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क्यों दिल्ली आकर TMC के बागी सांसदों से मिलना चाहते हैं सुवेंदू अधिकारी?

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदू अधिकारी को लेकर ऐसी खबरें आ रही हैं कि वो दिल्ली आकर तृणमूल कांग्रेसके तकरीबन 20 बागी सांसदों से मुलाकात करना चाहते हैं. आखिर इसके पीछे की वजह क्या है, आइए समझने की कोशिश करते हैं.

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Former TMC MP Meeting: नई दिल्ली में मंगलवार 27 जुलाई को होने वाली एक अहम राजनीतिक मीटिंग होने जा रहा ही है. ये बैठक पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदू अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तकरीबन 20 बीच सांसदों के बीच भविष्य के रिश्तों को तय करने में अहम रोल अदा कर सकती है. ये सभी सांसद हाल ही में बीजेपी के लीडरशिप वाले एनडीए में शामिल हुए हैं.

कहां होगी मीटिंग?

खबरों के मुताबिक, ये मीटिंग दोपहर करीब 1 बजे बंग भवन में हो सकती है, हालांकि सीएम सुवेंदू अधिकारी का फाइनल ट्रैवल प्लान कोलकाता में दिन के पहले के तय कार्यक्रमों पर निर्भर करेगा. सूत्रों ने बताया कि पिछले हफ्ते भी ऐसा ही एक विजिट प्लान किया गया था, जिसे कैंसिल कर दिया गया था.

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मीटिंग का बड़ा मुद्दा क्या है?

माना जा रहा है कि बातचीत इस बात पर फोकस्ड होगी कि सांसद अपने ‘मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलपमेंट स्कीम’ (MPLADS) फंड का असरदार तरीके से इस्तेमाल कैसे करें, साथ ही ये भी एनश्योर करें कि डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स स्टेट की प्रायोरिटीज के हिसाब से हों. फंड के इस्तेमाल के अलावा, नेता विकास कार्यों में तालमेल बिठाने और उन मुद्दों की पहचान करने पर भी चर्चा कर सकते हैं जिन्हें पश्चिम बंगाल के फायदे के लिए संसद के चल रहे मॉनसून सत्र में उठाया जा सके. राजनीतिक जानकारों का मानना ​​है कि ये मीटिंग बंगाल सरकार और बागी टीएमसी सांसदों के बीच उनके राजनीतिक पाला बदलने के बाद एक कामकाजी रिश्ता बनाने की पहली संगठित कोशिश हो सकती है.

टीएमसी ने की बड़ी मांग

ये वक्त इसलिए भी खास है क्योंकि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अभी तक इन सांसदों की नई राजनीतिक एफिलिएशन को औपचारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है, हालांकि उन्हें सदन में अलग बैठने की जगह दी गई है. हाल की संसदीय बैठकों में उनकी भागीदारी की विपक्षी दलों ने आलोचना भी की है. इस बीच टीएमसी ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत स्पीकर के पास जाकर इस घटनाक्रम को चुनौती दी है. अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा समेत पार्टी के कई नेताओं ने इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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इन हालात में 28 जुलाई 2026 की मीटिंग को सिर्फ प्रशासनिक कामकाज से कहीं ज्यादा अहम माना जा रहा है. इससे ये साफ हो सकता है कि बागी टीएमसी सांसद राजनीतिक रूप से कैसे काम करना चाहते हैं, जबकि संसद में उनका आधिकारिक दर्जा अभी भी जांच के दायरे में है.

First published on: Jul 27, 2026 09:15 PM

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