बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। शानदार जीत के बाद अगले दिन ही पार्टी ने अंदर बैठे विरोधियों पर बड़ी कार्रवाई की है। बीजेपी ने बिहार में पूर्व केंद्रीय मंत्री समेत 3 बड़े नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। बीजेपी ने बताया कि यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियां करने के लिए की गई है।
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और नौकरशाह आर के सिंह हाल ही में अपने बयानों को लेकर चर्चा में थे। एक बयान में उन्होंने नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। सरकार पर 62 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। वहीं एक बार आर के सिंह ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को हत्यारा बताया था। इससे बीजेपी के साथ ही जेडीयू की छवि खराब हुई थी। आर के सिंह साल 2013 में बीजेपी में शामिल हुए थे।
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बिहार चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पिछले चुनाव में जेडीयू ने बीजेपी से ज्यादा सीटें हासिल की थीं। इस वजह नीतीश कुमार बीजेपी के बड़े भाई कहे जाते थे। लेकिन इस बार बाजी उलटी हो गई है। बीजेपी और जेडीयू में 101-101 सीटों का बंटवारा हुआ था। इसमें बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत हासिल की तो जेडीयू ने 85 सीटों पर।
यह भी पढ़ें: बीजेपी का ‘स्ट्राइक रेट जादू’, गुजरात के गढ़ से बिहार की मिट्टी तक 85% से 88% की छलांग का राज क्या?
हालांकि बीजेपी के एक्शन के जवाब में आरके सिंह ने अपना इस्तीफा भेज दिया. बिहार कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आरके सिंह मनमोहन सिंह के कार्यकाल में गृह सचिव थे. वे 2013 में भाजपा में शामिल हुए और 2014 और 2019 में आरा से दो बार सांसद चुने गए. 2017 में उन्हें मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में ऊर्जा मंत्री बनाया गया. 2024 के लोकसभा चुनाव में वे यह सीट हार गए.
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। शानदार जीत के बाद अगले दिन ही पार्टी ने अंदर बैठे विरोधियों पर बड़ी कार्रवाई की है। बीजेपी ने बिहार में पूर्व केंद्रीय मंत्री समेत 3 बड़े नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। बीजेपी ने बताया कि यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियां करने के लिए की गई है।
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और नौकरशाह आर के सिंह हाल ही में अपने बयानों को लेकर चर्चा में थे। एक बयान में उन्होंने नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। सरकार पर 62 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। वहीं एक बार आर के सिंह ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को हत्यारा बताया था। इससे बीजेपी के साथ ही जेडीयू की छवि खराब हुई थी। आर के सिंह साल 2013 में बीजेपी में शामिल हुए थे।
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बिहार चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पिछले चुनाव में जेडीयू ने बीजेपी से ज्यादा सीटें हासिल की थीं। इस वजह नीतीश कुमार बीजेपी के बड़े भाई कहे जाते थे। लेकिन इस बार बाजी उलटी हो गई है। बीजेपी और जेडीयू में 101-101 सीटों का बंटवारा हुआ था। इसमें बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत हासिल की तो जेडीयू ने 85 सीटों पर।
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हालांकि बीजेपी के एक्शन के जवाब में आरके सिंह ने अपना इस्तीफा भेज दिया. बिहार कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आरके सिंह मनमोहन सिंह के कार्यकाल में गृह सचिव थे. वे 2013 में भाजपा में शामिल हुए और 2014 और 2019 में आरा से दो बार सांसद चुने गए. 2017 में उन्हें मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में ऊर्जा मंत्री बनाया गया. 2024 के लोकसभा चुनाव में वे यह सीट हार गए.