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फीस जमा नहीं होने पर क्‍या 10वीं का एडम‍िट कार्ड रोक सकता है स्‍कूल? जानें क्‍या कहता कानून

भारत के कई उच्च न्यायालयों (जैसे दिल्ली हाईकोर्ट) ने अपने फैसलों में कहा है कि शिक्षा का अधिकार सर्वोपरि है. स्कूल फीस वसूली के लिए अन्य कानूनी तरीके अपना सकता है, लेकिन वह बच्चे के भविष्य (एडमिट कार्ड) को 'बंधक' नहीं बना सकता.

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यह एक ऐसा सवाल है जो बोर्ड परीक्षाओं के समय बहुत से माता-पिता और छात्रों को परेशान करता है. इसका सीधा और कानूनी जवाब है- नहीं, स्कूल फीस बकाया होने के आधार पर किसी भी छात्र का 10वीं का एडमिट कार्ड नहीं रोक सकता. यहां इसके पीछे के कानूनी कारण और आपके अधिकार दिए गए हैं:

CBSE और अन्य बोर्ड्स का सख्त नियम

CBSE (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन) और लगभग सभी राज्य बोर्ड्स (जैसे UP बोर्ड) ने कई बार सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया है कि एडमिट कार्ड बोर्ड द्वारा जारी किया जाता है, स्कूल केवल उसे वितरित (Distribute) करने का माध्यम है. स्कूल को यह अधिकार नहीं है कि वह फीस न भरने के कारण किसी बच्चे को परीक्षा में बैठने से रोके.

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हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले
भारत के कई उच्च न्यायालयों (जैसे दिल्ली हाईकोर्ट) ने अपने फैसलों में कहा है कि शिक्षा का अधिकार सर्वोपरि है. स्कूल फीस वसूली के लिए अन्य कानूनी तरीके अपना सकता है, लेकिन वह बच्चे के भविष्य (एडमिट कार्ड) को ‘बंधक’ नहीं बना सकता.

स्कूल क्या कर सकता है और क्या नहीं?
क्या नहीं कर सकता:
एडमिट कार्ड रोकना, परीक्षा हॉल में प्रवेश न देना या बच्चे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना.

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क्या कर सकता है: स्कूल फीस जमा न होने पर छात्र का रिजल्ट (मार्कशीट) रोक सकता है या भविष्य में उसका टीसी (Transfer Certificate) देने से मना कर सकता है जब तक कि बकाया भुगतान न हो जाए.

अगर स्कूल एडमिट कार्ड नहीं दे रहा, तो आप क्या करें?
लिखित अनुरोध:
सबसे पहले स्कूल के प्रिंसिपल को एक लिखित आवेदन दें. इसमें अपनी आर्थिक स्थिति या कारण बताते हुए वादा करें कि आप फीस कब तक जमा कर देंगे और एडमिट कार्ड देने का अनुरोध करें.

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शिक्षा विभाग में शिकायत: यदि स्कूल नहीं मानता, तो आप अपने जिले के DIOS (जिला विद्यालय निरीक्षक) या शिक्षा विभाग के पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

बोर्ड को सूचित करें: आप सीधे संबंधित बोर्ड (जैसे CBSE के क्षेत्रीय कार्यालय) को ईमेल भेजकर अपनी समस्या बता सकते हैं.

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विवाद बढ़ने से बच्चे की पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है. कोशिश करें कि स्कूल मैनेजमेंट से बात करके ‘किश्तों’ (Installments) में फीस देने का समझौता कर लें, ताकि बच्चा बिना तनाव के परीक्षा दे सके.

First published on: Feb 07, 2026 03:22 PM

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About the Author

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती, BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 के साथ स‍ितंबर 2025 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं। News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर लिखने के साथ-साथ एजुकेशन की भी जिम्मेदारी संभालती हैं। बी.कॉम की पढ़ाई द‍िल्‍ली यून‍िवर्स‍िटी से की है और YMCA, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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Vandana Bharti

वन्‍दना भारती, BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 के साथ स‍ितंबर 2025 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं। News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर लिखने के साथ-साथ एजुकेशन की भी जिम्मेदारी संभालती हैं। बी.कॉम की पढ़ाई द‍िल्‍ली यून‍िवर्स‍िटी से की है और YMCA, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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