को स्लीपर, 3AC, या 2AC की सीट देखने के लिए अलग-अलग क्लिक नहीं करना होगा. सभी कोच की सीट उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर एक साथ दिखाई देगी.
- सस्ती तारीखें चुनना आसान: यदि आपकी यात्रा की तारीखें फ्लेक्सिबल हैं, तो आप फेयर कैलेंडर की मदद से अलग-अलग दिनों के किरायों की तुलना एक साथ करके सबसे सस्ता टिकट चुन सकते हैं.
- स्पेशल कैटेगरी के लिए आसान प्रोसेस: दिव्यांगजन, छात्रों और मरीजों को मिलने वाली रियायतों को अब एक ही मुख्य प्लेटफॉर्म पर एकीकृत कर दिया गया है. साथ ही सीट प्रेफरेंस चुनना भी आसान हुआ है.
फास्ट चेकआउट और सुरक्षित पेमेंट: पैसेंजर डिटेल्स को पहले से ज्यादा सुरक्षित तरीके से सेव रखने की सुविधा दी गई है. IRCTC-iPay और UPI पेमेंट गेटवे को अपग्रेड किया गया है ताकि ट्रांजैक्शन फेल न हों.
IRCTC New Website Launch: भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों को बड़ी सौगात देते हुए IRCTC की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लाइव कर दिया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की घोषणा के बाद 15 जुलाई 2026 को रात 9 बजे इस नए पोर्टल को जनता के लिए खोल दिया गया. इस अपग्रेड का मुख्य उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अत्यधिक तेज और क्लटर-फ्री बनाना है. नए प्लेटफॉर्म पर अब बार-बार आने वाले इरिटेटिंग कैप्चा, पॉप-अप्स और फ्लैशिंग ग्राफिक्स को हटा दिया गया है, जिससे खासकर तत्काल टिकट बुकिंग 5 गुना तेजी से पूरी हो सकेगी. नई वेबसाइट के लाइव होने से अब दिवाली या छठ जैसे त्योहारों के दौरान जब करोड़ों लोग एक साथ लॉगिन करेंगे, तब भी सर्वर पर ‘Time Out’ या ‘Session Expired’ एरर आने की संभावना 90% तक कम हो जाएगी.
क्यों पड़ी नए पोर्टल की जरूरत?
दरअसल, पिछले महीने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) का दौरा किया था. वहां छात्रों ने मौजूदा वेबसाइट पर टिकट बुकिंग में लगने वाले समय और बार-बार कैप्चा वेरिफिकेशन से होने वाली दिक्कतों को उठाया था. रेल मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर पोर्टल को पूरी तरह सुधारने का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह नया बीटा वर्जन पेश किया गया है. रेलवे ने यह भी स्पष्ट कि पुराना पोर्टल अभी चालू है. वर्तमान में नई वेबसाइट का ‘बीटा वर्जन’ लॉन्च किया गया है ताकि यूजर इसका ट्रायल ले सकें. दोनों साइट्स अभी साथ काम कर रही हैं.
नई वेबसाइट का डायरेक्ट लिंक और फीडबैक प्रोसेस
रेलवे के अनुसार, यह वर्तमान में एक बीटा (Beta) वर्जन है ताकि आम यूज़र्स इसे आज़माकर अपना फीडबैक दे सकें. यात्री नई वेबसाइट को सीधे इस लिंक पर जाकर एक्सेस कर सकते हैं: https://www.irctc.co.in/eticket/ इसके अलावा पुरानी वेबसाइट के होमपेज पर भी इसका डायरेक्ट लिंक दे दिया गया है. यूज़र्स के फीडबैक के आधार पर अगले कुछ हफ्तों में इसमें और सुधार कर इसे मुख्य डोमेन पर पूरी तरह ट्रांसफर कर दिया जाएगा.
नए बीटा वर्जन के 6 सबसे बड़े फीचर्स
इंटरनेट पर उपलब्ध सामान्य जानकारियों से अलग, यह अपग्रेड केवल एक कॉस्मेटिक चेंज नहीं है, बल्कि इसके पीछे रेलवे ने अपने दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) इंजन को पूरी तरह ओवरहॉल किया है.
- सुपरफास्ट बुकिंग स्पीड : पुरानी वेबसाइट जहां एक मिनट में केवल 32,000 टिकट प्रोसेस कर पाती थी, वहीं नया इंफ्रास्ट्रक्चर प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुक करने में सक्षम है. इससे तत्काल के समय साइट क्रैश नहीं होगी.
- बिना किसी रुकावट के बुकिंग: रूटीन बुकिंग के दौरान अब बार-बार कैप्चा कोड नहीं डालना होगा. फ्लैशिंग एड्स और अनचाहे पॉप-अप्स को हटा दिया गया है, जिससे सर्च से लेकर पेमेंट तक का समय आधा हो गया है.
- कंबाइंड सीट एवेलेबिलिटी व्यू : अब यात्रियों को स्लीपर, 3AC, या 2AC की सीट देखने के लिए अलग-अलग क्लिक नहीं करना होगा. सभी कोच की सीट उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर एक साथ दिखाई देगी.
- सस्ती तारीखें चुनना आसान: यदि आपकी यात्रा की तारीखें फ्लेक्सिबल हैं, तो आप फेयर कैलेंडर की मदद से अलग-अलग दिनों के किरायों की तुलना एक साथ करके सबसे सस्ता टिकट चुन सकते हैं.
- स्पेशल कैटेगरी के लिए आसान प्रोसेस: दिव्यांगजन, छात्रों और मरीजों को मिलने वाली रियायतों को अब एक ही मुख्य प्लेटफॉर्म पर एकीकृत कर दिया गया है. साथ ही सीट प्रेफरेंस चुनना भी आसान हुआ है.
फास्ट चेकआउट और सुरक्षित पेमेंट: पैसेंजर डिटेल्स को पहले से ज्यादा सुरक्षित तरीके से सेव रखने की सुविधा दी गई है. IRCTC-iPay और UPI पेमेंट गेटवे को अपग्रेड किया गया है ताकि ट्रांजैक्शन फेल न हों.