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Nestoria Group और The GB Group की ऐतिहासिक पहल से बढ़ेगा Dholera Investment plan

धोलरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में भारत की पहली बड़े पैमाने की 3D-प्रिंटेड हाउसिंग कॉलोनी विकसित की जाएगी, जिसे नेस्टोरिया कंस्ट्रक्शन द्वारा लॉन्च किया जा रहा है. Delhi–Mumbai Industrial Corridor के तहत विकसित हो रहे धोलरा स्मार्ट सिटी में यह परियोजना स्मार्ट, किफायती और सस्टेनेबल आवास का नया मानक स्थापित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.

भारत के रियल एस्टेट और निर्माण उद्योग में एक नई क्रांति की शुरुआत होने जा रही है. देश के पहले बड़े पैमाने पर 3D-प्रिंटेड रिहायशी घर अब गुजरात के धोलरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) में बनाए जाएंगे. यह ऐतिहासिक परियोजना नेस्टोरिया कंस्ट्रक्शन के नेतृत्व में शुरू की जा रही है, जो Nestoria Group और The GB Group की संयुक्त कंपनी है.

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के अंतर्गत विकसित की जा रही Nestoria Atulyam Society को GB Architects द्वारा डिजाइन किया गया है, जो अपने आधुनिक, टिकाऊ और भविष्य-केंद्रित आर्किटेक्चरल दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं. यह प्रोजेक्ट न केवल अत्याधुनिक 3D निर्माण तकनीक का उदाहरण बनेगा, बल्कि भारत के स्मार्ट और सस्टेनेबल हाउसिंग सेक्टर में एक नया मानक स्थापित करेगा.

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धोलरा SIR, दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) का प्रमुख हिस्सा है और इसे ‘वैश्विक मानक शहर’ के रूप में विकसित किया जा रहा है. एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, स्मार्ट यूटिलिटी सिस्टम, औद्योगिक ज़ोन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ Dholera Smart City भारत के भविष्य का शहर बनकर उभर रहा है. अब इसी भविष्य के शहर Dholera में भारत की पहली 3D-प्रिंटेड हाउसिंग कॉलोनी आकार लेने जा रही है. यह पहल न केवल निर्माण की रफ्तार को कई गुना बढ़ाएगी, बल्कि किफायती और पर्यावरण-अनुकूल आवास की दिशा में भी एक निर्णायक कदम साबित होगी, जिससे Dholera Properties और निवेश संभावनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है.

इस क्रांतिकारी परियोजना के केंद्र में ‘मेक इन इंडिया’ 3D कंक्रीट प्रिंटिंग मशीन है, जिसे भारतीय परिस्थितियों के अनुसार डिजाइन किया गया है. यह मशीन घर की मुख्य संरचना को महज तीन दिनों में तैयार करने में सक्षम है. पारंपरिक निर्माण पद्धति में जहां एक मकान बनाने में छह से बारह महीने तक का समय लग जाता है, वहीं यह तकनीक डिजिटल नक्शे के आधार पर परत-दर-परत दीवारें तैयार करती है और निर्माण प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाती है.

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विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक समय और लागत दोनों को कम करती है तथा निर्माण गुणवत्ता को बेहतर बनाती है. कम धूल, कम शोर और सीमित निर्माण कचरे के कारण इसे टिकाऊ शहरी विकास का मॉडल माना जा रहा है. यही कारण है कि Dholera Investment plan अब निवेशकों के बीच तेजी से चर्चा में है.

इस परियोजना के तहत पहला रिहायशी प्रोजेक्ट धोलरा स्मार्ट सिटी के केंद्रीय क्षेत्र में विकसित किया जाएगा और इसे नेस्टोरिया कंस्ट्रक्शन ब्रांड के तहत लॉन्च किया जाएगा. डेवलपर्स के अनुसार यह मॉडल हाउसिंग प्रोजेक्ट तेज डिलीवरी, किफायती कीमत और अंतरराष्ट्रीय स्तर की निर्माण गुणवत्ता पर आधारित होगा. भविष्य में इस तकनीक से दर्जनों से लेकर सैकड़ों घरों के निर्माण की योजना है, जिससे Best properties in dholera की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

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नेस्टोरिया ग्रुप पिछले 15 वर्षों से रियल एस्टेट क्षेत्र में सक्रिय है और 2018 से धोलरा क्षेत्र में विशेष रूप से कार्य कर रहा है. वहीं The GB Group, जिसकी स्थापना 1988 में हुई थी, निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में दशकों का अनुभव रखता है और समय पर डिलीवरी तथा गुणवत्ता के लिए जाना जाता है. दोनों समूहों की यह साझेदारी अनुभव, तकनीक और दूरदर्शिता का मजबूत संगम मानी जा रही है.

विशेषज्ञों का मानना है कि धोलरा में 3D-प्रिंटेड घरों की शुरुआत भारतीय रियल एस्टेट उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकती है. जैसे-जैसे भारत विकसित भारत 2047 की ओर आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे Dholera Smart City आधुनिक तकनीक और स्मार्ट शहरी योजना के साथ देश के भविष्य का निर्माण करता दिखाई दे रहा है.

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First published on: Feb 26, 2026 02:55 PM

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