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वैश्विक गीता पाठ: 21000 विद्यार्थियों ने किया गीता के श्लोकों का उच्चारण, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सराहा

मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि गीता न केवल धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि इसका हर श्लोक जीवन के लिए वैज्ञानिक और प्रेरणादायक है. उन्होंने बताया कि वेद और उपनिषद समेत गीता के श्लोकों के उच्चारण से सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है.

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Vaishvik Geeta Path Kurukshetra 2025: कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक भूमि एक बार फिर अध्यात्म, संस्कृति और विज्ञान का अनूठा संगम बन गई जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में वैश्विक गीता पाठ का आयोजन हुआ. कार्यक्रम में करीब 21 हजार विद्यार्थियों ने एक साथ गीता के श्लोकों का उच्चारण किया, जिससे माहौल ज्ञान, ओज और आस्था से भर उठा. इस मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज सहित कई महापुरुष भी मौजूद रहे, जिन्होंने गीता के संदेशों की सार्वभौमिकता को रेखांकित किया.

मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि गीता न केवल धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि इसका हर श्लोक जीवन के लिए वैज्ञानिक और प्रेरणादायक है. उन्होंने बताया कि वेद और उपनिषद समेत गीता के श्लोकों के उच्चारण से सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है, जो व्यक्ति को लोभ, मोह, क्रोध, अहंकार से ऊपर उठने में मदद करती है. उन्होंने इस आयोजन में शामिल सभी विद्यार्थियों को विशेष अवकाश देने की भी घोषणा की, और कहा कि वर्तमान समय में गीता का संदेश न केवल भारत बल्कि विश्व की संपूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक है.

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कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन की भी सराहना की गई, जिनके प्रयासों से गीता जयंती महोत्सव ने अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्राप्त किया है. गीता का पाठ करते हुए बच्चों के स्वर भारत ही नहीं, बल्कि 50 से अधिक देशों में एक साथ गूंजे. गीता के ज्ञान को जीवन में अपनाने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया,जिससे आने वाली पीढ़ियां चरित्र, संयम और समरसता के साथ आगे बढ़ेंगी. ऐसे भव्य आयोजनों से पवित्र कुरुक्षेत्र की पहचान फिर एक बार पूरे विश्व में गूंज उठी है.

First published on: Dec 01, 2025 11:49 PM

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